साईंखेड़ा हाईस्कूल प्राचार्य को नोटिस, पुराने भवन तोड़ने के मामले में जांच शुरू

ग्रामीणों की शिकायत के बाद डीईओ डीडी रजक की कार्रवाई बिना अनुमति भवन तोड़कर सामग्री उपयोग का आरोप जांच के बाद होगी प्राचार्य पर कार्रवाई सिलवानी । तहसील क्षेत्र के ग्राम साईंखेड़ा स्थित शासकीय हाईस्कूल में अनियमितता के आरोपों के बाद जिला शिक्षा अधिकारी डीडी रजक ने प्राचार्य हेमलता दास को नोटिस जारी किया है। मामला पुराने हायर सेकेंडरी स्कूल भवन को बिना अनुमति तुड़वाने और उसकी सामग्री के उपयोग से जुड़ा है।जानकारी के अनुसार ग्रामीणों ने शिकायत में आरोप लगाया था कि प्राचार्य द्वारा बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के पुराने शासकीय भवन को ध्वस्त कर उसकी ईंट एवं अन्य सामग्री का उपयोग नए स्कूल की बाउंड्रीवाल निर्माण में किया जा रहा है। इस संबंध में ग्रामीणों ने पूर्व में तहसील कार्यालय पहुंचकर तहसीलदार सुधीर कुमार शुक्ला को एक ज्ञापन सौंपा था जो मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, कलेक्टर रायसेन, एसडीएम एवं जिला शिक्षा अधिकारी के नाम संबोधित था।ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी शासकीय भवन को तोड़ने एवं उसकी सामग्री के उपयोग के लिए पूर्व अनुमति आवश्यक होती है। बिना अनुमति इस प्रकार कार्य किया जाना नियमों के विरुद्ध है और इससे शासकीय संपत्ति के दुरुपयोग की आशंका भी बनती है।ग्रामीणों ने पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं पर रोक लग सके। ज्ञापन सौंपने वालों में विक्रम सिंह, वीरेन्द्र रघुवंशी, मोहित सहित अन्य ग्रामवासी शामिल रहे।इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी डीडी रजक का कहना है कि प्राचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिवस में जवाब मांगा है। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जायेगी।



