Aaj ka Panchang आज का पंचांग शुक्रवार, 20 जनवरी 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शुक्रवार 20 जनवरी 2023
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
🔱 20 जनवरी 2023 दिन शुक्रवार को माघ मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी एवं चतुर्दशी तिथि है। आज मासशिवरात्रि व्रत है। आज जैन लोगों का मेरुत्रयोदशी व्रत है। आज बंगाल में “रात्रिव्यापिनी” रटन्तीकलिका पूजन किया जाता है। आप सभी सनातनियों को मासशिवरात्रि व्रत की हार्दिक शुभकामनायें।
🌌 दिन (वार) – शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाकर उन्हें पीले चन्दन अथवा केसर का तिलक करें। इस उपाय में मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं।
शुक्रवार के दिन नियम पूर्वक धन लाभ के लिए लक्ष्मी माँ को अत्यंत प्रिय “श्री सूक्त”, “महालक्ष्मी अष्टकम” एवं समस्त संकटो को दूर करने के लिए “माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नमो का पाठ” अवश्य ही करें ।
शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी को हलवे या खीर का भोग लगाना चाहिए ।
शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह की आराधना करने से जीवन में समस्त सुख, ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है बड़ा भवन, विदेश यात्रा के योग बनते है।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ अयन- उत्तरायण
🌦️ ऋतु – सौर शिशिर ऋतु
🌤️ मास – माघ मास
🌗 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – त्रयोदशी 07:21 AM बजे तक उपरान्त चतुर्दशी तिथि है।
✏️ तिथि स्वामी : त्रयोदशी के देवता हैं त्रयोदशी और शिव। जयप्रदा अर्थात विजय देने वाली कामदेव।
💫 नक्षत्र – मूल 10:43 AM तक उपरान्त पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र है।
🪐 नक्षत्र स्वामी : मूल नक्षत्र का स्वामी ग्रह केतु है तो वहीं राशि स्वामी गुरु है।
📢 योग – व्याघात 17:48 PM तक उपरान्त हर्षण योग है।
⚡ प्रथम करण : वणिज – 09:59 ए एम तक विष्टि – 08:10 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : शकुनि – 06:17 ए एम, जनवरी 21 तक
⚜️ दिशाशूल – शुक्रवार को पश्चिम दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो दही खाकर यात्रा कर सकते है।
🔥 गुलिक काल : शुक्रवार का (अशुभ) गुलिक काल 08:34 ए एम से 09:53 ए एम
🤖 राहुकाल (अशुभ) – सुबह 10:30 बजे से 12:00 बजे तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:40:38
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:20:32
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:27 ए एम से 06:21 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:54 ए एम से 07:14 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:11 पी एम से 12:53 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:18 पी एम से 03:01 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:47 पी एम से 06:14 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 05:50 पी एम से 07:10 पी एम
💧 अमृत काल : 05:28 ए एम, जनवरी 21 से 06:52 ए एम, जनवरी 21
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:05 ए एम, जनवरी 21 से 12:59 ए एम, जनवरी 21
🚓 यात्रा शकुन-शुक्रवार को मीठा दही खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏻 आज का मंत्र-ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-शिवलिंग का दुग्धाभिषेक करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-गूलर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – मासशिवरात्रि, मेरु त्रियोदशी (जैन), रतनजी टाटा जन्मोत्सव, अभिनेता देवानंद को भारतीय सिनेमा योगदान दिवस, राजनेता श्रीपति मिश्रा जन्म दिवस, (परमवीर चक्र सम्मानित भूतपूर्व भारतीय सैनिक) लांस नायक करम सिंह स्मृति दिवस, स्वतंत्रता सेनानी तेज बहादुर सप्रू शहिद दिवस, बाॅलीवुड अभिनेत्री परवीन बाबी पुण्य तिथि, अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म समारोह दिवस (10 दिवसीय), मूल समाप्त
