मध्य प्रदेश

उदयपुरा को मिली एसडीएम कोर्ट की सौगात, साईंखेड़ा में कब होगी एसडीएम कोर्ट स्थापित ?

रिपोर्टर : कमलेश अवधिया
साईखेड़ा। बुधवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सिलवानी तहसील के कस्बा बम्होरी प्रवास के दौरान पूर्व मंत्री एवं विधायक रामपालसिंह के प्रयास से उदयपुरा में एसडीएम कोर्ट स्थापित करने की घोषणा मुख्यमंत्र द्वारा की गई है।
साईंखेड़ा क्षेत्र के नागरिकों द्वारा भी साईंखेड़ा को अनुविभाग घोषित कर में एसडीएम कोर्ट स्थापित करने की मांग विगत वर्षों से की जा रही है, पूर्व मंत्री रामपाल सिंह राजपूत साईंखेड़ा क्षेत्र से विशेष स्नेह रखते हैं एवं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की विशेष कृपा दृष्टि साईंखेड़ा पर रहती हैं, इसलिए क्षेत्र के नागरिकों को यह आशा एवं उम्मीद है कि उदयपुरा की तरह ही साईंखेड़ा अनुविभाग घोषित हो एवं साईंखेड़ा में भी एसडीएम कोर्ट स्थापित होगी।
साईंखेड़ा को अनुविभाग घोषित कर एसडीएम कोर्ट स्थापित की जाए।
लगभग 25 हजार की आबादी वाला नगर साईंखेड़ा जो कि 100 से भी अधिक ग्रामो का केंद्र है एवं 3 जिलो की सीमाओं को निर्धारित करता है, विकासखंड मुख्यालय होने के साथ ही तहसील केन्द्र है, साईंखेड़ा क्षेत्र के अंतर्गत 2 पुलिस थाने साईंखेड़ा एवं पलोहा आते हैं, गन्ना एवं तुअर उत्पादन में क्षेत्र प्रदेश में महत्वपूर्ण स्थान रखता है इतना सब कुछ होने के बाद भी साईंखेड़ा को अनुविभाग एवं एसडीएम कोर्ट स्थापित न होना समझ से परे है, साईंखेड़ा अनुविभाग नहीं होने से नागरिकों को अपने न्यायालय संबंधित कार्य के लिए 25 किमी दूर गाडरवारा जाना पड़ता है, जिससे समय की खराबी एवं आर्थिक भार सहना पड़ता है, गाडरवारा अनुविभाग बड़ा होने के कारण अधिकारी कर्मचारियों पर भी काम का अधिक दवाब रहता है जिससे, नागरिकों के कार्य समय पर नहीं होते जिससे सभी को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है, साईंखेड़ा क्षेत्र के नागरिकों द्वारा भी साईंखेड़ा अनुविभाग घोषित कर एसडीएम कोर्ट स्थापित करने की मांग विगत वर्षों से की जा रही है, जिसमें साईंखेड़ा तहसील के साथ आरआई सर्कल सालीचौका को भी जोड़कर साईंखेड़ा अनुविभाग बनाकर एसडीएम कोर्ट स्थापित होनी चाहिए जिससे गाडरवारा से दवाब कम होगा।

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