सीएम राइज की नींव ही भ्रष्टाचार पर खड़ी हो रही तो भवन की उमर कितनी होगी ?
पटवा जी क्षेत्र में भ्रष्टाचार बेईमानी और अराजकता का सामराज्य कायम हो चुका ..
निर्माण कार्य अगर तय मानकों से हो रहा तो पत्रकार को वीडियो बनाने से रोका क्यों ।
रिपोर्टर : विनोद साहू
बाड़ी । शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय की भूमि पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अति महात्वाकांक्षी योजना सीएम राइज स्कूल की परिकल्पना रखी जिसमें गरीब के बच्चें भी न्यूनतम फीस में शिक्षित हो सके , लेकिन भ्रष्टाचार के दौर में यह सीएम राइज भी करोड़ों की लागत से बन रहा हैं लेकिन इसकी नींव इतनी खोखली हैं जैसे नर्मदा परिक्रमा के समय लगाएँ गये पौधों की रही ..
इस निर्माण को देखकर लगता हैं कि मुख्यमंत्री जी प्रदेश के विकास में जितने भी निर्माण कार्य करा रहे उनमें उनका अप्रत्यक्ष रूप से कमीशन तय हैं , कर्नाटक में मुख्यमंत्री चालीस प्रतिशत कमीशन के लिए मशहूर हुए यहाँ यह कमीशन की बात अभी खुली नहीं लेकिन निर्माण की नींव बता रही हैं कि यह भी चालीस प्रतिशत से कम नहीं होना चाहिए…
इस वीडियो में हमारे पत्रकार मित्र सीएम राइज में चल रहे निर्माण कार्य को देखने गये और उन्होनें जो देखा अगर बह कोई जिंदा जमीर बाला अधिकारी देख लेता तो तत्काल ही काम रुकवाकर उस ठेकेदार को ब्लेक लिस्टेड करने की प्रमाणित लिखापढ़ी कर देता …
मिक्सर प्लांट के बावजूद फ्लोरी से बन रहा माल ।
ठेकेदार ने सीमेंट काँक्रीट और रेत का रेसों तय मानकों के हिसाब से माल बन सके .लेकिन ठेकेदार ने प्लांट बंद कर छोटी फ्लोरी का उपयोग करने लगा जिसमें रेत के साथ ही उसमें पीली मिट्टी मिलाकर सीमेंट का माल बनाकर बगैर लोहे के जाल डाले उसे भर रहा हैं । ऐसे में यह ईमारत कितनी मजबूत होगी यह आप अंदाजा लगा सकते हैं ..
वीडियो बनाने पर रोका ।
हमारे पत्रकार मित्र जब जहाँ माल डल रहा था बहाँ पहुँचे तो ठेकेदार के आदमी आकर वीडियो बनाने से मना करने लगे .जो इस बात का पक्का प्रमाण हो गया कि कुछ नही बहुत कुछ गड़बड़ झाला हो रहा हैं ।
प्लांट पर लगे सीसीटीवी कैमरे ।
भोपाल में गोविंदपुरा ऐरिया में भाषा एसोसिएट का कार्यालय हैं और उसने गूगल पर अपने आपको बताते हैं कि भाषा एसोसिएट सिविल इंजीनियरिंग, निर्माण और विद्युत कार्य के विशेषज्ञ हैं, हम नवाचार, रचनात्मकता और तकनीकी निपुणता के लिए जाने जाते हैं जिसके साथ हम सबसे जटिल परियोजनाओं से निपटते हैं। लेकिन सीएम राइज स्कूल का निर्माण भी उनके कुशल इंजीनियर की देखरेख में आँनलाइन सीसीटीवी कैमरे से निगरानी रखी जा हैं ..जो यह दर्शाता हैं कि दूर के ढोल सुहाने लगते हैं .. मिट्टी और रेत एक साथ मिलाई जा रही हैं फ्लोरी में।



