धार्मिक

17 या 18 सितंबर कब रखा जाएगा संतान सप्तमी व्रत : पं. हरिनारायण शास्त्री

रिपोर्टर : सतीश मैथिल
सांचेत । 17 या 18 सितंबर कब रखा जाएगा संतान सप्तमी व्रत पं हरिनारायण शास्त्री बताते हैं शुभ मुहूर्त ​भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि के दिन संतान सप्तमी व्रत रखा जाता है और हिंदू धर्म में इस व्रत का विशेष महत्व माना गया है सनातन धर्म में प्रत्येक व्रत व त्योहार का खास महत्व होता है और भाद्रपद माह में भी कई महत्वपूर्ण व्रत आते हैं. जिनमें जन्माष्टमी, राधाष्टमी के साथ ही संतान सप्तमी व्रत भी शामिल है जैसा कि इस व्रत के नाम से ही स्पष्ट है कि यह व्रत संतान के लिए रखा जाता है. इस दिन महिलाएं संतान की सुख—समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना से उपवास रखती हैं. लेकिन इस बार संतान सप्तमी व्रत की सही तारीख को लेकर लोगों के मन में काफी कंफ्यूजन है. ऐसे में पं हरिनारायण शास्त्री बताते है आखिर किस दिन रखा जाएगा संतान सप्तमी व्रत और क्या है पूजा का शुभ मुहूर्त
संतान सप्तमी व्रत कब रखा जाएगा
पंडित हरिनारायण शास्त्री बताते हैं कि भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि के दिन संतान सप्तमी व्रत रखा जाता है. वैदिक पंचांग के अनुसार यह तिथि 17 सितंबर को सुबह 10 बजकर 48 मिनट पर शुरू होगी और 18 सितंबर को दोपहर 1 बजकर 1 मिनट पर समाप्त हो जाएगी. हिंदू धर्म में व्रत उदयातिथि के अनुसार रखे जाते हैं और उदयातिथि के अनुसार संतान सप्तमी का व्रत 17 सितंबर ओर 18 सितंबर को रखा जाएगा
संतान सप्तमी के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त 17 सितंबर को सुबह 10 बजकर 48 मिनट से रखा जाएगा ओर अगर आप 18 सितंबर को संतान सप्तमी का व्रत रख रहे हैं तो इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 7 बजकर 45 मिनट से लेकर 9 बजकर 18 मिनट तक रहेगा. इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त में भी पूजा करना फलदायी माना गया है और यह मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 51 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 40 मिनट तक रहेगा.
संतान सप्तमी पर अंक 7 का होता है खास महत्व
संतान सप्तमी के दिन 7 अंक का विशेष महत्व माना गया है. इस दिन शिव-पार्वती का पूजन किया जाता है और उन्हें 7 मीठी पूड़ियों का भोग लगाया जाता है. पूजा के समय डोरा बांधने की परंपरा है यानी 7 गांठों वाला कलावा. इस दौरान भगवान शिव को 7 गांठ वाला कलावा या चांदी का कड़ा रखकर पूजा की जाती है

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