एक प्रयास ग्रुप ने किशोर कुमार को दी संगीतमय श्रद्धांजलि
ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । बहुमुखी प्रतिभा के धनी किशोर कुमार को जितनी महारथ अभिनय में हासिल थी उतनी ही अच्छी आवाज के भी वो धनी थे। बॉलीवुड में बहुत कम हस्तियां ऐसी होंगी जिन्हें हर क्षेत्र में महारत हासिल हो। किशोर कुमार एक बेहतरीन अभिनेता ही नहीं बल्कि एक बेहतरीन गायक भी थे। इसके अलावा किशोर कुमार ने बतौर निर्माता-निर्देशक, गीतकार, स्क्रिप्ट राइटर भी भूमिका भी बखूबी निभाई। किशोर कुमार का जन्म 4 अगस्त 1929 को मध्यप्रदेश के खंडवा में हुआ था। बॉलीवुड में कई सिंगर्स आए और गए लेकिन किशोर कुमार की आवाज का जादू आज भी बरकरार है।
यह प्रयास ग्रुप द्वारा जनपद पंचायत के सभाकक्ष में स्वर्गीय किशोर कुमार की पुण्यतिथि पर संगीतमय श्रद्धांजलि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जनपद अध्यक्ष एवं विधायक प्रतिनिधि पुष्पेंद्र ठाकुर ने व्यक्त करते हुए शब्दों के माध्यम से गायक किशोर कुमार को श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि नपा अध्यक्ष संदीप लोधी ने बताया कि किशोर कुमार का असली नाम आभास कुमार गांगुली था। धनी परिवार में जन्मे किशोर कुमार का बचपन से एक ही सपना था। किशोर अपने बड़े भाई अशोक कुमार से ज्यादा पैसे कमाना चाहते थे। उनके पसंदीदा गायक केएल सहगल थे। किशोर हमेशा से उन्हीं की तरह बनना चाहते थेे। किशोर चार भाई-बहनों अशोक कुमार, सती देवी, अनूप कुमार में सबसे छोटे थे। उनका निधन 13 अक्टूबर 1987 में हुआ था।
कार्यक्रम के शुरू में अतिथियों सहित विशिष्ट अतिथि हिंदू उत्सव समिति अध्यक्ष संजय राय, मुस्लिम त्योहार कमेटी अध्यक्ष शहादत अली, नगर मंडल अध्यक्ष कमल साहू, पूर्व मंडल अध्यक्ष सुरेश ताम्रकार,
भाजपा नेता राकेश भार्गव, भगवान सिंह ठाकुर, पार्षद राजेश यादव अजयसिंह जाट सत्यजीत दुबे आदि सहित एक प्रयास ग्रुप के सदस्यों ने स्वर्गीय किशोर कुमार के क्षेत्रफल पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। राकेश भार्गव और भगवान सिंह ठाकुर ने भी शब्दों के माध्यम से स्वर्गीय किशोर कुमार के जीवन का परिचय कराया।
तत्पश्चात संगीत के माध्यम से श्रद्धांजलि देने के लिए नगर के मशहूर गायक विजय कौशिक द्वारा गाया गीत जिंदगी के सफर में गुजर जाते हैं वो मकाम फिर नहीं आते गीत सुनकर दर्शकों की आंखें नम हो गई। डॉ जितेंद्र सिंह तोमर द्वारा गाया गीत जिंदगी का सफर है यह कैसा सफर कोई समझा नहीं कोई जाना नहीं गीत सुनकर लोग अतीत में पहुंच गए, पवन दुबे द्वारा गाया गया गीत फिजा के फूल पर आती कभी बहार नहीं ने दर्शकों को तालियां बजाने के लिए मजबूर कर दिया, दीपक कटारे मैं अपने चिर परिचित अंदाज में मेरे महबूब कयामत हो गई आज रुसवा तेरी गलियों में मोहब्बत होगी सुनाकर खूब वाहवाही लूटी, आर्केस्ट्रा के मशहूर गायक मिट्ठू सोनी ने हम बेवफा हरगिज़ न थे पर हम वफा कर ना सके गीत सुनाया तो लोग अपनी जवानी के ख्यालों में खो गए ,अनिल नामदेव ने ऐसे ना मुझे देखो सीने से लगा लूंगा, तो नीलेश मिश्रा ने दिल मेरा किसी ने ऐसा तोड़ा बर्बादी की तरफ ऐसा मोड़ा सुनाया वही मनीष सोनी, लक्ष्मण सिंह गुर्जर, संदीप कंडया ने दर्द भरे एवं रोमांटिक गीत प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम में विशेष रूप से रामगोपाल नेमा, हिंदू उत्सव समिति के महामंत्री महेश नेमा, देवेंद्र सिंह ठाकुर, मनोज गुप्ता, बिट्टू यादव, विशाल शिल्पकार, शानू रैकवार, आकाश गोहिल, अमजद खान, गोलू कुराडिया, आनंद शर्मा, सहित अनेकों संगीत प्रेमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर मंच पर उपस्थित जनप्रतिनिधि एवं हिंदू उत्सव समिति, मुस्लिम त्योहार कमेटी के अध्यक्षों का शाल श्रीफल देकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन एक प्रयास ग्रुप के संयोजक विक्रम सिंह ठाकुर ने एवं आभार व्यक्त पवन दुबे ने किया।



