Aaj ka Panchang आज का पंचांग शुक्रवार, 03 फरवरी 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शुक्रवार 03 फरवरी 2023
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
🌌 दिन (वार) – शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाकर उन्हें पीले चन्दन अथवा केसर का तिलक करें। इस उपाय में मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं।
शुक्रवार के दिन नियम पूर्वक धन लाभ के लिए लक्ष्मी माँ को अत्यंत प्रिय “श्री सूक्त”, “महालक्ष्मी अष्टकम” एवं समस्त संकटो को दूर करने के लिए “माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नमो का पाठ” अवश्य ही करें ।
शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी को हलवे या खीर का भोग लगाना चाहिए ।
शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह की आराधना करने से जीवन में समस्त सुख, ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है बड़ा भवन, विदेश यात्रा के योग बनते है।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ अयन- उत्तरायण
🌦️ ऋतु – सौर शिशिर ऋतु
🌤️ मास – माघ मास
🌗 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि, :- त्रियोदशी 18.57 PM तक तत्पश्चात चतुर्दशी
✏️ तिथि के स्वामी – त्रियोदशी तिथि के स्वामी प्रेम के देवता कामदेव जी और चतुर्दशी तिथि के स्वामी भगवान भोलेनाथ जी है।
💫 नक्षत्र : पुनर्वसु नक्षत्र- आज का पूरा दिन पूरी रात पार कर के अगली सुबह 6 बजकर 43 मिनट तक
🪐 नक्षत्र के स्वामी :– पुनर्वसु नक्षत्र के देवता अदिति (पृथ्वी देवी), बृहस्पति, एवं नक्षत्र के स्वामी गुरु बृहस्पति जी है।
📣 योग :- सिद्ध 1.22 PM तक तत्पश्चात साध्य
⚡ प्रथम करण : तैतिल – 06:57 पी एम तक
✨ द्वितीय करण – गर – पूर्ण रात्रि तक
🔥 गुलिक काल : – शुक्रवार को शुभ गुलिक प्रात: 7:30 से 9:00 तक ।
⚜️ दिशाशूल – शुक्रवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से दही में चीनी या मिश्री डालकर उसे खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -दिन – 10:30 से 12:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय -प्रातः 07:08
🌅 सूर्यास्त – सायं : 18:02
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:23 ए एम से 06:16 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 05:50 ए एम से 07:08 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:13 पी एम से 12:57 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:24 पी एम से 03:07 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:59 पी एम से 06:25 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 06:02 पी एम से 07:20 पी एम
💧 अमृत काल : 06:35 ए एम, फरवरी 04 से 08:22 ए एम, फरवरी 04
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:09 ए एम, फरवरी 04 से 01:01 ए एम, फरवरी 04
⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग : पूरे दिन
❄️ रवि योग : पूरे दिन
☄️ विष्कुंभ योग- आज दोपहर 1 बजकर 2 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन-शुक्रवार को मीठा दही खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏻 आज का मंत्र-ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-शिव मंदिर में छैने से बनी मिठाई अर्पित करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-गूलर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – प्रदोष व्रत (पंचांग भेद)/गुरु गोरखनाथ जयंती, श्री विश्वकर्मा जयंती, डेझर्ट उत्सव (तीन दिवसीय जैसलमेर ), अभिनेता नासिर हुसैन का जन्म दिवस, अल्ला रक्खा ख़ाँ, सुविख्यात तबला वादक पुण्य तिथि, राखी सावंत जन्मोत्सव, भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन जन्म दिवस, राष्ट्रीय गाजर का केक दिवस, वन अग्नि सुरक्षा दिवस (सप्ताह)।
