सात दिनों की शिवकथा पुराण में जो अच्छा लगे मन के अंतःकरण में उतार लें : पण्डित प्रदीप मिश्रा
स्थानीय दशहरे मैदान में श्री अमरनाथ सेवा समिति द्वारा त्रिपुंड शिव महापुराण कथा का किया जा रहा आयोजन, कथा सुनने पंडाल में उमड़ने लगे लाखों श्रद्धालु
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन। रायसेन के दशहरे मैदान में श्री अमरनाथ सेवा समिति रायसेन द्वारा आयोजित त्रिपुंड शिवमहापुराण कथा के पहले दिन रविवार को अंतरराष्ट्रीय शिवमहापुराण कथा वाचक पण्डित प्रदीप मिश्रा ने शिवभक्तों से कहा कि सात दिनों में शिवकथा में इंसान को जो सबसे अच्छा लगे उसे मन के अंतःकरण में उसे ग्रहण कर शिव महिमा भक्ति से नाता जोड़ना चाहिए। पहले दिन शिव महापुराण कथा का रसपान करने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ प्रभुराम चौधरी, सिलवानी के भाजपा विधायक रामपाल सिंह राजपूत, दिनेश अग्रवाल बबलू ठाकुर, वैभव अग्रवाल, अर्पण, अर्पित मिश्रा, ब्रजेश चतुर्वेदी ने पूरे विधान के साथ व्यास गादी पूजन कर शिव आरती में हिस्सा लिया। मंच का सफल संचालन आशीष वर्मा सीहोर ने किया। इस दौरान एक तीन वर्ष की नन्हीं बालिका का शिव रूप जनाकर्षण का केंद्र रहा। मुख्य जजमान बने डॉ एसी अग्रवाल उनकी धर्मपत्नी ने। ईशर गौर का स्वरूप प्रवीण मिश्रा ने धरा। पण्डित मिश्रा ने शिवकथा को ऊचाईयां देते हुए कहा कि उच्च पद प्रतिष्ठा व्यक्ति के घमंड को और भी ज्यादा बढ़ा देता है। लेकिन शिव भक्ति सद्कर्म पर लोगों को जनसेवा जैसे काम से जुड़ना चाहिए। हमारी आस्था श्रद्धाभक्ति साधना जप तप मंत्र नाम जाप स्मरण भगवत स्मरण किसी को यह सब सामने नहीं बताना चाहिए। देवर्षि नारद के अहंकार को भी चूर चूर होना पड़ा था। देवर्षि नारद खीर का कटोरा लेकर भगवान शिव भोले बाबा के पास लेकर जाते हैं। बाद में देवर्षि नारद भगवान विष्णु हरि से पूछते हैं कि हे भगवंत मैं सबसे ज्यादा हरि मन नारायण भजता रहता हूँ। मुझे फल प्रताप क्यों नहीं मिलता। विष्णुहरी बोले जब तुम खीर से भरा कटोरा लेकर देवाधिदेव के पास गए तब भगवंत नाम स्मरण जाप कितनी बार जपा। इस इंसान योनि में पुण्य कार्य करें यही सब ऊपर जाएगा।लोग बरसों बरस तुम्हें याद भी करते रहेंगे। पण्डित मिश्रा ने भजन भोले शंभु शरण तेरे… मांगू घड़ी रे घड़ी दुख काटो दया कारी दर्शन पाओ पर श्रद्धालु पंडाल में जमकर झूमे नाचे।




