मध्य प्रदेश

सीएम राइज स्कूल मे नहीं मिलता मीनू के अनुसार मध्यांह भोजन, जमीन मे बैठे बच्चे खुद प्लेट धोते नजर आये बच्चे

ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
तेंदूखेड़ा । बच्चे रोज स्कुल आ सके इसलिए सरकार ने बच्चो को मिड डे मिल योजना के तहत दोपहर मे भोजन देने की योजना बनाई। इस योजना मे रोज अलग अलग मीनू के अंनुसार भोजन देने का प्रावधान है। यह भोजन महिलाओ द्वारा समूह बनाकर दिया जाता है और सरकार द्वारा तय राशि इन्ही महिलाओ के द्वारा बनाया गए स्व सहायता समूह के खातो मे आती है। इतनी सुविधाएं होने के बाबजूद भी समूह द्वारा भोजन भोजन मे गुणवत्ता तथा पोष्टीकता को अनदेखा किया जा रहा है। तेंदूखेड़ा मे वार्ड क्रमांक 9 मे बने मॉडल हाइस्कूल मे प्राथमिक एवं माध्यमिक कक्षाओं मे मिल रहे मिड डे के तहत मिलने वाले भोजन मे लापरवाही नजर आयी प्राथमिक शाला मे जननी स्व सहायता समूह द्वारा भोजन बनाया जाता है और इसकी अध्यक्ष दुर्गा नामदेव है। प्राथमिक शाला मे करीब 136 बच्चे है। ये बच्चे जमीन मे बैठ कर भोजन करते है और खुद प्लेटे धोते है।ज़ब समूह की महिलाये बच्चो को भोजन परोस रही थी तब वे चम्मच से नही बल्कि चावलो को हाथ से उठाकर परोस रही थी।आज कड़ी चावल बनाये गए थे।वही माध्यमिक शाला मे भोजन माँ भारती स्व सहायता समूह द्वारा दिया जाता है। भोजन के समय मौजूद हजारी मेडम ने बताया की इनकी अध्यक्ष संगीता जैन है और हमारे यह कुल बच्चे 161 है। यह भोजन मे कड़ी चावल मिले थे यहा पर देखने को मिला की समूह की महिलाये दोबारा बच्चो ने अगर सब्जी मांगी तो वे बच्चो को चिल्लाकर शांत कर देती है बच्चो ने बताया की यहा पर आलू भटा की सब्जी के अलावा दूसरी सब्जी नहीं मिलती है जबकि मीनू मे सब्जियों का अलग अलग प्रावधान है। माध्यमिक शाला के बच्चो ने बताया की प्लेटे हम लोग ही धोते है। जबकि पानी पिलाने प्लेटे धोने की जिम्मेदारी समूह की महिलाओ की रहती है। समूह संचालक सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अनुसार कार्य नहीं कर रहे है और बच्चो के हक पर खुले आम डाका डाला जा रहा है।
सीएम राइज स्कुल के प्राचार्य हेतराम अहिरवार ने बताया की प्लेटे समूह की महिलाये ही धोयेगी दोनों समूहों को लिखित नोटिस दिया जायेगा, बैठने की भी उचित ब्यवस्था भी की जाएगी। बच्चो से चिल्लाकर बात करने पर भी कार्यवाही की जाएगी।

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