✍🏼 विशेष – त्रियोदशी को बैगन नहीं खाना चाहिए , त्रियोदशी को बैगन खाने से पुत्र को कष्ट मिलता है।
🗺️ Vastu tips 🗽
घर में पूजा किस दिशा में होती है इसे बहुत महत्वूपर्ण माना गया है। यदि ये सही जगह पर न हो या पूजाघर की दिशा में अन्य कोई भारी सामान रखा हुआ है तो इससे बहुत ही नकरात्मक प्रभाव घर पर पड़ता है। मन की शांति और घर के चौमुखी विकास के लिए पूजाघर का स्थान उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण पर ही होना चाहिए। क्योंकि ये ही देवताओं का स्थान होता है। यह भी ध्यान रखें की पूजाघर के ऊपर या नीचे कभी टॉयलेट, रसोईघर या सीढ़ियां न हो।
सब कुछ ठीक होने के बाद भी आपको लगता है कि हमारे हाथ में धन नहीं रुकता तो आपको अपने घर के दक्षिण-पूर्व दिशा क्षेत्र से नीला रंग हटाने की ज़रुरत है। इस दिशा में हल्का नारंगी, गुलाबी रंगों का प्रयोग करें।
घर के अंदर लगे हुए मकड़ी के जाले, धूल-गंदगी को समय-समय पर हटाने से घर में नकारात्मक ऊर्जा नहीं रहती।
पार्किंग हेतु उत्तर-पश्चिन स्थान प्रयोग में लाना शुभ माना गया है।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
खाने के बाद स्मोकिंग शराब, सीगरेट पीना तो वैसे ही बुरी आदतों में शुमार है। लेकिन अगर आप खाना खाने के बाद स्मोकिंग करते हैं, तो आप अपनी सेहत के सतह खिलवाड़ कर रहे हैं। खाने के बाद तुरंत स्मोकिंग करने से आपका मोटापा तेजी से बढ़ता है साथ ही आपका शरीर बीमरियों का घर बनने लगता है।
तुरंत बिस्तर पर लेट जाना कभी भी खाना खाने के बाद तुरंत बिस्तर पर न लेटें। एशिया करने से आपकी सेहत और भी खराब होगी। कई बार हम सब रात के खाने के बाद बिस्तर या सोफे पर लेट जाते है, जिस वजह से आपका वजन तेजी से बढ़ने लगता है। साथ ही आपके शुगर लेवल में भी इजाफा हो सकता है। इससे बचने के लिए बेहतर है कि आप मील के बाद 10 से 15 मिनट जरूर टहल लें।
खाने के बाद नहाना कुछ लोगों को भरपेट खाना खाने के बादनहाते हैं, ऐसा करना आपके लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। इस वजह से आपको पेट से जुडी कई परेशानियां हो सकती हैं। खासकर कब्ज या पेट फूलने की शिकायत। इसलिए कभी भी खाना खाने के पहले ही नहाएं।
💉 आरोग्य संजीवनी 🍶
पेट दर्द करे दूर अगर आपका पेट भी अक्सर दर्द करते रहता है तो आप हींग के साथ एक ग्लास पानी में काला नमक मिलाएं और इसका सेवन करें। ऐसा करने से आपको पेट दर्द से आराम मिलेगा। पेट दर्द दूर करने के लिए हींग और काले नमक को गुनगुने पानी के साथ मिलाकर पीना चाहिए। इन दोनों का एक साथ सेवन करने से पेट का दर्द, पेट में ऐंठन की समस्या सहित बोल्टिंग से छुटकारा मिलता है।
वजन कम करे काला नमक और हींग का पानी बॉडी को डिटॉक्स करने का काम करता है। इस पानी को पीने से वजन कम करने में मदद मिलती है। ये पानी कैलोरी को तेजी से बर्न कर, वेट लॉस में मदद करता है। वजन कम करने के लिए इस पानी को खाली पेट पीना चाहिए।
एसिडिटी से छुटकारा एसिडिटी की समस्या से पीड़ित व्यक्ति अपच, गैस्ट्रिक सूजन, हार्टबर्न, पेट में अल्सर और पेट में जलन इन चीज़ों से हमेशा परेशान रहते हैं। =अगर आप भी इस समस्या से पीड़ित हैं तो काला नमक और हींग का पानी पीना शुरू करें। इन दोनों मसालों को पानी के साथ मिलाकर पीने से पेट ठंडा होता है और एसिडिटी से छुटकारा मिलता है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