✍🏼 विशेष:- त्रयोदशी तिथि को बैंगन त्याज्य होता है। अर्थात आज त्रयोदशी तिथि में भूलकर भी बैंगन की सब्जी या भर्ता नहीं खाना चाहिए। त्रयोदशी तिथि जयकारी अर्थात विजय दिलवाने वाली तिथि मानी जाती है। यह त्रयोदशी तिथि सर्वसिद्धिकारी अर्थात अनेकों क्षेत्रों में सिद्धियों को देनेवाली तिथि मानी जाती है। यह त्रयोदशी तिथि जया नाम से विख्यात मानी जाती है। यह त्रयोदशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ और कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी होती है।
🏘️ Vastu tips 🏚️
मेरी दादी ने मुझे बताया कि वास्तु एक घर और हमारे जीवन में नकारात्मक और सकारात्मक ऊर्जा को संतुलित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हर घर ऊर्जा से भरा होता है और अगर घर में वस्तुओं का स्थान और कमरों का निर्माण घर की ऊर्जा के अनुसार नहीं होता है, तो यह घर में वास्तु दोष बनाता है। ऐसा माना जाता है कि एक वास्तु–संगत घर पेशेवर सफलता, धन, स्वास्थ्य आदि लाता है, जबकि वास्तु दोष वाला घर बहुत नुकसान कर सकता है। अब तुम जानते हो वास्तु दोष क्या है।
आइए अब मैं आपको बताता हूँ घर में वास्तु दोष के कुछ लक्षण
उत्तर पश्चिम वास्तु दोष के लक्षण – रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ वैमनस्य, कानूनी समस्याएं, दुश्मनी, आदि।
दक्षिण पूर्व वास्तु दोष के लक्षण – महिलाओं के लिए मन की शांति नहीं, घर में कोई शुभ कार्य नहीं, चोरी का भय, आग का भय, या स्वास्थ्य समस्याएं, आदि।
दक्षिण पश्चिम वास्तु दोष के लक्षण – पत्नी और पति के बीच संबंध, बुरी आदतें, चोरी / धन की हानि, भारी खर्च, विवाह में देरी आदि।
उत्तर पूर्व वास्तु दोष के लक्षण – व्यावसायिक आदेशों की अस्वीकृति, कानूनी विवाद, धन की रुकावट, असाध्य रोग, दुर्घटनाएं, बार–बार सर्जरी, बच्चों का बुरा व्यवहार, तलाक का मामला, व्यावसायिक विवाद, पारिवारिक विवाद, आदि।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
चीनी सर्दियों में चीनी का सेवन, शरीर के लिए कई प्रकार से नुकसानदेह हो सकता है। चीनी से मतलब आप सिर्फ मीठी चीजों से न समझें बल्कि, हाई कैलोरी वाली उन चीजों से भी समझें जिनसे शरीर का शुगर लेवल बढ़ाते हैं। जैसे कि आलू। ऐसा इसलिए भी होता है कि चीनी को पचाने के लिए शरीर को एक्सरसाइज करना बेहद जरूरी है। ताकि, इंसुलिन बढ़े और शुगर पचाने में मदद मिले।
घी और तेल घी और तेल का सेवन सर्दियों के दिनों में तेजी से बढ़ जाता है। दरअसल, सर्दियों में लोग पराठे, पकौड़ियां और तमाम प्रकार के फ्राइड फूड्स खाते हैं। इससे शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड की मात्रा तेजी से बढ़ती है। इससे बैली फैट बढ़ता है और ये वाला बैली फैट घटाना बाकी दिनों की तुलना मुश्किल हो जाता है।
दोबारा गर्म की हुई चीजें दोबारा गर्म की हुई चीजों का सेवन धीमे-धीमे आपके शरीर के लिए जहर का काम करता है। ये चीजें आपकी सेहत को नुकसान पहुंचाते हैं और मेटाबोलिर रेट कम कर देते हैं। साथ ही आपके इंसुलिन प्रोडक्शन को घटाते हैं और ब्लड शुगर को असंतुलित कर देते हैं। इससे शरीर को नुकसान होने लगता है।
🧉 आरोग्य संजीवनी 🍶
स्पर्म मोटिलिटी और क्वालिटी
स्पर्म मोटिलिटी और क्वालिटी अंडकोष, हार्मोनल असंतुलन या क्रोमोसोमल दोषों की वजह से भी हो सकता है। इसके अलावा टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी, लंबे समय तक अनाबोलिक स्टेरॉयड का उपयोग, कैंसर की दवा जैसी कुछ दवाएं कभी-कभी स्पर्म मोटिलिटी और क्वालिटी को भी प्रभावित करते हैं।
