आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शुक्रवार 28 जून 2024
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
🌌 दिन (वार) – शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाकर उन्हें पीले चन्दन अथवा केसर का तिलक करें। इस उपाय में मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं।
शुक्रवार के दिन नियम पूर्वक धन लाभ के लिए लक्ष्मी माँ को अत्यंत प्रिय “श्री सूक्त”, “महालक्ष्मी अष्टकम” एवं समस्त संकटो को दूर करने के लिए “माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नमो का पाठ” अवश्य ही करें ।
शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी को हलवे या खीर का भोग लगाना चाहिए ।
शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह की आराधना करने से जीवन में समस्त सुख, ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है बड़ा भवन, विदेश यात्रा के योग बनते है।
🌐 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
🕉️ शिवराज शक 351
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर वर्षा ऋतु
🌤️ मास – आषाढ़ मास
🌘 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – शुक्रवार आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष। सप्तमी तिथि 04:27 PM तक उपरांत अष्टमी
📝 तिथि स्वामी : सप्तमी तिथि के देवता हैं चित्रभानु। सप्तमी तिथि को चित्रभानु नाम वाले भगवान सूर्यनारायण का पूजन करने से सभी प्रकार से रक्षा होती है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र पूर्वभाद्रपदा 10:10 AM तक उपरांत उत्तरभाद्रपदा
🪐 नक्षत्र स्वामी – पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र का स्वामी ग्रह बृहस्पति होता है। इसके संरक्षक देवता नाग अजयपाद हैं।
⚜️ योग – सौभाग्य योग 09:38 PM तक, उसके बाद शोभन योग
⚡ प्रथम करण : विष्टि – 05:32 ए एम तक बव – 04:27 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : बालव – 03:22 ए एम, जून 29 तक कौलव
🔥 गुलिक काल : – शुक्रवार को शुभ गुलिक प्रात: 7:30 से 9:00 तक ।
⚜️ दिशाशूल – शुक्रवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से दही में चीनी या मिश्री डालकर उसे खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -दिन – 10:30 से 12:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:13:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:47:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:05 ए एम से 04:46 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:26 ए एम से 05:26 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:57 ए एम से 12:52 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:44 पी एम से 03:40 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:22 पी एम से 07:42 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 07:23 पी एम से 08:23 पी एम
💧 अमृत काल : 04:17 ए एम, जून 29 से 05:48 ए एम, जून 29
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:05 ए एम, जून 29 से 12:45 ए एम, जून 29
❄️ रवि योग : 05:26 ए एम से 10:10 ए एम
🚓 यात्रा शकुन-शुक्रवार को मीठा दही खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:।