आचार्य श्री गोपी राम ने बताया है कि मेहनत करने से दरिद्रता नहीं दूर होती है, धर्म करने से पाप नहीं रहता, मौन रहने से कलह नहीं होता और जागते रहने से भय नहीं होता. ये चार चीजें सफल और सार्थक जीवन के महत्वपूर्ण पहलू है।
हमारी नीतियां बुरे समय में उस एक दीपक की तरह काम करती है जो घोर अंधेरे में भी उजाला कर देता है. हम कहते हैं कि मनुष्य को संकट के समय किस एक चीज का साथ नहीं छोड़ना चाहिए. मुश्किल घड़ी में यही चीज इंसान की डूबती नैया पार लगा सकती है और बुरे वक्त जल्द टल जाता है. आइए जानते हैं।
कठिन समय में विपत्ति को अवसर में मोड़ें और अपने लक्ष्य को कभी न छोड़ें
विपत्ति को अवसर में बदलें आचार्य श्री गोपी कहते हैं कि मनुष्य को जीवन में कई तरह के इम्तिहान देने पड़ते हैं. खासकर बुरे समय में व्यक्ति को अपने साहस की परिक्षा जरुर देनी पड़ती है.आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार जब व्यक्ति लगातार नाकाम होता है तो उस कठिन समय में विपत्ति को ही अवसर में बदलना चाहिए. इसके लिए जरुरी है खुद से संवाद. शांत मन से सोचने पर अवसाद को भी अवसर में बदला जा सकता है, क्योंकि जब भी चुनौतियां, मुश्किलें आती है उनके साथ अवसर भी आते हैं जरुरत है ठंडे दिमाग से उन पर ध्यान देने की।
लक्ष्य से भटकें नहीं लक्ष्य प्राप्ति की राह आसान नहीं होती. ये गुलाब के फूल के समान है जिसकी डगर कांटों से भरी होती है लेकिन मंजिल बहुत खूबसूरत होती है. आचार्य श्री गोपी राम कहते हैं कि जो मुश्किल दौर में भी अपने लक्ष्य को कभी नहीं छोड़ते, धैर्य और ईमानदारी से अपना कार्य करते रहते हैं वह जरुर कामयाब होते है.असफल होने का डर ही व्यक्ति को संकट में डालता है।
अगर नाकामयाबी को इंसान सही तरीके से ले तो वह दो दिशाओं में आगे बढ़ता है. एक तो वह अपने काम को बेहतर करता है और दूसरे, इंसान के तौर पर भी श्रेष्ठ बनता है. अगर अपने भ्रम को समझ लिया तो जीवन में स्पष्टता आएगी जो लक्ष्य प्राप्ति के लिए बेहद जरुरी है. लक्ष्य साध लिया तो कभी बुरे दिन जल्द टल जाएंगे और जीवन खुशियों से भर जाएगा।
परिश्रम से पास होगी परिक्षा परिश्रम करते रहना चाहिए कितना ही खराब समय आ जाए व्यक्ति को बैठे नहीं रहना चाहिए. लगातार परिश्रम करते रहना चाहिए. परिश्रम ही व्यक्ति को इस संकट से निकलने में मददगार होता है
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⚜️ त्रयोदशी तिथि के स्वामी कामदेव जी हैं। कामदेव प्रेम के देवता माने जाते है । उन्हें सदैव युवा और आकर्षक रहने का वरदान है।
पौराणिक कथाओं के अनुसार कामदेव, भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी के पुत्र माने गए हैं। उनका विवाह प्रेम और आकर्षण की देवी रति से हुआ है।
कामदेव के हाथ में धनुष है जिसका एक कोना स्थिरता और दूसरा कोना चंचलता का प्रतीक है। कामदेव का धनुष फूलों का बना हुआ है। कामदेव जब कमान से अपना तीर छोड़ते हैं, तो उसमें कोई आवाज नहीं होती है।
कामदेव का वाहन हाथी को माना गया है। शास्त्रों में कुछ जगह कामदेव का वाहन तोते को भी बताया गया है ।
त्रियोदशी के दिन मीठे वचन बोलने, प्रसन्न रहने से जातक रूपवान होता है, उसे अपने प्रेम में सफलता एवं इच्छित एवं योग्य जीवनसाथी प्राप्त होता है।
त्रियोदशी को कामदेव जी का स्मरण करने से वैवाहिक सुख भी पूर्णरूप से मिलता है।
अपने रूप और आकर्षण शक्ति को बढ़ाने के लिए त्रियोदशी को कामदेव जी का मन्त्र ‘ॐ कामदेवाय विद्महे, रति प्रियायै धीमहि, तन्नो अनंग प्रचोदयात्’ की एक माला जाप अवश्य करें ।


