गेंहू खरीदी केंद्र की लापरवाही की भेंट चढ़ गया सेकड़ो क्विटल गेंहू
बरेली । कमिश्नर साहब आप बरेली आये आपने समर्थन मूल्य पर खरीदी केंद्रों का औचक निरीक्षण भी किया। अगर एक नजर प्रेम बेयर हाउस पर मार लेते तो शायद आपको खरीदी केंद्रों की हकीकत पता चल जाती दरअसल प्रेम बेयर हाउस में सेवा सहकारी संस्था बरेली का गेंहू खरीदी केंद्र है और यहां लापरवाही की भेंट चढ़ गया सेकड़ो क्विटल गेंहू
बीते दिनों हुई बेमौसम बारिश से खरीदी केंद्र पर खुले में पड़ा सेकड़ो क्विटल गेंहू भीग गया या यूं कहें पानी मे तर हो गया उस गेंहू को बेयर हाउस में जमा करवाने की फिराक में समिति प्रवन्धक रामकुमार भार्गव लेकिन मीडिया को खबर लगते है ही सेवा सहकारी समिति बरेली के प्रवन्धक रामकुमार भार्गव के तोते उड़ गए और रही सही कसर कल बरेली क्षेत्र में आये भोपाल कमिश्नर मालसिंह ने इस केंद्र का निरीक्षण तो नही किया लेकिन कार्यवाही का आश्वासन जरूर दे गए ।
मप्र सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर किसानों का गेंहू खरीदा जा रहा है और गाइडलाइन भी बनाई गई है वावजूद इसके समिति सेवक सरकार के नियम मानने को तैयार नही है। दरअसल सरकार ने बेयर हाउसों में खरीदी केंद्र संचालित इसलिए किए की लोड अनलोड ट्रांसपोर्ट बचे लेकिन ओर बगैर क्षति पहुचे अनाज गोडाउन में रखा जाए लेकिन कुछ समिति प्रवन्धक सरकार के निर्देश मानने को तैयार नही है। अब सेकड़ो क्विटल गेंहू सड़ गया उसका जिम्मेदार कौन होगा ? जबकि नियम यह है खुले में खरीदी नही हो सकती इसके बाद भी इस सोसायटी ने बाहर खरीदी कर सेकड़ो क्विटल गेंहू सड़ने छोड़ दिया। आपको बता दे सेवा सहकारी समिति प्रवन्धक रामकुमार भार्गव पर पहले से ही दाग लगे हुए है । फर्जीवाड़े में एफआईआर के निर्देश भी हो चुके है। बताया तो यहां तक जाता है। रामकुमार भार्गव फर्जी दस्तावेज बनवाकर जिसमे अपनी उम्र कम दर्शाकर नोकरी कर रहा है। लेकिन रसूख के चलते आज तक कुछ हुआ नही।
भोपाल कमिश्नर माल सिंह का कहना है कि गेंहू खरीदी नान के माध्यम से हो रही सोसायटी खरीदी कर रही है खुले में कैसे खरीदी कि यह जांच का विषय है हम इसकी जांच करवाएंगे ।



