मध्य प्रदेश

श्मशान घाटों पर जलाऊ लकड़ी का अभाव, पूरे नहीं जलते शव

रिपोर्टर : कुंदनलाल चौरसिया
गौरझामर । स्थानीय श्मशान घाटों पर जलाउ लकड़ी की स्थाई व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों को अंतिम संस्कार में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है बता दें कि गौरझामर में दो श्मशान घाट, एक करंजुवा पुल पुराना बस स्टैंड के पास स्थित है जबकि दूसरा श्मशान घाट साला मोहल्ला में है इन दोनों श्मशान घाटों पर न जलाऊ लकड़ी रखने की व्यवस्था है और न ही स्थाई रूप से जलाऊ लकड़ी उपलब्ध है। जलाऊ लकड़ी के अभाव में लोगों को शवदाह में काफी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है । पहले वन विभाग के द्वारा फडी सुविधा होने से लोगों को इसका लाभ मिल जाता था सस्ते दामों पर उपलब्ध हो जाने से लोग अपनी जरूरत के अनुसार जलाऊ लकड़ी के रूप में अपने घरों में फडी लाकर रखते थे जिससे लोगों को अपनी जरूरत और घरेलू उपयोग के हिसाब से लकड़ी मुहैया हो जाया करती थी जलाऊ लकड़ी के अभाव एवं मोटी लकड़ी उपलब्ध नहीं हो जाने के कारण लोगों को अंतिम संस्कार हेतु यहां उपलब्ध मुहरी, सिर बोझा की लकड़ी से शवदाह का काम चलाना पड़ता है यह लकड़ी शवदाह के लिए बिल्कुल ही अनुकूल नहीं होती । मुहरी की लकड़ी अत्यंत पतली होने के कारण यह अंतिम संस्कार के लिए ठीक नहीं है परिणाम स्वरूप इससे शव पूरी तरह नहीं जल पाते लोगों को अधजले शव को भस्म के रूप में समेटना पडते हैं जो मानवीयता के आधार पर उचित नहीं है।
लोगों ने शासन से मांग की है कि वह गौरझामर के दोनों श्मशान घाटों पर स्थाई व्यवस्था के अंतर्गत जलाऊ लकड़ी और कमरों का निर्माण कर व्यक्ति विशेष की नियुक्ति करें जिसके माध्यम से लकड़ी का आवंटन सुनिश्चित हो सके।

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