कलयुग में हनुमान भक्ति करने वाला जीव कभी जीवन में दुखी नहीं होता : वेदाचार्य जी
रिपोर्टर : नरेन्द्र राय
प्रतापगढ़ । तहसील सिलवानी के ग्राम प्रतापगढ़ में श्री रामचरित मानस सम्मेलन की तृतीय दिवस में बीकलपुर से पधारे पंडित श्री वेदाचार्य जी ने श्री हनुमान जी की कथा सुनाई, वेदाचार्य जी ने कहा कि कलयुग में हनुमान भक्ति करने वाला जीव कभी जीवन में दुखी नहीं होता । रामचरितमानस में आज हनुमान जी के बल की कथा सुनाई कहा कि हनुमान जी के वरावर कोई बलवान नहीं और ज्ञानी भी नहीं है इसलिए नित्य दर्शन करें राम जी की तरह आचरण करना चाहिए और बाहर से पधारे हुए विद्वानों ने हनुमान जी की कथा पर प्रकाश डाला । श्री आलोक मिश्रा मानस किंकर कानपुर बालों ने कहां की स्त्री को पति को भगवान मानना चाहिए पुत्रों को माता-पिता को भगवान माना चाहिए वही शिष्य को गुरु को भगवान माना चाहिए। परम पूज्य श्री ब्रह्मचारी महाराज परीक्षा पीठाधीश्वर जी ने कथा में लंका जैसे स्थान पर विभीषण जैसे भक्तों का स्थान रहा कथा में ब्रह्मचारी महाराज ने तुलसी के पौधे की महिमा बताइए तुलसी का पौधा जहां पर होता है वहां पर प्रभु की महिमा बनी रहती है कथा पंडाल में काफी संख्या में श्रद्धालु रहे।




