मध्य प्रदेश

नवरात्र पर्व नजदीक, गांव में फैला गंदगी का अम्बार

ग्राम पंचायत महनेर का मामला
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान।
जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत महनेर के पूरे गांव में जगह-जगह गंदगी पसरी हुई है लेकिन हैरानी की बात तो यहां है कि दो दिनों बाद ही नवरात्र पर्व प्रारंभ होने वाला है लेकिन इससे न तो सचिव को मतलब है और न ही सरपंच को। स्थिति यह निर्मित हो गई है कि गांव के लोग खुद ही अपनों घरों के सामने झाडू लगा रहे है।
उल्लेखनीय है कि हर माह तरह-तरह के बिल लगाकर पैसा आहरित किया जाता है जिसमें साफ-सफाई मद का भी पैसा होता है लेकिन उपरोक्त मद का पैसा आहरित करने के बाद भी सरपंच किरण पटेल और सचिव सुनील तिवारी के द्वारा संबंधित कार्य नहीं करवाये जाते है और उपरोक्त पैसों की बंदरबांट कर ली जाती है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई माह से गांव में सफाई नहीं करवाई गई है और नवरात्र पर्व नजदीक होने के बाद भी पंचायत द्वारा सफाई नहीं करवाई जा रही है।
पंचायत में लटका रहता है ताला
सरकार द्वारा आमजन को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान करने के लिये लगातार प्रयास किये जा रहे है लेकिन शासन की योजनाओं में पलीता कैसे लगाना है यह महनेर सरपंच और सचिव से सीखा जा सकता है। ग्रामीणों की शिकायत पर जब हमारे संवाददाता ने गांव को मौका मुआवना किया तो ग्रामीणों की बात सही निकली और ग्राम पंचायत में ताला लटकता मिला। ग्रामीणों ने बताया कई-कई दिनों तक सरपंच-सचिव का पता नहीं रहता है। हितग्राही मूलक कार्यों के लिये कई बार भटकना पड़ता है।
पति के इशारे पर चल रही पंचायत
महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिये शासन द्वारा पंचायत चुनाव में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की गई है लेकिन शासन की उपरोक्त व्यवस्था का धरातल में क्या हास्र्य हो रहा है यह जगह-जगह देखने को मिल जायेगा लेकिन ताजा उदाहरण ग्राम पंचायत महनेर में देखने को मिल जायेगा। इस पंचायत में सरपंच तो किरण पटेल पटेल है लेकिन पंचायत की बागडोर उनके पति सुरेन्द्र पटेल के हाथों में है और इन्हीं के इशारे में सचिव नाच रहे है। यहां तक किस हितग्राही का काम करवाना है, किसको शासन की योजनाओं का लाभ देना है, किसका काम नहीं करना यह भी सरपंच पति सुरेन्द्र पटेल ही तय करते है। लिहाजा उपरोक्त वर्णित परिस्थितियों से ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिये लाख प्रयास कर ले लेकिन उसे धरातल में उतारना मुश्किल है।

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