भारत के महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की जयंती का किया गया आयोजन
ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । नगर के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर विवेकानंदपुरम में गुरुवार को श्रीनिवास रामानुजन की जयंती का आयोजन किया गया जिसमें सर्वप्रथम मां भगवती का तिलक करके एवं रामानुजन जी की पूजन करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया । जिसके बाद सरस्वती वंदना की गई तत्पश्चात विद्यालय की कक्षा अष्टम की बहन नविता लोधी ने गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन के जीवन के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि श्रीनिवास रामानुजन भारतीय गणितज्ञ थे। विश्व के महानतम गणित विचारकों में से एक थे। रामानुजन एक ऐसी प्रतिभा के धनी थे जिन पर न केवल भारत को अपितु पूरे विश्व को गर्व था। मात्र 33 वर्ष की आयु में उन्होंने अपने अद्भुत और विलक्षण ज्ञान से गणित के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण योगदान दिए है जिसके कारण उन्हें पूरे विश्व में एक महान गणितज्ञ के रूप में पहचान दिलाई। तत्पश्चात घोष के प्रांत प्रमुख सतीश अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि, श्रीनिवास रामानुजन का जन्म 22 दिसंबर 1987 को तमिलनाडु के कोयंबतूर जिले के इरोड नामक गांव में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। रामानुजन के बारे में बताया और कहा की रामानुजन वर्ष 1918 में 31 साल की उम्र में ही गणित के 120 सूत्र लिखें।और कहा कि आप सभी भाग्यशाली हैं कि आप भारत की प्रसिद्ध संस्था सरस्वती शिशु मंदिर के अंग है शिक्षा के साथ संस्कार देना शिशु मंदिर की पहचान है। तत्पश्चात विद्यालय की गणित प्रभारी दीदी रागिनी जैन ने भैया बहनों को गणित के कंपास के सभी बस्तुओं चांदा, परकार,सेट स्कवेयर आदि की जानकारी प्रस्तुत की तत्पश्चात विद्यालय के प्राचार्य प्रकाश शर्मा ने सभी भैया बहनों को कहा कि गणित विषय एक ऐसा विषय है जिसके माध्यम से दुनिया की हर चीज को आसानी से सॉल्व कर सकते हैं और कहा कि गणित के क्षेत्र में विद्यार्थी आगे जाता है तो हर क्षेत्र उसके लिए आसान हो जाते हैं, सभी भैया बहनों को आशीष वचन देकर अतिथियों का आभार व्यक्त किया।




