बसों में यात्री सुविधाएं कोसों दूर, भेड़ बकरियों की तरह भरे जा रहे हैं यात्री
आरटीओ प्रशासन मूक दर्शक बना
रिपोर्टर : कुंदनलाल चौरसिया
गौरझामर । इन दिनों यात्री बसों में यात्रियों को आराम देह व सुगम यात्रा करना बड़ा मुश्किल हो गया है । यात्रियों ने हमारे प्रतिनिधि को बताया है कि सागर से नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, नागपुर, टड़ा, केसली, सिलवानी, बेगमगंज, भोपाल, जबलपुर मार्ग पर नियमित चलने वाली निजी यात्री बसें अपने निहित स्वार्थों के चलते यात्रियों की सुविधाओं का बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रही
हैं एक ओर तो भ्रष्टाचार के चलते आरटीओ की आंखें धृतराष्ट्र की तरह बंद हैं परमिट देने के बाद उसे यह देखने की फुर्सत नहीं रहती कि जिस परमिट पर जिस बस को चलाया जाना है क्या वही बस उक्त रूट पर उसी परमिट पर चल रही है अथवा नहीं, जब शासन ने परिवहन नियम बना दिए हैं कि 50 किलोमीटर से आगे की यात्रा में मिनी बसें नहीं चलाई जावेगी तब परिवहन नियमों की खुल्लम-खुल्ला धज्जियां उड़ाते हुए 50 किलोमीटर से आगे मिनी बसें क्यों चलाई जा रही हैं इन मिनी बसों में लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्री सीटों पर संकीर्णता व सीट छोटी होने के कारण ठीक से नहीं बैठ पाते और न ही सांस ले पाते हैं इन मार्गों पर सर्वाधिक यात्रियों की भीड़ होने के कारण मिनी बसों में मनमानी सवारियां भेड़ बकरियों की तरह भरी जा रही हैं बसों में वृद्धों बीमार लोगों महिलाओं बच्चों की सेहत का बिल्कुल ही ध्यान नहीं दिया जा रहा है इस संबंध में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सागर जिला पुलिस अधीक्षक सागर जिला अध्यक्ष सागर का यात्रियों ने अपने कष्टों को देखते हुए ध्यान आकर्षित कराया है लेकिन उचित कार्यवाही नहीं होने के कारण वह भी चुप्पी साध कर बैठ गए हैं यहां बता दें कि मध्य प्रदेश की जीवनदायिनी पुण्य सलिला मां नर्मदा नदी ब्रह्मांड घाट बरमान से होकर निकलती है यहां पर प्रत्येक माह अमावस्या पूर्णिमा ग्रहण तीज त्योहार व विशेष पर्व पर मेला लगता है और धार्मिक आस्था का केंद्र होने के कारण लोग पर्व स्नान हेतु इन मौकों पर बरमान आते जाते हैं इन अवसरों पर आरटीओ विभाग सागर व अन्य जिलों के आरटीओ द्वारा यात्रियों की सुविधा हेतु विशेष बसों की व्यवस्था नहीं की जाती है परिणाम स्वरूप यहां अवैध रूप से चल रही बड़ी बसों के स्थान पर मिनी बसों में ही यात्रियों को ठूस-ठूसकर जबरन ले जाया जाता है यात्रियों की दुख भरी दास्तान को देखने सुनने वाला कोई नहीं है अंधेर नगरी चौपट राजा की तर्ज पर चल रहा मध्यप्रदेश का शासन प्रशासन से जनता बेहद दुखी है मिनी एवं खटारा बसों के कारण आए दिन इस रूट पर दुर्घटनाएं होती रहती हैं शासन प्रशासन इन दुर्घटनाओं से सबक नहीं ले रहा है उसे बड़ी दुर्घटना का इंतजार रहता है तब कहीं नियम कानूनों की याद आती है देखा जाता है कि यात्री बसों में नकली टिकिट देने का प्रचलन मनमाना किराया वसूलने की परिपाटी यात्रियों से बदसलूकी बिना ड्रेस के चालक परिचालकों का चलना अपराधी किस्म के लोगों को क्लीनर बनाकर बसों में चलवाना ये सब यात्रियों को दुखद यात्रा के कारण बनते हैं यात्रियों ने हमारे संवाददाता को यह भी बताया कि बसों की छत के ऊपर क्षमता से अधिक लगेज लादा जाता है जो भीषण दुर्घटना के कारण तब बनते है जब तेज गति से किसी मोड़ अथवा कासिग के समय बाहन के असंतुलन से बनते हैं शासन प्रशासन सजग होकर इस दिशा में कठोर कार्यवाही शीघ्र करें जिससे यात्रियों को हो रही परेशानी से उन्हें मुक्ति मिल सके।



