मध्य प्रदेश

बीएसएनएल ऑफिस का नहीं है कोई धनीधोरी

सरकारी बिल्डिंग में बाहरी व्यक्ति का कब्जा, जिम्मेदार सो रहे
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान ।
किसी भी संस्थान को बर्बाद करने में वहां पर पदस्थ अधिकारी-कर्मचारी की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है और सरकारी संपत्ति को किस तरह से नुकसान पहुंचाया जाये यह सरकारी नुमाइंदे ही बता सकते है और वर्तमान में जो दुर्दशा बीएसएनएल (भारत संचार निगम लिमिटेड) की हुई है इसमें इनके कर्मचारियों और अधिकारियों का बढ़ा ही योगदान रहा है। शायद यही कारण है कि आज के दौर में टेलीकाम के क्षेत्र में प्राईवेट कंपनियों बीएसएनएल से कई गुना आगे निकल चुकी है। हम बात कर रहे है उमरियापान के टोला रोड बालवी स्थित बीएसएनएल ऑफिस की जहां पर कहने को तो कोई यहां पर पंकज तिवारी नाम का व्यक्ति पदस्थ है और उक्त महोदय का माह में एक-दो बार ही आगमन होता है। उक्त महोदय बिना डयूटी आये ही सैलरी ले रहे है और पंकज तिवारी का कारनामा यही नहीं रूकता बल्कि इनके द्वारा उक्त सरकारी भवन को विमलेश मिश्रा नामक व्यक्ति को किराये पर दे दिया गया है जो अपने परिवार सहित यहां पर निवास करता है।
जिम्मेदारों को मतलब नहीं
उल्लेखनीय है कि मृगयांचल एक्प्रेस के द्वारा तीन दिन पहले भी इस संबंध में एक समाचार प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया गया है इसके बाद भी विभागीय अधिकारियों के कांनों में जूं नहीं रेंगी और आज दिनांक तक इस संबंध में उमरियापान बीएसएनएल ऑफिस में पदस्थ पंकज तिवारी से कोई सवाल जवाब नहीं किये गये है। लिहाजा सरकारी ऑफिस की बिल्डिंग में विमलेश मिश्रा नामक व्यक्ति अपने परिवार के सहित निवास करता है।
वहीं चर्चा इस बात की भी है कि उक्त विमलेश मिश्रा के द्वारा यह कहा जा रहा है कि मैं उमरियापान बीएसएनएल ऑफिस में गार्ड के रूप में पदस्थ हूं । लिहाजा अगर उक्त विमलेश मिश्रा की बात मान भी ली जाये कि वह व्यक्ति यहां पर गार्ड के रूप में पदस्थ है तो फिर करौंदी आश्रम में पर्यवेक्षक की भूमिका में कैसे नौकरी कर रहा है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि विलमेश मिश्रा करौंदी आश्रम में पर्यवेक्षक है और उनके द्वारा करौंदी आश्रम में डयूटी की जाती है। ऐसी स्थिति में उसके द्वारा यह नहीं कहा जा सकता है मैं उक्त सरकारी ऑफिस में गार्ड की नौकरी करता हूं और शासन द्वारा या किसी प्राईवेट कंपनी द्वारा उनको यहां पर पदस्थ किया गया हो तो इस संबंध में नियुक्त पत्र या दस्तावेज दिखाये जाये। वहीं इस मामले में प्रशासन के द्वारा विलमेश मिश्रा के विरूद्ध मामला दर्ज करने के साथ-साथी वसूली की कार्यवाही भी की जा सकती है क्योंकि इनके द्वारा लगभग दो-तीन वर्षों से सरकारी सुविधाओं का अवैध रूप से उपयोग किया जा रहा है जो सरकारी धन आ अपव्य है।
अव्यवस्था ऐसी की नहीं उतारा राष्ट्रीय ध्वज
उमरियापान स्थित बीएसएनएल के ऑफिस की दुर्दशा किसी से छिपी नहीं है और उक्त दुर्दशा का कारण यहां पर पदस्थ पंकज तिवारी बताये जा रहे है। चूंकि उक्त महोदय माह में एक या दो बार ही आते है और इनकी लापरवाही का आलम यह है कि 15 अगस्त को यहां पर ध्वज फहराया गया था लेकिन आज दिनांक तक उक्त ध्वज बीएसएनएल ऑफिस की बिल्डिंग में लगा हुआ है। स्मरण रहे कि राष्ट्रीय ध्वज को 15 अगस्त या 26 जनवरी में फहराने के बाद उतार दिया जाता है लेकिन उक्त महोदय की लापरवाही ऐसी कि इनके द्वारा आज दिनांक तक ध्वज नहीं उतारा गया है।

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