सिहोरा आईटीआई और आप
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । दिन था 15 मार्च 2022 मध्यप्रदेश की विधानसभा का सत्र चल रहा था और उस सत्र में सिहोरा विधायक ने सिहोरा में आईटीआई खोलने की मांग सत्र के अंदर की। जवाब में मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने सिहोरा में आईटीआई खोलने की घोषणा विधानसभा के अंदर की । परंतु सिहोरा में खुलने वाला आईटीआई कुंडम में खुल गया । परिणाम यह हुआ कि सिहोरा में इस बात का जमकर विरोध हुआ । यूं कहे तो सिहोरा विधायक नंदनी मरावी का भी लोगों ने खुलकर विरोध दर्ज कराया ।
फिर अफरा-तफरी मची, नगर पालिका चुनाव सामने था। एक आंदोलनकारी वर्ग बार-बार इस बात को उठा रहा था । फिर पहल शुरू हुई मुख्यमंत्री से सिहोरा में भी आईटीआई खोलने की बात की गई और नगर पालिका चुनाव के पूर्व सिहोरा विधायक द्वारा विधिवत यह प्रेस नोट जारी किया गया कि सिहोरा में आईटीआई केंद्र खुलने का प्रस्ताव कैबिनेट की मंजूरी के लिए चला गया है ।
यह सब कुछ हुआ सिहोरा की जनता और आम जनों द्वारा ठीक नगर पालिका चुनाव के पहले बनाए गए दबाव के कारण। विश्वस्त सूत्रों की माने तो तब से अब तक सिहोरा में आईटीआई आने की कई बार मांगे मुख्यमंत्री जी से की जा चुकी है। इन सब का आज अर्थ क्या है? वास्तव में आईटीआई केंद्र खोले जाने का दबाव सामूहिक रूप से सोशल मीडिया में आम जनों में बहुत तेजी से 15 मार्च 2022 के बाद किया गया था। आज भी वही स्थिति है अब विधानसभा चुनाव सामने है, सिहोरा अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष करता नजर आ रहा है जहां-जहां आमजन दबाव बनाने में सफल हो रहे हैं उपलब्धियां लगातार पा रहे है । नई तहसीलें, नई नगर पंचायत, नए जिले धड़ाधड़ सरकार बनाती जा रही है फिर हम सिहोरा वाले इतने शांत क्यों, इतने गैर जिम्मेदार क्यों, इतने सोए हुए क्यों? आपका सिहोरा जिला बनाने का हक रखता है तो आगे आने की जवाबदारी से आप पीछे क्यों? आपके द्वारा आगे बढ़ाया गया एक कदम आने वाली पीढ़ी के संघर्षों के हजारों कदमों की दूरियों को समाप्त करने वाला हो सकता है ।



