Aaj ka Panchang आज का पंचांग गुरुवार, 15 जून 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
जय श्री हरि
🧾 आज का पंचाग 🧾
गुरुवार 15 जून 2023
मंगल श्री विष्णु मंत्र :
मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुणध्वजः।
मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥
☄️ दिन (वार) – गुरुवार के दिन तेल का मर्दन करने से धनहानि होती है । (मुहूर्तगणपति)
गुरुवार के दिन धोबी को वस्त्र धुलने या प्रेस करने नहीं देना चाहिए।
गुरुवार को ना तो सर धोना चाहिए, ना शरीर में साबुन लगा कर नहाना चाहिए और ना ही कपडे धोने चाहिए ऐसा करने से घर से लक्ष्मी रुष्ट होकर चली जाती है ।
गुरुवार को पीतल के बर्तन में चने की दाल, हल्दी, गुड़ डालकर केले के पेड़ पर चढ़ाकर दीपक अथवा धूप जलाएं ।
इससे बृहस्पति देव प्रसन्न होते है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है ।
यदि गुरुवार को स्त्रियां हल्दी वाला उबटन शरीर में लगाएं तो उनके दांपत्य जीवन में प्यार बढ़ता है।और कुंवारी लड़कियां / लड़के यह करें तो उन्हें योग्य, मनचाहा जीवन साथी मिलता है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर ग्रीष्म ऋतु
🌤️ मास – आषाढ़ मास
🌒 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – ज्येष्ठ मास कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि 08:32 AM तक उपरांत त्रयोदशी
🖍️ तिथि स्वामी – द्वादशी इस तिथि के स्वामी श्री हरि विष्णु जी हैं।
💫 नक्षत्र : नक्षत्र भरणी 02:12 PM तक उपरांत कृत्तिका
🪐 नक्षत्र स्वामी : नक्षत्र का स्वामी शुक्र ग्रह होता है। नक्षत्र के देवता यम होते हैं।
📣 योग : सुकर्मा योग 02:02 AM तक, उसके बाद धृति योग
⚡ प्रथम करण : तैतिल – 08:32 ए एम तक
✨ द्वितीय करण – गर – 08:33 पी एम तक
🔥 गुलिक कालः- गुरुवार का (शुभ गुलिक) 03:33:00 से 05:08:00 तक
⚜️ दिशाशूल – बृहस्पतिवार को दक्षिण दिशा एवं अग्निकोण का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से सरसो के दाने या जीरा खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल – दिन – 1:30 से 3:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:13:00 AM
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:47:00 PM
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:02 ए एम से 04:43 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:23 ए एम से 05:23 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:54 ए एम से 12:50 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:41 पी एम से 03:37 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:19 पी एम से 07:39 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 07:20 पी एम से 08:21 पी एम
💧 अमृत काल : 09:17 ए एम से 10:56 ए एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:02 ए एम, जून 16 से 12:42 ए एम, जून 16
🚓 यात्रा शकुन-बेसन से बनी मिठाई खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरुवै नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-शिव मंदिर में आम चढ़ाएं।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय-पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – प्रदोष व्रत/सौर आषाढ़ मास प्रारंभ, कबीर जयंती, गुरु हरगोबिंद जयंती, राधा स्वामी सत्संग’ शिव दयाल साहब स्मृति दिवस, पद्म भूषण से सम्मानित देवी प्रसाद राय चौधरी पुण्य तिथि, अमेरिका में न्यू जर्सी की स्थापना दिवस, विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस, वैश्विक पवन दिवस, समाज सेवी अन्ना हजारे जन्मोत्सव
✍🏼 विशेष – द्वादशी के दिन तुलसी तोड़ना निषिद्ध है। द्वादशी के दिन यात्रा नहीं करनी चाहिए, इस दिन यात्रा करने से धन हानि एवं असफलता की सम्भावना रहती है। द्वादशी के दिन मसूर का सेवन वर्जित है।
🏘️ Vastu Tips 🏚️
वास्तु शास्त्र में आज हम बात करेंगे घर में तस्वीरों के रंग के बारे में। सबके घरों में अपनी पसंद के हिसाब से अलग-अलग तरह की, अलग-अलग रंगकी तस्वीरे लगी होती हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में लगाई जाने वाली तस्वीर भी घर पर बहुत असर डालती हैं. इसलिए घर में हर कमरे को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग रंगों की तस्वीर लगानी चाहिए। अगर घर के कमरों में प्रकृति से संबंधित रंग की तस्वीर लगाई जाए तो यह घर में रहने वाले सदस्यों के लिए बिजनेस, पढ़ाई, धन लाभ जैसे कई सुनहरे अवसरों के आगमन का कारण बन सकती है।
