धार्मिकमध्य प्रदेश

जहां-जहां सुदामा जी के चरण पड़े उन सभी के भाग्य जाग गए : प्रभु नागर

कथा के बीच में हुआ श्री कृष्ण जन्मोत्सव
ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । कथाओं में ऐसा प्रमाण मिलता है कि सुदामा सिर्फ द्वारकाधीश के घर नहीं गए अपितु सभी के घर गए और जहां-जहां सुदामा जी के चरण कमल पड़े उन सभी के भाग जाग गए, यह ब्राह्मणों की महिमा है। ब्राह्मणों की सेवा करो ब्राह्मणों को आदर दो ब्राह्मणों का तिरस्कार सपने में भी नहीं करना, जब कोई पूजा हो ब्राह्मण देवता को जरूर अपने घर बुलाओ जहां ब्राह्मण देवता आते हैं वहां भगवान भी आते हैं।
ज्ञान गंगा यज्ञ समिति द्वारा उत्कृष्ट स्कूल के मैदान में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन संत श्री प्रभु नागर ने उक्त बात कही। उन्होंने ऑनलाइन कथा के बारे में कहां की कुरुक्षेत्र के मैदान में श्री कृष्ण ने अर्जुन को गीता सुनाई और वही की वही गीता उस समय भी एक चैनल वाला था जिसका नाम था संजय उसके दीव्य दृष्टि थी वह सब हाल महाराज धृतराष्ट को बता रहा था कि महाराज ऐसा हो रहा है बासुदेव ऐसा कह रहे हैं अर्जुन यह पूछ रहा है जो गीता अर्जुन ने सुनी वही की वही गीता संजय के माध्यम से धृतराष्ट ने भी सुनी, धृतराष्ट का भला इसलिए नहीं हुआ कि वह घर बैठा था और अर्जुन का भला इसलिए हो गया कि वह सम्मुख था। और आज कल क्या हो गया की भागवत की कथा चल रही है ऑनलाइन, लोग अपने घर में बैठे हैं और टीवी चल रही है कथा हो रही है भागवत महापुराण बैठी है उसके सामने यू बैठे हैं क्या यह कथा सुनने का तरीका है चाय पीते जा रहे हैं मोबाइल पर बात करते जा रहे हैं, हंसी मजाक भी कर रहे हैं, उधर गुरु जी बोल रहे हैं क्या यह गुरु का सम्मान है। यह घोर अपमान है कथा का भी और गुरु का भी।
उन्होंने कहा कि लोग लगे हैं ऑनलाइन ऑनलाइन कई बार हमारे पास भी प्रस्ताव आते हैं गुरुदेव के पास भी प्रस्ताव आते हैं कि टीवी पर दिखाओ ऑनलाइन दिखाओ यूट्यूब पर दिखाओ हम आपका विशेष सहयोग कर देंगे आपका प्रचार प्रसार कर देंगे हमने कहा कि आप हमें एक करोड़ रुपया भी दे तो भी हम अपनी कथा को कभी ऑनलाइन नहीं दिखाएंगे हमें अपनी कथा का अपमान नहीं कराना है। हमें अर्जुन चाहिए जो सम्मुख हो, सामने होना चाहिए जब धृतराष्ट जैसे घर बैठे हैं उनका कल्याण कैसे होगा बोलो ये ऑनलाइन कथा हमें धृतराष्ट बना रही है, हम घर बैठे हैं धर्म के लिए निकलना कब सीखोगे, गर्व से बोलो चलना कब सिखों के भगवान के लिए।
श्री नागर ने कहा कि अब ऑनलाइन दीक्षा भी, पहले दीक्षा में गुरु यह देखते थे कि वह योग है अयोग है पात्र है या अपात्र है बहुत सारी चीजें देखी जाती थी, लेकिन आजकल बजट देखा जाता है यह देखा जाता है कि हमारे एक लाख शिष्य होना चाहिए, ढाई लाख शिष्य चाहिए, भले ही वह अपात्र हो कपटी हो, जैसि भी हो आदमी हो, हर किसी को दीक्षा दी जा रही है। इसी से सनातन धर्म में यह विघटन पैदा हो रहा है। अमर्यादा और इसके साथ आडंबर लोग भटक रहे हैं। इसी के कारण पंडित बदनाम हो रहे हैं महात्मा और साधु बदनाम हो रहे हैं भागवत व्यासपीठ बदनाम हो रही है यह होना ही नहीं चाहिए जो शास्त्र विदित है जो शास्त्र में लिखा है वही हो, हम फोड़म फारी, प्रतिस्पर्धा, देखा देखी मैं लगे हैं यह कभी नहीं होना चाहिए। क्योंकि जहां सत्संग होता है वहां भगवान आते हैं।
कथा के दौरान ही श्री कृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया जिसमें उपस्थित महिला पुरुष भजनों पर जमकर नाचे, इसी दौरान क्षेत्रीय सांसद रमाकांत भार्गव, मध्य प्रदेश शासन के स्वास्थ्य मंत्री डॉ प्रभुराम चौधरी पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक ठाकुर रामपाल सिंह राजपूत प्रदेश कांग्रेस महामंत्री राजेंद्र सिंह तोमर पूर्व नपा अध्यक्ष प्रतिनिधि मलखान सिंह जाट भी कथा श्रवण करने पहुंचे और श्री नागर जी से आशीर्वाद प्राप्त किया। तथा आरती में भी शामिल होकर धर्म लाभ उठाया।

Related Articles

Back to top button