परिसीमन में साईंखेड़ा विधानसभा पुनः अस्तित्व में आ सकती है

रिपोर्टर : कमलेश अवधिया
साईंखेड़ा । नए परिसीमन को लेकर मध्य प्रदेश में चर्चाएं लगातार तेज होती जा रही हैं और इसी बीच कुछ क्षेत्रों को लेकर खास संभावनाएं भी सामने आ रही हैं। माना जा रहा है कि परिसीमन के बाद कई नई विधानसभा सीटें अस्तित्व में आ सकती हैं और कुछ पुरानी सीटों को फिर से पुनर्जीवित किया जा सकता है।
इसी क्रम में नरसिंहपुर जिले में साईंखेड़ा क्षेत्र को लेकर यह चर्चा जोर पकड़ रही है, साईंखेड़ा विधानसभा पुनः अस्तित्व में आ सकती है, इसका राजनीतिक महत्व रहा है, भौगोलिक स्थिति और जनसंख्या संतुलन इसे मजबूत दावेदार बनाते हैं ऐतिहासिक रूप से यह क्षेत्र विधानसभा के रूप में मौजूद रहा है और एक बार फिर पुनः साईंखेड़ा विधानसभा बनने की संभावना है इसमें साईंखेड़ा तहसील के अलावा सालेचौंका राजस्व सर्कल के गांव सम्मिलित हो सकते हैं, हरदा जिले के खिरकिया (खिड़कियां) क्षेत्र को लेकर भी यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि यहां एक नई विधानसभा बनने की पूर्ण संभावना है। क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और जनसंख्या संतुलन इसे मजबूत दावेदार बनाते हैं।
वहीं नर्मदापुरम जिले के इटारसी क्षेत्र को लेकर भी यह माना जा रहा है कि इटारसी विधानसभा फिर से अस्तित्व में आ सकती है। पहले भी इसका राजनीतिक महत्व रहा है, इसलिए परिसीमन में इसे पुनः स्थापित किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
विधानसभा के रूप में मौजूद रहा है और अब एक बार फिर
कुल मिलाकर, परिसीमन के बाद इन क्षेत्रों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं और साईंखेड़ा, खिरकिया व इटारसी जैसे क्षेत्रों में नई या पुनः स्थापित विधानसभा सीटों की मजबूत संभावना बनी हुई है। हालांकि अंतिम निर्णय Delimitation Commission of India के आंकड़ों और मानकों पर ही निर्भर करेगा।



