सोमेश्वर धाम पर जल नही चढ़ा पाई उमाभारती, संकल्प नही हुआ पूरा, छलका दर्द
रायसेन । श्रावण के अंतिम सोमवार भाजपा की वरिष्ठ नेता पूर्व मुख्यमंत्री उमाभारती का संकल्प आज पूरा नहीं हों पाया। मीडिया से बातचीत में उनका यह दर्द साफ दिखाई दे रहा था लेकिन अपने दर्द को दबाते हुए उन्होंने कहा कि अब केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार हैं फिर वह क्यों गेट का ताला तोड़े। सावन के आखिरी सोमवार को रायसेन पहुंची सुश्री उमा भारती सोमेश्वर धाम पर जल नही चढ़ा पाई । रायसेन किले पर स्तिथ सोमेश्वर धाम शिव मंदिर पर शाम होने के कारण पुलिस प्रशासन ने पुरातत्व विभाग के नियम कायदों का हवाला देते हुए उमा भारती को किले पर जाने से रोक दिया ।
नाराज़ उमा भारती ने किले के बंद गेट पर जल का लौटा रख कर वापस लौट गई। प्रशासन पर उमा भारती का आरोप रहा कि श्रावण के आखिरी सोमवार को मंदिर में जल चढ़ाने की उन्होंने जिला प्रशासन को पहले ही सूचना दी गई थी। वह रायसेन किले पर स्थित सोमेश्वर मंदिर के ताले खुलवाने के लियें दो महीने अन्न भी त्याग कर चुकी थी पिछले एक साल से शिव मंदिर के ताले खुलवाने के लिए वह लगातार प्रयासरत हैं।
मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि देश में इस प्रकार के तीन और धार्मिक स्थलों की सूचना मुझे दी गई थी जहां कोई विवाद नही हैं। इसके बावजूद मंदिर पुरातत्व विभाग के नियमो के कारण बंद है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य में हमारी सरकार हैं। इसके बाद भी अब में गेट या ताला तोड़ यह अशोभनीय है।



