रोशनी ने परिवार को रोशन कर दिया, प्रथम प्रयास में की पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण
रिपोर्टर : राजकुमार रघुवंशी
उदयपुरा । सच ही कहा जाता है कि “प्रतिभा किसी की मोहताज नही होती है ।” उदयपुरा के समीपस्थ छोटे से गाँव बारहकला की बिटिया रोशनी चढ़ार ने यह कर दिखाया है । इस परिवार के मुखिया परषोत्तम चढ़ार हैं वह अपनी पत्नी, पुत्री रोशनी और पुत्र अंकित के साथ उदयपुरा स्थित पुराने जर्जर सरकारी भवन में रहते हैं, यही रहकर मजदूरी कर अपने परिवार का भरण- पोषण किया और स्वयं अशिक्षित होते हुए भी शिक्षा की महत्ता को समझते हुए बच्चों को पढ़ाया । पुत्री रोशनी ने न्यू सर्वोदय विद्यालय से वर्ष 2018 में गणित संकाय से 85 प्रतिशत अंक प्राप्त कर 12 वी उत्तीर्ण की । इसके बाद परिवार आर्थिक स्थिति एवं अशिक्षित होने के कारण सामाजिक मान्यता वश रोशनी को पढ़ाई के लिए बाहर नही भेजना चाहता था । संस्था प्राचार्य रामकुमार रघुवंशी की समझाइश पर परिवार डाइट रायसेन से डीएड कराने पर सहमत हुआ । डीएड करने के बाद शिक्षक पात्रता परीक्षा की तैयारी में फिर वही आर्थिक स्थिति एवं पारिवारिक बन्धन आड़े आये तब रोशनी पीछे नही रुकी और घर पर ही रहकर तैयारी करती रही । जहाँ बड़े बड़े शहरों में महँगी कोचिंग कर सफलता नही मिल पाती वही रोशनी ने घर पर रहकर ही प्रथम प्रयास में ही अच्छे अंक अर्जित कर परीक्षा उत्तीर्ण कर चयन सूची में अपना नाम दर्ज कराया । रोशनी का भाई अंकित भी न्यू सर्वोदय विद्यालय से 2020 में 85 प्रतिशत अंको के साथ 12वी उत्तीर्ण होकर सागर से बीफार्मा कर रहा है । पिता पुरुषोत्तम कहते हैं कि रोशनी ने हमारे घर को रोशन कर दिया । न्यू सर्वोदय विद्यालय के प्राचार्य रामकुमार रघुवंशी कहते हैं कि संस्था को भी ऐंसी जरूरतमंद प्रतिभाओं के सहियोग का अवसर प्राप्त होता रहा है और इससे जो सन्तोष प्राप्त हुआ है उसे शब्दों में व्यक्त नही कर सकता । शाला परिवार , समाजसेवियों एवं शुभचिंतकों ने रोशनी के लिए बधाई , शुभकामनाएँ दी ।



