सेहतगंज की एक शराब अश्वनी से छोड़े गए जहरीले पानी से जीवनदायनी बेतवा नदी का पानी हुआ दूषित, लाखों मछलियां जल जीव मरे
नागरिकों ने उठाई इस मामले की जांच की मांग दोषियों पर की जाए कानूनी कार्यवाही
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन। क्षेत्र की जीवनदायिनी बेतवा नदी में अचानक आए जहरीले पानी ने लाखों मछलियों और जल जीवों की जान ले ली। साथ ही बेतवा नदी का पानी भी दूषित और काला हो गया। वहीं बेतवा नदी के आसपास बसे गांव के लोगों द्वारा जब इस पानी का उपयोग किया तो उनके हाथ पैरों में खुजली होने लगी ।ग्राम अमरावत के आसपास बेतवा नदी में और घाट किनारे मृत मछलियों और जलीय जीवों को मरा देख ग्रामीण परेशान हो उठे।इस मामले में खास बात यह भी कि जिन लोगों को यह पता नहीं कि मछलियां सहित अन्य जलीय जीव जंतु जहरीले पानी के कारण मर रहे हैं।वे लोग शाम तक तड़पती मछलियों का शिकार कर ले जा रहे थे। जिससे उनको भी नुकसान होने का खतरा है।ग्रामीण बताते हैं कि यह पहली बार नहीं हुआ है। हर साल बारिश की शुरुआत में नदी में जहरीला पानी छोड़ा जाता है। ग्रामीण इसे सेहतगंज स्थित सोम शराब फैक्ट्री जिम्मेदारों को दोषी ठहरा रहे हैं। ग्रामीणों का साफ कहना है कि यह कोई नया मामला नहीं है ।हर साल की तरह इस साल भी बारिश के समय ही सोम फैक्ट्री सेहतगंज से फैक्ट्री के पीछे जंगल से होकर आड़े टेढिया पुल सेहतगंज में काले झोरे में बीयर एवं शराब फैक्ट्री सेहतगंज का कई मिलियन गंदा दूषित कैमिकल युक्त जहरीला पानी काले झोरे से होता हुआ बेतवा नदी में मिल जाता है।जहरीला पानी छोडे जाने के कारण यह मछलियां और जलीय जीव तड़प तड़प कर मर गए हैं।। ग्रामीण पर्वत केवट,फोटू रैकवार ने बताया कि सोम फैक्ट्री सेहतगंज से जहरीला पानी बेतवा नदी में छोड़ा गया। जिससे लाखों मछलियां गर गईं और जलीय जीव भी मर गए। हर साल यही होता है, लेकिन जिला व पुलिस प्रशासन के कोई भी जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं करते बल्कि मामले की लीपापोती में लगे रहते है। ग्रामीणजनों ने फिर एक बार जिला कलेक्टर अरविंद दुबे, स्वास्थ्य मंत्री डॉ प्रभुराम चौधरी, जिले के प्रभारी मंत्री अरविद भदौरिया ,मप्र पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भोपाल ,पुलिस अधीक्षक विकाश कुमार शाहवाल से दूषित हुई बेतवा नदी मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने के बाद शराब फैक्ट्री सेहतगंज के जिम्मेदारों के विरूद्ध कड़ी कानूनी कार्यवाही की मांग की है।



