Aaj ka Panchang आज का पंचांग सोमवार, 31 जुलाई 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
सोमवार 31 जुलाई 2023
31 जुलाई 2023 दिन सोमवार को अधिक श्रावण मास के शुक्ल पक्ष कि त्रयोदशी उपरांत चतुर्दशी तिथि है। आज मलमास का श्रावण शुक्ल पक्ष का अति ही दुर्लभ सोमवार का व्रत है। जिसमें किया गया शिव पूजन प्रदोष के सामान फल देता है। आज सूर्य देवता पुष्य नक्षत्र के चतुर्थ चरण में प्रवेश कर जायेंगे। आप सभी सनातनियों को श्रावण सोमवार व्रत की हार्दिक शुभकामनायें।।
महा मृत्युंजय मंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।
☄️ दिन (वार) – सोमवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से पुत्र का अनिष्ट होता है शिवभक्ति को भी हानि पहुँचती है अत: सोमवार को ना तो बाल और ना ही दाढ़ी कटवाएं ।
सोमवार के दिन भगवान शंकर की आराधना, अभिषेक करने से चन्द्रमा मजबूत होता है, काल सर्प दोष दूर होता है।
सोमवार का व्रत रखने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है, वैवाहिक जीवन में लम्बा और सुखमय होता है।
जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाएं, इससे भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है परिवार से रोग दूर रहते है।
सोमवार के दिन शिव पुराण के अचूक मन्त्र “श्री शिवाये नमस्तुभ्यम’ का अधिक से अधिक जाप करने से समस्त कष्ट दूर होते है. निश्चित ही मनवाँछित लाभ मिलता है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर वर्षा
🌤️ मास – श्रावण मास
🌝 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – श्रावण मास शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि 07:26 AM तक उपरांत चतुर्दशी तिथि 03:52 AM तक उपरांत पूर्णिमा
✏️ तिथि स्वामी – चतुर्दशी तिथि के देवता हैं शंकर।चतुर्दशी तिथि में भगवान देवदेवेश्वर सदाशिव की पूजा करके मनुष्य समस्त ऐश्वर्यों से समन्वित हो जाता है ।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा 06:58 PM तक उपरांत उत्तराषाढ़ा
🪐 नक्षत्र स्वामी – नक्षत्र का स्वामी शुक है तो राशि स्वामी शुक्र।पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का देवता अप: देवी अधिष्ठात्री देवी हैं।
📢 योग – विष्कुम्भ योग 11:04 PM तक, उसके बाद प्रीति योग
⚡ प्रथम करण : तैतिल 07:27 AM तक
✨ द्वितीय करण : गर 05:42 PM तक, बाद वणिज 03:52 AM तक, बाद विष्टि
🔥 गुलिक काल : – सोमवार का शुभ (गुलिक काल) दोपहर 1:30 से 3 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – सोमवार को पूर्व दिशा का दिकशूल होता है ।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से दर्पण देखकर, दूध पीकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सुबह -7:30 से 9:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:18 ए एम से 05:00 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:39 ए एम से 05:42 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:00 पी एम से 12:54 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:43 पी एम से 03:37 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:13 पी एम से 07:34 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 07:13 पी एम से 08:16 पी एम
💧 अमृत काल : 02:41 पी एम से 04:07 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:07 ए एम, अगस्त 01 से 12:49 ए एम, अगस्त 01
❄️ रवि योग : 05:42 ए एम से 06:58 पी एम
🚓 यात्रा शकुन- मीठा दूध पीकर यात्रा करें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ सौं सोमाय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-शिव मंदिर में छैने से बनी मिठाई चढ़ाएं।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय- पलाश के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार : रवि योग/ पूर्णिमा प्रारंभ उ. रात्रि 03.51, स्वतंत्रता सेनानी अमर शहीद ऊधम सिंह पुण्य तिथि, मुंशी प्रेमचंद जयंती, दामोदर धर्मानंद कोसंबी जयन्ती, मोहन लाल सुखाड़िया जयन्ती, मुमताज जयंती, स्वतंत्रता सेनानी आशुतोष दास पुण्य तिथि, भारतीय पार्श्वगायक मोहम्मद रफ़ी स्मृति दिवस, चाबहार दिवस, विश्व रेंजर दिवस (World Ranger Day)
