मध्य प्रदेश

फोरलेन सड़क निर्माण में मापदंड के अनुरूप निर्माण सामग्री का नहीं हो रहा उपयोग, आपत्तियां भी नजरअंदाज

गुणवत्ता को लेकर नहीं हो रही माॅनिटरिंग
सिलवानी।
आवागमन आसान हो सके और लोगों को परेषानियों का सामना न करना पडे़ इसको लेकर पूर्व केबिनेट मंत्री एवं विधायक रामपाल सिंह राजपूत ने सड़क चैड़ीकरण, डिवाइडर और नालियों का निर्माण को लेकर 14 करोड़ रूपए की स्वीकृति करवाई थी। इसके बाद टेंडर करवाकर काम भी षुरू करवा दिया था, लेकिन धीमी गति से काम चलने के कारण नागरिकों में आक्रोष पनप रहा है। हालत यह है कि पांच साल बीतने के बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है, परिणाम स्वरूप नागरिकों को परेषानियों का सामना करना पड़ रहा है। निर्माण कार्य और सड़क की एजेंसी इतनी दुर्गति कर देगी, निर्माण एजेंसी की मनमानेपूर्ण तरीके से कार्य किया जा रहा है, जिससे गुणवत्ता की बात करना बेमानी होगी।
बेखबर एमपीआरडीसी के अफसर, कैसे हो रहा मूल्यांकन
एमपीआरडीसी द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्य में निर्माण एजेंसी द्वारा गुणवत्ता को ताक पर रखकर कार्य किया जा रहा है। घटिया निर्माण के चलते नालियां भी क्षतिग्रस्त होने लगी है। निर्माण एजेंसी द्वारा जब निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया था तभी निर्माण कार्य में अनियतिताओं के आरोप लगने लगे थे, आरोपों के बाद विभागीय दल द्वारा निर्माण कार्य का निरीक्षण किया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे निर्माण एजेंसी मनमानी करने से बाज नहीं आ रही है। उल्लेखनीय है कि करीब 5 साल पूर्व आमापानी काॅलोनी से बजरंग चैराहा तक फोरलेन सड़क निर्माण की स्वीकृति तत्कालीन लोनिवि मंत्री रामपाल सिंह राजपूत द्वारा की गई थी। पांच साल बीतने के बाद भी निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो पाया है, सड़क चैड़ीकरण के साथ ही रास्ते के नदी नलों पर पुल-पुलियों का निर्माण भी किया जाना था, लेकिन निर्माण एजेंसी पर अफसरों की अनदेखी के कारण निर्माण कार्य समय पर पूर्ण नहीं हो पा रहा है। नागरिकों ने घटिया निर्माण कार्य की जांच कराने की मांग की है।
दीपावली त्यौहार में दुकान बंद करने मजबूर नागरिक
एक ओर जहां वर्ष में एक बार आने वाले त्यौहार दीपावली के मकान दुकानों की साफ सफाई पुताई कर रंग रोगन किया जा रहा है। वहीं सड़क निर्माण एजेंसी द्वारा सड़क पर डामरीकरण के नाम सड़क की धूल मषीनों से उड़ाई जा रही है। मकानों, दुकानों में भारी मात्रा में धूल भरा रही है। वहीं दीपावली के त्यौहार पर लोग जमकर खरीदी करते है ऐसे में लोगांे को धूल से बचने के लिए अपनी दुकानों को बंद करना पड़ रही है। वहीं कई लोग उड़ती धूल से बीमार हो रहे है। कई लोगों को धूल से एलर्जी है।

Related Articles

Back to top button