31 जुलाई 2023 : सावन का चौथा सोमवार कल, जानिए शिव पूजा की विधि, शुभ योग, मुहूर्त और जलाभिषेक का महत्व
Astologar Gopi Ram : आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
—-••●☆सब शिव है☆●••—-
🔮 31 जुलाई 2023 : सावन का चौथा सोमवार कल, जानिए शिव पूजा की विधि, शुभ योग, मुहूर्त और जलाभिषेक का महत्व
💎 सावन सोमवार रुद्राभिषेक मुहूर्त
भगवान शिव के रुद्राभिषेक के लिए सावन माह को बहुत ही उत्तम माना जाता है. सावन के चौथे सोमवार पर रुद्राभिषेक के लिए सुबह 07:26 तक ही का मुहूर्त है. रुद्राभिषेक करने से घर पर सुख-समृद्धि आती है और भक्तों के सभी संकट दूर हो जाते हैं.
👉🏽 सावन के चौथे सोमवार बनेंगे 3 शुभ योग
सावन के चौथे सोमवार पर सुबह 7:26 तक शिववास नंदी में रहेंगे. इस दिन रवि योग, प्रीति योग और विष्कम्भ योग भी रहेगा.
🧾 पंचांग के अनुसार, पूरे साल में 12 और अधिकमास लगने पर 13 महीने होते हैं, जिसमें सावन माह का सबसे अधिक महत्व होता है. धार्मिक ग्रंथों में भी सावन महीने के महत्व और महिमा का बखान किया गया है. सावन का महीना भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना, जलाभिषेक और व्रत के लिए समर्पित है.
🤷🏻♀️ वहीं इस साल तो सावन महीने में अद्भुत योग भी बना है, जिस कारण सावन 59 दिनों का है और भक्त पूरे 8 सावन सोमवारी का व्रत रखेंगे. दरअसल इस साल सावन में ही अधिकमास या मलमास लगा है, जिस कारण सावन की अवधि दो महीने मान्य होगी. सावन की शुरुआत 04 जुलाई 2023 को हुई थी और इसका समापन 31 अगस्त 2023 को होगा. अब तक पवित्र माह सावन के तीन सोमवार बीत चुके हैं और चौथे सावन सोमवार का व्रत-पूजन 31 जुलाई 2023 को किया जाना है.
⚛️ चौथे सावन सोमवार का मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, 31 अगस्त को यानी सावन के चौथे सोवार पर शिववास नंदी पर होगा, जिसे बहुत ही शुभ माना जाता है. 31 जुलाई को शिववास सुबह 07:26 तक ही रहेगा. शिववास का नंदी में होना रुद्राभिषेक के लिए उत्तम माना जाता है. ऐसे में जो लोग सावन के चौथे सोमवार को रुद्राभिषेक करना या कराना चाहते हैं, वह सुबह 07:26 तक रुद्राभिषेक कर सकते हैं. इस मुहूर्त में किए रुद्राभिषेक का लाभ मिलता है।
🕉️ चौथा सावन सोमवार शुभ योग
31 जुलाई को सावन के चौथे सोमवार के दिन शुभ योग भी बनेंगे. इस दिन सुबह 05:42 से शाम 06:58 तक रवि योग रहेगा. रवि योग को शुभ कार्य, व्रत, पूजा आदि के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है. इस योग में किए पूजा-पाठ से मान-सम्मान और धन-समृद्धि में बढ़ोतरी होती है. इसके साथ ही इस दिन विष्कम्भ योग भी बनेगा. यह योग सुबह से लेकर रात 11:05 तक रहेगा और इसके बाद प्रीति योग शुरू हो जाएगा. प्रीति योग को भी बहुत ही शुभ माना गया है. ऐसे में सावन के चौथे सोमावर पर शिवजी की पूजा के पूरे दिन ही शुभ मुहूर्त रहेगा. लेकिन रुद्राभिषेक के लिए सुबह 07:26 तक ही मुहूर्त है.
🍱 सावन सोमवार पूजा विधि और सामग्री
भगवान शिव के भक्त केवल फल और पानी का सेवन करके सावन सोमवार का व्रत रखते हैं. वे सूखे मेवे, मेवे, साबूदाना, सिंघाड़ा आटा, लौकी, आलू, शकरकंद, दूध, पनीर और घी का भी सेवन कर सकते हैं. दूध, दही, घी, गंगाजल और शहद का मिश्रण – बिल्व/बेल के पत्तों के साथ चढ़ाते हैं. उपासक रुद्राक्ष माला भी पहनते हैं और प्रत्येक सोमवार को श्रावण सोमवार व्रत कथा का पाठ करते हैं. भक्तों को सलाह दी जाती है कि वे ब्रह्म मुहूर्त के दौरान उठें, अशुद्धियों से छुटकारा पाने के लिए घर को साफ करें और व्रत के दिन घर के चारों ओर गंगाजल छिड़कें. सावन सोमवार सामग्री में जल, दही, दूध, चीनी, घी, शहद, पंचामृत, वस्त्र, जनेऊ, चंदन, कच्चे चावल, फूल, बेल पत्र/पत्ते, भांग, धतूरा, कमल गट्टा, प्रसाद, पान सुपारी, लौंग, इलाइची शामिल हैं. इसके अतिरिक्त, भगवान शिव की पूजा में हल्दी, केतकी का फूल और तुलसी के पत्ते वर्जित हैं.
🗣️ सावन सोमवार मंत्र
भगवान शिव के भक्त सावन सोमवार पूजा के दौरान ओम नमः शिवाय और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें. साथ ही इस शुभ दिन पर मंदिरों और अपने घरों में शिव आरती करें.