✍🏼 विशेष – चतुर्दशी तिथि को शहद त्याज्य होता है। चतुर्दशी तिथि को एक क्रूरा तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं चतुर्दशी तिथि को उग्रा तिथि भी माना जाता है। यह चतुर्दशी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह चतुर्दशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ और कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है। इस चतुर्दशी तिथि के देवता भगवान शिवजी हैं।
🏘️ Vastu Tips 🏚️
वास्तु शास्त्र में आज हम बात करेंगे अनाज भंडारण व डायनिंग रूम के बारे में। होटल में रसोई के सामान की खरीददारी इकट्ठी ही कर ली जाती है। इस सारे सामान को रखने के लिए एक भंडार घर की जरूरत पड़ती है जहां पर सुरक्षित ढंग से अनाज और बाकी सामान को रखा जाता है। अगर आप रसोईघर में ही अनाज भंडारण के लिए जगह बनाना चाहते हैं तो इसके लिए रसोईघर का वायव्य कोण सबसे अच्छा रहता है। इस कोण में सामान रखने से सब व्यवस्थित भी रहता है और आपके भंडार घर में कभी किसी चीज की कमी भी नहीं रहती।
अगर कोई सामान ऐसा है जो आपको बहुत लंबे समय तक रखना है तो इसके लिए नैत्रत्य कोण का चुनाव करना अच्छा रहता है। इसके अलावा अगर आप रसोईघर से अलग भंडारण का कमरा बनवाना चाहते हैं तो इसके लिए दक्षिण-पश्चिम, दक्षिण या पश्चिम दिशा का चुनाव करना चाहिए। जबकि डाइनिंग हॉल के लिए पश्चिम दिशा का चुनाव करना बेहतर ऑप्शन है।
▶️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
बिल्ली का रोना इस बात का संकेत देता है कि कुछ गड़बड़ है। ऐसा माना जाता है कि बिल्ली घर में नकारात्मक ऊर्जा लाती है। तंत्र-मंत्र करने वाले बिल्ली को काली शक्ति का प्रतीक मानते हैं। बिल्ली का बार-बार घर में आना अशुभ माना जाता है। बिल्ली के रोने की आवाज बहुत डरावनी होती है।
इससे मन में डर पैदा होता है। अगर बिल्ली घर में आकर रोने लगे तो माना जाता है कि घर के किसी सदस्य के साथ कोई अनहोनी होने वाली है। ऐसा माना जाता है कि बिल्ली भविष्य में होने वाली घटनाओं को पहले ही भांप लेती है। बिल्लियों का आपस में लड़ना धन हानि और गृहकलह का संकेत देता है। बिल्ली का बायीं ओर से रास्ता काटना भी अशुभ माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि जिस काम के लिए आप जा रहे हैं वह सफल नहीं होता है।
शास्त्रों के अनुसार अगर बिल्ली चुपके से आपके घर आकर दूध पी जाए तो समझें आपको धन हानि वाली है। लेकिन अगर यही बिल्ली दिवाली के दिन आपके घर पर आए तो यह एक शुभ संकेत माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन घर पर बिल्ली के आने से साल भर घर में धन का आगमन होता है
🫗 आरोग्य संजीवनी 🥛
छाछ सुबह के समय छाछ पीने से पाचन तंत्र अच्छे से काम करता है। प्रोबायोटिक्स, मिनरल्स और विटामिन से भरपूर छाछ पीने से न सिर्फ गट हेल्थ सुधरती है बल्कि आप एनर्जेटिक भी रहेंगे। जो लोग अक्सर पेट खराब रहने से समस्या से जूझते हैं उन्हें अपनी डाइट में छाछ शामिल करनी चाहिए।
अचार को फर्मेंट करके बनाया जाता है, जिस वजह से इसमें गुड बैक्टीरिया होते हैं जो पेट की सेहत के लिए अच्छे हैं। बिना सिरके वाला अचार ही खाना चाहिए क्योंकि जिन अचार को बनाने में सिरके का प्रयोग होता है उनमें लाइव बैक्टीरिया नहीं होते हैं।
पनीर फर्मेंट करके बनाए गए पनीर में लाइव बैक्टीरिया होते हैं। लेकिन अगर पनीर को फर्मेंट किए बिना बनाया गया है को उसमें प्रोबायोटिक्स नहीं होंगे। चीज (cheese) की कई वैरायटी ऐसी हैं जो गट हेल्थ के लिए अच्छी हैं, इनमें मोजेरेला, स्विस और चेडर चीज का नाम आता है।
🌹 गुरु भक्ति योग 🌸
बला,अतिबला विद्या क्या होती है जो कि विश्वामित्र ने राम को सिखाई थी?