💁🏻♀️ आज का उपाय-लक्ष्मी मंदिर में छैने से बनी मिठाई चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-गूलर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – रवियोग/शुक्रोदय पश्चिम, कालाष्टमी, पंचक जारी, भारत के पूर्व प्रधानमंत्री पी. वी. नरसिंह राव जन्म दिवस, महावीर चक्र’ से सम्मानित कैप्टन नीकेझाकू स्मृति दिवस, ग़रीब दिवस, सेंट विटस दिवस, आंतरराष्ट्रीय योग दिवस, अंतर्राष्ट्रीय शारीरिक भेदन दिवस, अंतर्राष्ट्रीय पीकेयू दिवस, राष्ट्रीय नग्नता दिवस, राष्ट्रीय बीमा जागरूकता दिवस, राष्ट्रीय माइग्रेन और सिरदर्द जागरूकता माह
✍🏼 विशेष – सप्तमी तिथि को आँवला त्याज्य बताया गया है। सप्तमी तिथि मित्रप्रद तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं यह सप्तमी तिथि एक शुभ तिथि भी मानी जाती है। इस सप्तमी तिथि के स्वामी भगवान सूर्य देवता हैं। यह सप्तमी तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह सप्तमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायीनी मानी जाती है। इस सप्तमी तिथि को सुबह सर्वप्रथम स्नान करके भगवान सूर्य को सूर्यार्घ देकर उनका पूजन करना चाहिये। उसके बाद आदित्यह्रदयस्तोत्रम् का पाठ करना चाहिये। इससे जीवन में सुख, समृद्धि, हर्ष, उल्लास एवं पारिवारिक सुखों कि सतत वृद्धि होती है। सप्तमी तिथि में भगवान सूर्य की पुजा करने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
🛕 Vastu tips 🏚️
सूर्य का अंगारक योग : जब भी जन्म कुण्डली के किसी भाव में सूर्य मंगल की युति हो , सूर्य शनि की युति हो, सूर्य राहु की युति हो , तो इन सब में सूर्य का अंगारक दोष बनता है। इस के इलावा इन्ही ग्रहो की सूर्य से सातवे भाव में स्थिति भी सूर्य के फल खराब करती है। यानी ऐसे योग वाले के बोस उस से कभी खुश नहीं होते। खास कर इन चीज़ों के पैदा होने से, जैसे कि सूर्य मंगल युति वाला अपना खुद का घर बना ले और इस युति का उपाये ना करवाये तो जैसे ही ज़मीन / घर उस के नाम हुआ उस के कुछ ही दिनों बात उसका बोस उसको परेशानी देना शुरू कर देता है यानी उस दिन से सूर्य मंदा हो जाता है। इसी तरह सूर्य शनि युति वाला जब खुद के घर में नोकर रख ले तो उस के कुछ ही दिन बाद उसको बोस की तरफ से परेशानी शुरू हो जाती है यानी सूर्य मंदा हो जाता है। इसी तरह सूर्य राहु युति वाला जब भी घर में किसी भी तरह के मरम्मत के कार्य करवाये तो उस के कुछ ही दिन बाद सूर्य मंदा हो जाता है यानी बोस से परेशानी आनी शुरू हो जाती है।
बोस और पिता से संबंध सुधारने के उपाये : खास कर जब भी पिता से संबंध खराब हो तो एक चीज़ आप देखोगे कि घर का चन्द्र खराब है यानी पिता को मन मुताबिक उठने बैठने को जगह नहीं मिलती, साथ ही उनको समय पर भोजन ना मिलना। अगर आपकी जन्म कुंडली में सूर्य अशुभ या कमज़ोर है तो पिता के वस्त्र पुराने जमाने के या वस्त्र धुले ना मिलना ऐसी समस्या होगी तो उपाये भी इसी से संबंधित होगा कि पिता के रहने के स्थान पर साफ सफाई हो और खाना समय पर मिले और पिता को अच्छी ब्रांड के वस्त्र खरीदने में मदद करें। इसी तरह यदि बोस से परेशानी है तो कभी कभी खाने की चीज़ घर से बना कर लेकर जाएं और सम्मान से उनको खाने को दें।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
एक-दूसरे की कमियों को स्वीकार करें- एक अच्छे रिलेशनशिप की निशानी होती है कि आप एक दूसरे की कमियों को दिल से स्वीकार कर लेते हैं। कई बार रिश्ता बनने के बाद और साथ रहने के बाद एक दूसरे की कमियां नजर आती हैं। लेकिन जो अच्छे कपल होते हैं वो इन कमियों को नजरअंदाज नहीं करते बल्कि दिल से अपना लेते हैं।
