मध्य प्रदेश

सागौन व अन्य प्रजाति के वृक्षों पर चल रही बेरहम कुल्हाड़ी और आरा, सो रहे पहरेदार, धड़ल्ले से हो रही अवैध कटाई

रिपोर्टर : कुंदनलाल चौरसिया
ग़ौरझामर । ग़ौरझामर रहली, ढाना,देवरी वन परिक्षेत्र की सभी बीटो में वन विभाग की मिली भगत से इस समय वेशकीमती सागौन और भी अन्य प्रजाति के वृक्षों पर वन माफियो द्वारा बड़ी वेरहमी से कुल्हाड़ी और आरा चलाई जा रही है।धड़ल्ले से कट रहे जंगलों में वन माफिया द्वारा खुल कर गुंडागर्दी से हो रही है जिसके कारण अवैध कटाई के चलते वनों को वीरान बनाया जा रहा है जिसमें कुछ हद तक स्वयं वन विभाग की कार्यशैली नजर आ रही हैं मगर आज घने जंगलों का अस्तित्व खतरे में प्रतीत होता हुआ नज़र आ रहा है दिन दहाड़े और रात के अंधेरे में होने वाली अंधा धुंध कटाई के दस फीसदी मामले अभी तक वन अमले की नजर में नही आ रहे हैं।
दक्षिण वन मण्डल के वन परिक्षेत्र ढाना के ग्राम छेवला के निवासी गुड्डा पिता नन्नू पटैल ने वन परिक्षेत्र अधिकारी ढाना,व अनुविभागीय अधिकारी वन मण्डल रहली एवं दक्षिण वन मण्डल जिला अधिकारी सागर को लिखित आवेदन दिए हैं आवेदन पत्र में यह भी उल्लेख किया है आवेदक के हक में 60 डिसमिल कृषि भूमि हैं जिसमे सागौन के चार पेड़ थे सुबबूल गुलतर्रा के भी अनेक एवं करीब 8 बांस के झोरा लगे हुए थे जिसमें से एक पटैल परिवार जो अपनी गुंडागर्दी व शराब पीकर आसपास रहने वाले सभी लोगों को धौस दिखाते हैं कुछ लोग तो इनकी गुंडागर्दी मारपीट यहां तक कि जान से मारने की धमकी सुनकर यहां से दूर जाकर रहने लगे हैं। इतना ही नही इस पटैल परिवार ने तीन सागौन के पेड़ सुबबूल गुलतर्रा के करीब दस पेड़ एवं बांस के करीब पंद्रह पेड़ जो करीब 40 हाथ लम्बे थे सभी चोरी से काट लिये और यहां से उठाकर बेच डाले इस सम्बंध में गुड्डा पिता नन्नू पटैल ने एक लिखित आवेदन रहली थाना में विगत 18 मई 2023 को दिया है।जब निजी भूमि में लगे सागौन वृक्ष ही सुरक्षित नही तो जंगलो के अंदर की तस्वीर ही कुछ और होगी, वेशकीमती सागौन के पेड़ों की बलि तो छेवला में रहने वाला पटैल परिवार जिसकी गुंडागर्दी दारुखोरी की चर्चायें तो आम हो गयी है और सागौन पेड़ो का कटाई करके माफियो को बेचने का कारोबार लम्बे समय से करते आ रहे हैं।इस पटैल परिवार से स्वयं गुड्डा पटैल व अपने परिवार की सुरक्षा हेतु रहली पुलिस से गुहार लगाई है दक्षिण वन परिक्षेत्र ढाना, वन मण्डल अधिकारी रहली एवं दक्षिण वन मण्डल अधिकारी सागर को भी लिखित आवेदन पत्र देने जा रहा है। पीड़ित परिवार ने अपने स्वामित्व की भूमि में लगे सागौन के वृक्षों को अवैध रूप से काटने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की मांग की है।

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