वन विभाग ने टपरा पठारी में सड़क किनारे वनभूमि पर बने पीएम आवास के 16 पक्के मकान तोड़ने का किया फरमान जारी
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन । वन महकमे के आला अधिकारियों ने टपरा पठारी में सड़क किनारे वनभूमि पर बने पीएम आवास के 16 पक्के मकान तोड़ने का किया फरमान जारी, नवनिर्वाचित सरपंच राकेश बेदी के नेतृत्व में परेशान ग्रामीणजनों ने प्रदेश के वनमंत्री डॉ कुंवर विजय शाह, स्वास्थ्य मंत्री डॉ प्रभुराम चौधरी, डीएफओ अजय कुमार पांडेय, कलेक्टर अरविंद दुबे को आवेदन सौंपकर गरीब ग्रामीणजनों मकान नहीं तोड़े जाने की गुहार लगाई है।फिलहाल डीएफओ व एसीएफ पांडेय ने विभागीय नियम कायदों का हवाला देते हुए यह जानकारी दी गई कि वनविभाग की जमीन पर अतिक्रमण करना कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है। आज नहीं तो कल ग्रामीणजनों को बेदखल कर दिया जाएगा। इस अतिक्रमण के सारे मामले में हम आपकी कोई मदद नहीं कर सकते। उन्होंने नियमों का हवाला देते हुए यह जानकारी दी कि एक दबंग कालोनाइजर ने हरियाणा में एक नई कालोनी विकसित कर फ्लैट बेचकर कमाई कर ली थी। लेकिन हाइकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट दिल्ली के आदेश जारी किए गए हैं। उसे बुलडोजर से तोड़कर वन विभाग को यह बेशकीमती जमीन लौटा दी जाएगी।
सरपंच बेदी बोले बेचारे गरीबों का परिवार कहां चला जाए….
सरपंच राकेश बेदी बोले कि टपरा पठारी भोपाल सागर स्टेट हाइवे किनारे वन विभाग की पूर्वी वनरेंज रायसेन के तहत आती है।यहां पिछले 50 से 60 सालों से पहले पन्नी डालकर झुग्गियों में निवासरत थे।एक दो साल पूर्व ग्राम पंचायत द्वारा 9 लोगों को पट्टे भी दिए गए हैं।इसीलिए पीएम आवास योजना के अंतर्गत नियमानुसार पक्के मकान भी बन गए हैं। यहां बेलदार, राजमिस्त्री बंजारा सेहरिया समाज के गरीब लोगों ने डेरा डाल रखा है।