ब्लेम नहीं करते- किसी भी गलती का आरोप दूसरे पर लगाना सबसे आसान काम होता है। अक्सर लोग एक दूसरे पर ब्लेम गेम खेलते हैं। लेकिन जो हैप्पी कपल्स होते हैं वो कभी भी एक-दूसरे पर आरोप- प्रत्यारोप नहीं लगाते हैं। ऐसे लोग झगड़े में पुरानी बातों को बताकर अपने आप को सही नहीं ठहराते हैं। बल्कि मौजूदा लड़ाई को खत्म करने की सोचते हैं।
🍾 आरोग्य संजीवनी 🍶
नाभि के ऊपर पेट दर्द का घर पर ही इलाज कैसे करें प्रभावित क्षेत्र को गर्म करें। 10-15 मिनट के लिए दर्द: गर्म सेंक चिकनी मांसपेशियों को आराम करने और दर्द को कम करने में मदद करेगा। गर्म अदरक की चाय पिएं: गर्म अदरक की चाय मांसपेशियों को आराम देने और पेट, पाचन विकारों के कारण होने वाले दर्द को कम करने में मदद करती है…
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
एक पुरानी तिब्बती कथा है कि दो उल्लू एक वृक्ष पर आ कर बैठे। एक ने साँप अपने मुँह में पकड़ रखा था। भोजन था उनका, सुबह के नाश्ते की तैयारी थी। दूसरा एक चूहा पकड़ लाया था। दोनों जैसे ही वृक्ष पर पास-पास आकर बैठे। एक के मुँह में साँप, एक के मुँह में चूहा। साँप ने चूहे को देखा तो वह यह भूल ही गया कि वह उल्लू के मुँह में है और मौत के करीब है। चूहे को देख कर उसके मुँह में रसधार बहने लगी। वह भूल ही गया कि मौत के मुँह में है। उसको अपनी जीवेषणा ने पकड़ लिया। और चूहे ने जैसे ही देखा साँप को, वह भयभीत हो गया, वह काँपने लगा। ऐसे ही मौत के मुँह में फसा है, मगर साँप को देख कर काँपने लगा। वे दोनों उल्लू बड़े हैरान हुए। एक उल्लू ने दूसरे उल्लू से पूछा कि भाई, इसका कुछ राज समझे ? दूसरे ने कहा, बिलकुल समझ में आया। जीभ की, रस की, स्वाद की इच्छा इतनी प्रबल है कि सामने मृत्यु खड़ी हो तो भी दिखाइ नही पड़ती। और यह भी समझ में आया कि भय मौत से भी बड़ा है: मौत सामने खड़ी है, उससे यह भयभीत नहीं है चूहा, लेकिन भय से भयभीत है कि कहीं साँप हमला न कर दे।’
मौत से हम भयभीत नहीं हैं, हम भय से ज्यादा भयभीत हैं। और लोभ स्वाद का, इंद्रियों का, जीवेषणा का इतना प्रगाढ़ है कि मौत चौबीसों घंटे खड़ी है, तो भी हमें दिखाई नहीं पड़ती। हम अंधे बने हुये हैं। पूरी जिंदगी की यही सच्चाई है कि हम सभी काल के मुख में फसे हुए हैं किंतु अपने इंद्रियों के वसीभूत होकर लोभ रस की, स्वाद की इच्छा, तृष्णा,वासना इतनी प्रबल रखते हैं कि भूल जाते हैं कि मौत सामने खड़ी है और कब उसका निवाला बन जाए।
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⚜️ सोमवार और शुक्रवार कि सप्तमी विशेष रूप से शुभ फलदायी नहीं मानी जाती बाकी दिनों कि सप्तमी सभी कार्यों के लिये शुभ फलदायी मानी जाती है। सप्तमी को भूलकर भी नीला वस्त्र धारण नहीं करना चाहिये तथा ताम्बे के पात्र में भोजन भी नहीं करना चाहिये। सप्तमी को फलाहार अथवा मीठा भोजन विशेष रूप से नमक के परित्याग करने से भगवान सूर्यदेव कि कृपा सदैव बनी रहती है।
शास्त्र के अनुसार जिस व्यक्ति का जन्म सप्तमी तिथि में होता है, वह व्यक्ति बहुत ही भाग्यशाली होता है। इस तिथि में जन्म लेनेवाला जातक गुणवान और प्रतिभाशाली होता है। ये अपने मोहक व्यक्तित्व से लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने की योग्यता रखते हैं। इनके बच्चे भी गुणवान और योग्य होते हैं। धन धान्य के मामले में भी यह व्यक्ति काफी भाग्यशाली होते हैं। ये संतोषी स्वभाव के होते हैं और इन्हें जितना मिलता है उतने से ही संतुष्ट रहते हैं।

