अखिल भारतीय सहरिया समाज महासभा के बैनर तले रैली निकालकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
अखिल भारतीय सेहरिया महासभा मप्र के बैनर तले संघठन से जुड़े समाज के महिला पुरुष सहित युवाओं ने सागर भोपाल तिराहे से लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय तक महारैली निकाली
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन । शिवराज सरकार के नाम ज्ञापन रायसेन कलेक्टर अरविंद दुबे को ज्ञापन सौंपा गया है। प्रदेश महिला प्रभारी आरती चौहान भारत सिंह चौहान प्रदेश महासचिव राम भरोसे सेहरिया बोले भोपाल संभाग की विलुप्त होती सहरिया जनजाति को विशेष् जनजाति आदिम जाति जनजाति में शामिल कर ग्वालियर और चंबल संभाग के सहरिया समाज के लोगों को सीधा लाभ दिया जाए।
अखिल भारतीय क्षत्रिय समाज महासभा मध्यप्रदेश जिला इकाई रायसेन के बैनर तले शाम बड़ी संख्या में सहरिया समाज की महिलाएं पुरुष और युवक रैली निकालकर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे । यहां सीएम शिवराज सिंह चौहान के नाम कलेक्टर अरविंद दुबे को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में यह बताया गया है कि भोपाल ग्वालियर चंबल संभाग की विलुप्त होती सहरिया जनजाति विशेष पिछड़ी जाति जनजाति में शामिल करके समाज को सीधा लाभ दिया जाए । सेहरिया महासभा मध्य प्रदेश की न्याय पद यात्रा 22 सितंबर 2018 को शमशाबाद विदिशा से भोपाल मुख्यमंत्री निवास पर पहुंच कर ज्ञापन दे चुकी है । अखिल भारतीय समाज सहरिया समाज महासभा जिला इकाई रायसेन के बैनर तले यह मांग करती है कि भोपाल संभाग को ग्वालियर चंबल संभाग के जिलों में ग्वालियर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, भिंड, मुरैना, शिवपुरी जिलों को जैसा सीधा लाभ विशेष पिछड़ी जनजाति शामिल किया जाए । सेहरिया समाज के लोगों को नौकरियों में सीधी भर्ती की जाए । शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ दिया जाए। भोपाल संभाग के विदिशा, सीहोर, रायसेन, राजगढ़ जिलों के निवास सहरिया समाज जो अत्यंत पिछड़ी एवं दयनीय हालत में है उस समाज को पिछली जनजाति समाज में शामिल करके फायदा दिया जाए । सरकारी नौकरी में पटवारी पुलिस क्लर्क के साथ की नौकरियों में सीधी भर्ती किया जाए सेहरिया समाज के लोगों का वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत 4 एकड़ भूमि के शासन की तरफ से पट्टे देकर उसे उनको मालिकाना हक दिया जाए ।सेहरिया समाज की महिलाओं और बच्चों को पौष्टिक आहार के लिए हर महीने ₹1000 की राशि 6 साल तक दी जाए ।शासन की योजनाओं का लाभ भी सेहरिया आदिवासी समाज को मिले। इन 5 जिलों के लगभग डेढ़ लाख से अधिक सहरिया समाज के लोग रहते हैं । लेकिन उनको सरकारी नौकरियों में वनभूमि पट्टा अधिकार महिलाओं को ₹1000 की राशि प्रदान नहीं की जा रही है ।यह बड़े शर्म की बात है। 31 मई 2018 में मध्यप्रदेश शासन द्वारा राज्य पत्र जारी कर बकायदा बाकी जिलों के साथ भारिया जनजाति के लिए छिंदवाड़ा और सिवनी जिलों को जोड़ा गया है ।इस कारण भोपाल संभाग के सेहरिया समाज की माता बहने बुजुर्ग युवा छात्र छात्राओं अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हैं । पूरे 4 साल बीत चुके हैं लेकिन उनकी मांग पत्र पर मुख्यमंत्री ने कोई ध्यान नहीं दिया है । कलेक्टर अरविंद दुबे को ज्ञापन सौंपने वालों में सीहोर के जिलाध्यक्ष शंकरलाल चौहान, राजजगढ़ के जिला अध्यक्ष मांगीलाल सहरिया, विदिशा के जिला अध्यक्ष गोवर्धनसिंह सहरिया, भोपाल के जिला अध्यक्ष अरवल सहरिया, जिला संयोजक जीवनसिंह सहरिया, रायसेन जिला अध्यक्ष संजय युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष रामदयाल चौहान, युवा मोर्चा अध्यक्ष भोपाल के अध्यक्ष सीहोर दीपक चौहान आदि शामिल हुए।
50 साल से काबिज होने के बावजूद नहीं दिया जा रहा जमीन का पट्टा….
सैकड़ों आदिवासी सेहरिया समाज की महिला-पुरुषों ने अपने हक के लिए अधिकार रैली निकाली। आदिवासियों ने जल जंगल जमीन के हक के लिए यह अधिकार रैली निकाली।
ज्ञापन सौंपने के बाद किसान सेहरिया आदिवासी संगठन और समाजवादी जन परिषद के पदाधिकारियों ने एक आम सभा को संबोधित कर शिवराज सरकार को जमकर घेरा। रैली समाजवादी जन परिषद सेहरिया आदिवासी महासभा के बैनर तले निकाली गई। आदिवासियों की प्रमुख समस्या गरीब और मजदूर किसानों को 50 साल से काबिज होने के बावजूद भी जमीन की पट्टा बनाकर नहीं दिया जा रहा है। इसके अलावा मजदूरी के रेट बढ़ाने की मांग की गई। साथ ही तेंदूपत्ता का बोनस तत्काल बांटा जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास की राशि बढ़ाई जाए जो बहुत कम है सहित अन्य मांगों के संबंध में यह ज्ञापन दिया गया है।