डायबिटीज और किडनी से जुड़ी बीमारियों के कारण
स्पर्म की क्वालिटी कुछ बीमारियों के रोगियों में भी प्रभावित रहती है। कि किडनी फेल्योर की बीमारी में, लिवर की बीमारी या जिन लोगों में डायबिटीज कंट्रोल में नहीं रहता है।
लाइफस्टाइल से जुड़ी ये गलतियां
लाइफस्टाइल से जुड़ी ये गलतियां जैसे औद्योगिक रसायनों के ज्यादा संपर्क में रहना, भारी चीजों को उठाना, तम्बाकू का सेवन, धूम्रपान करना और अंडकोष के अधिक गर्म होने जैसे पर्यावरणीय कारक शुक्राणु मापदंडों को खराब कर सकते हैं।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
इस संसार का हर व्यक्ति इस समय सुखी जीवन की कामना करता है. लेकिन कई बार ऐसे हालात बन जाते हैं, जिससे आप के जीवन में समस्याएं आ जाती है. इसको लेकर भी आचार्य श्री गोपी राम के द्वारा शास्त्रों में उपाय बताए गए हैं. उन्होंने इसको लेकर जीवन के गूढ़ रहस्यों और सुख के साधनों के बारें में बताया है. उनके शब्द भले ही कठोर हो लेकिन इनका पालन करने वाला हर व्यक्ति सुखी रहता है।
इसके अलावा ये व्यक्ति समाज में अपनी अलग पहचान बनाता है और अपने कुल का नाम ऊंचा करते हैं. ऐसी ही कुछ शिक्षा पर हम भी चर्चा करेंगे, जिसमे उन्होंने बताया है कि सुखी जीवन के लिए किन चीजों का त्याग करना चाहिए।
आचार्य श्री गोपी राम की इस बात का रखें ध्यान
यस्य स्नेहो भयं तस्य स्नेहो दुःखस्य भाजनम् ।
स्नेहमूलानि दुःखानि तानि त्यक्तवा वसेत्सुखम् ।।
इस श्लोक का अर्थ हैं, ” जिसका डर स्नेह है.उसका प्यार ही दुःख की वजह से है. ऐसे में मोह इस इस मूल को छोड़ कर सुखी रहना चाहिए.
इस श्लोक में मध्यम से कहा है कि मनुष्य को जिस चीज से सबसे ज्यादा प्यार होता है. उसी के खो जाने की वजह से दुःख उत्पन्न होता है. इस संसार में ऐसी चीजें बहुत हैं, जिसके मोह में आकर मनुष्य अपने कर्तव्यों का त्याग कर देता है. जो उसके पतन का करण बन सकता है इसी वजह से मनुष्य को ऐसे मूल का त्याग कर देना चाहिये. जो मनुष्य मोह अर्थात धन, वासना इत्यादि का त्याग कर देता है, वो जीवन में हमेशा खुश रहता है. जो मनुष्य मोह के जाल में फंस जाता है तो उसे अपना लक्ष्य हासिल करने में मुसीबतों को सामना करना पड़ता है.
●●●●●★᭄ॐ नमः श्री हरि नम: ★᭄●●●●●
⚜️ इस त्रयोदशी तिथि के देवता मदन (कामदेव) हैं। शास्त्रानुसार भगवान कृष्ण और रुक्मिणी के पुत्र हैं भगवान कामदेव। कामदेव प्रेम और आकर्षण के देवता माने जाते हैं। जिन पुरुषों अथवा स्त्रियों में काम जागृत नहीं होता अथवा अपने जीवन साथी के प्रति आकर्षण कम हो गया है, उन्हें आज के दिन भगवान कामदेव का उनकी पत्नी रति के साथ पूजन करके उनके मन्त्र का जप करना चाहिये। कामदेव का मन्त्र – ॐ रतिप्रियायै नम:। अथवा – ॐ कामदेवाय विद्महे रतिप्रियायै धीमहि। तन्नो अनंग: प्रचोदयात्
आज की त्रयोदशी तिथि में सपत्निक कामदेव की मिट्टी कि प्रतिमा बनाकर सायंकाल में पूजा करने के बाद उपरोक्त मन्त्र का जप आपका वर्षों का खोया हुआ प्रेम वापस दिला सकता है। आपके चेहरे की खोयी हुई कान्ति अथवा आपका आकर्षण आपको पुनः प्राप्त हो सकता है इस उपाय से। जो युवक-युवती अपने प्रेम विवाह को सफल बनाना चाहते हैं उन्हें इस उपाय को करना चाहिये। जिन दम्पत्तियों में सदैव झगडा होते रहता है उन्हें अवश्य आज इस उपाय को करना चाहिये।
त्रयोदशी तिथि शास्त्र में अत्यंत श्रेष्ठ माना गया है। इस तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति महापुरूष होता है। इस तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति बुद्धिमान होता है और अनेक विषयों की अच्छी जानकारी रखने वाला होता है। यह व्यक्ति काफी विद्वान होता है तथा अन्यों के प्रति दया भाव रखने वाला एवं किसी की भी भलाई करने हेतु सदैव तत्पर रहने वाला होता है । इस तिथि के जातक समाज में काफी प्रसिद्धि हासिल करते ही हैं।