बला और अतिबला श्री राम को प्रदान करते समय स्वयं विश्वामित्र ने इसकी निम्नलिखित विशेषताएं श्री राम को बताई –
👉🏽 उद्धरण –
बला और अतिबला नामसे प्रसिद्ध इस मन्त्र-समुदायको ग्रहण करो। इसके प्रभावसे तुम्हें कभी श्रम (थकावट) का अनुभव नहीं होगा। ज्वर (रोग या चिन्ताजनित कष्ट) नहीं होगा। तुम्हारे रूपमें किसी प्रकारका विकार या उलट-फेर नहीं होने पायेगा॥ १३ ॥
‘सोते समय अथवा असावधानी की अवस्था में भी राक्षस तुम्हारे ऊपर आक्रमण नहीं कर सकेंगे। इस भूतल पर बाहुबल में तुम्हारी समानता करने वाला कोई न होगा॥ १४ ॥
‘तात! रघुकुलनन्दन राम! बला और अतिबलाका अभ्यास करनेसे तीनों लोकोंमें तुम्हारे समान कोर्इ नहीं रह जायगा॥ १५ ॥
अनघ! सौभाग्य, चातुर्य, ज्ञान और बुद्धिसम्बन्धी निश्चयमें तथा किसीके प्रश्नका उत्तर देनेमें भी कोर्इ तुम्हारी तुलना नहीं कर सकेगा॥ १६ ॥
इन दोनों विद्याओंके प्राप्त हो जानेपर कोई तुम्हारी समानता नहीं कर सकेगा; क्योंकि ये बला और अतिबला नामक विद्याएँ सब प्रकारके ज्ञानकी जननी हैं॥ १७ ॥
‘नरश्रेष्ठ श्रीराम! तात रघुनन्दन! बला और अतिबलाका अभ्यास कर लेनेपर तुम्हें भूख-प्यासका भी कष्ट नहीं होगा; अत: रघुकुलको आनन्दित करनेवाले राम! तुम सम्पूर्ण जगत्की रक्षाके लिये इन दोनों विद्याओंको ग्रहण करो॥ १८ १/२ ॥
‘इन दोनों विद्याओंका अध्ययन कर लेनेपर इस भूतलपर तुम्हारे यशका विस्तार होगा। ये दोनों विद्याएँ ब्रह्माजीकी तेजस्विनी पुत्रियाँ हैं॥ १९ ॥
स्रोत : बाल काण्ड, अध्याय संख्या २२, वाल्मीकी रामायण
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⚜️ चतुर्दशी तिथि को भगवान शिव का ज्यादा-से-ज्यादा पूजन, अर्चन एवं अभिषेक करना करवाना चाहिये। सामर्थ्य हो तो विशेषकर कृष्ण पक्ष कि चतुर्दशी तिथि को विद्वान् वैदिक ब्राह्मणों से विधिवत भगवान शिव का रुद्राभिषेक करवाना चाहिये। आज चतुर्दशी तिथि में भगवान् शिव का रुद्राभिषेक यदि शहद से किया करवाया जाय तो इससे मारकेश कि दशा भी शुभ फलदायिनी बन जाती है। जातक के जीवन कि सभी बाधायें निवृत्त हो जाती है और जीवन में सभी सुखों कि प्राप्ति सजह ही हो जाती है।
जिस व्यक्ति का जन्म चतुर्दशी तिथि को होता है वह व्यक्ति नेक हृदय का एवं धार्मिक विचारों वाला होता है। इस तिथि को जन्मा जातक श्रेष्ठ आचरण करने वाला होता है अर्थात धर्म के मार्ग पर चलने वाला होता है। इनकी संगति भी उच्च विचारधारा रखने वाले लोगों से होती है। ये बड़ों की बातों का पालन करते हैं तथा आर्थिक रूप से सम्पन्न होते हैं। देश तथा समाज में इन्हें उच्च श्रेणी की मान-प्रतिष्ठा प्राप्त होती है।