वास्तु शास्त्र के मुताबिक, बेडरूम में यदि लाल या गुलाबी रंग की तस्वीर लगाई जाए तो पति-पत्नी के बीच प्यार और विश्वास बना रहता है। तकरार की गुंजाइश कम हो जाती है। इसके अलावा स्टडी रूम में हल्के भूरे या हल्के नीले रंग की तस्वीर लगाना अच्छा रहता है। इससे बच्चों का मन पढ़ाई में लगा रहता है और तस्वीर को देखकर उन्हें सुखद अहसास होता है, जबकि बच्चों के सोने के कमरे में नारंगी या बैंगनी रंग की तस्वीर लगानी चाहिए।
🔰 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
पानी पीने का सबसे खराब समय कौन सा है
पानी पीने का सबसे खराब समय है हर बार खाने के तुरंत बाद। यानी कि नाश्ते के बाद, दोपहर के खाने के बाद या फिर रात के खाने के बाद। इसे ऐसे समझें कि खाने के दौरान और इसके 40 मिनट तक आपको पानी पीसे से बचना चाहिए। इसके अलावा अगर आप रात में 10 बजे सोते हैं तो 8 बजे के बाद पानी बिलकुल भी न पिएं।
पानी कब नहीं पीना चाहिए
खाने के तुंरत बाद
सोने से तुरंत पहले
पेशाब करने के तुरंत बाद
खाने के बीच में
पानी कब कब पीना चाहिए
दिन भर का ज्यादातर पानी आपको दिन के समय में ही पी लेना चाहिए।
सुबह उठकर सबसे पहले एक गिलास पानी पिएं।
खाने से पहने पानी पिएं।
एक्सरसाइज के पहले, बाद में और इस दौरान भी आप पानी पी सकते हैं।
सोने से 2 घंटे पहले पानी पिएं।
🍃 आरोग्य संजीवनी ☘️
अपेंडिक्स के लक्षण
अपेंडिसाइटिस आपके निचले दाएं पेट में दर्द का कारण बनता है। हालांकि, ज्यादातर लोगों में दर्द नाभि के आसपास शुरू होता है और फिर बढ़ता है। जैसे-जैसे सूजन बिगड़ती जाती है, एपेंडिसाइटिस का दर्द आम तौर पर बढ़ता जाता है और स्थिति अधिक गंभीर हो जाती है। इसके अलावा भी अपेंडिक्स के कई लक्षण हैं जैसे
अचानक दर्द जो पेट के निचले हिस्से के दाहिनी ओर शुरू होता है।
अचानक नाभि के आस-पास दर्द होना।
दर्द जो खांसने, चलने या हिलने-डुलने से भी बढ़ जाए
बार-बार आती उल्टी
भूख मन लगना
कब्ज या दस्त
पेट फूलना या ब्लोटिंग
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
आचार्य श्री गोपी राम ने अपने शास्त्र में पैसे, सेहत, बिजनेस, दांपत्य जीवन, समाज, जीवन में सफलता से जुड़े तमाम चीजों पर अपनी राय दी है। अगर आप इनकी नीतियों को अपनाते हैं तो आपको जीवन में कभी भी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
आचार्य श्री गोपी राम ने अपनी एक नीति में जीवन में सफल होने के बारे में भी बताया है। इस नीति के जरिए उनका कहना है कि यदि आप वास्तव में अपने हर सपने को पूरा करना चाहते हैं तो इसके लिए आपके अंदर यह एक चीज होना बहुत जरूरी है। तो चलिए जानते हैं क्या है वह एक चीज जो आपके अंदर होना चाहिए।
जब तक तुम दौड़ने का साहस नहीं जुटा पाओगे, तुम्हारे लिए प्रतिस्पर्धा में जीतना हमेशा असंभव बना रहेगा।’
इस कथन के जरिए आचार्य श्री गोपी राम कहना चाहते हैं कि यदि जीवन में हमेशा सफलता हासिल करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको खूब मेहनत भी करना पड़ेगा। हो सकता है कि ऐसे में आपको कई तरह की मुश्किलों का भी सामना करना पड़े क्योंकि किसी भी काम को करने में कोई न कोई परेशानी जरूर आती है। इसिलए हम कहते हैं कि अगर आप पहले ही हार मान लेंगे तो आप अपने लक्ष्य को कभी भी हासिल नहीं कर पाएंगे। इसलिए जिस व्यक्ति को अपना लक्ष्य पूरा करना है उसे साहस तो दिखाना होगा और आपको अपने साथ हमेशा साहस को साथ लेकर चलना होगा तभी आप जीवन में सफल हो पाएंगे।
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⚜️ द्वादशी तिथि का नाम यशोबला भी है, क्योंकि इस दिन भगवान श्री विष्णु जी / भगवान श्रीकृष्ण जी का आंवले, इलाइची, पीले फूलो से पूजन करने से यश, बल और साहस की प्राप्ति होती है।
द्वादशी को श्री विष्णु जी की पूजा , अर्चना करने से मनुष्य को समस्त भौतिक सुखो और ऐश्वर्यों की प्राप्ति होती है, उसे समाज में सर्वत्र आदर मिलता है, उसकी समस्त मनोकामनाएं निश्चय ही पूर्ण होती है।
द्वादशी तिथि के दिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना अत्यन्त श्रेयकर होता है। द्वादशी के दिन ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मन्त्र की एक माला का जाप अवश्य करें ।
भगवान विष्णु के भक्त बुध ग्रह का जन्म भी द्वादशी तिथि के दिन माना जाता है। इस दिन विष्णु भगवान के पूजन से बुध ग्रह भी मजबूत होता है ।
यदि द्वादशी तिथि सोमवार और शुक्रवार को पड़ती है तो मृत्युदा योग बनाती है। इस योग में शुभ कार्य करना वर्जित है। द्वादशी यदि रविवार के दिन पड़ती है तो क्रकच योग बनाती है, यह अशुभ माना जाता है, इसमें भी शुभ कार्य करना मना किया गया हैं।

