फुटेरा कलां में पुलिस के संरक्षण में फल-फूल रहा अवैध कारोबार, ग्रामीणों में भारी रोष

ब्यूरो चीफ: भगवत सिंह लोधी
बटियागढ़ । बटियागढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली फुटेरा कलां चौकी इन दिनों अपराध का गढ़ बनती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि चौकी प्रभारी की कथित मिलीभगत के कारण क्षेत्र में अवैध शराब, जुआ और सट्टे का कारोबार धड़ल्ले से फल-फूल रहा है। आलम यह है कि गांव के अधिकांश घरों में अवैध रूप से शराब बेची जा रही है, जिससे क्षेत्र का माहौल पूरी तरह दूषित हो चुका है।ग्रामीणों में जान मोहम्मद, सरफराज, मोहन पटेल, रोशन सिंह, धर्मेंद्र सहित दर्जनों लोगों ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि फुटेरा कलां में अवैध शराब की बिक्री अब किसी से छिपी नहीं है। गांव के गली-मोहल्लों में स्थित घरों से अवैध शराब का व्यापार बेखौफ संचालित हो रहा है। इतना ही नहीं, मुख्य मार्गों और बाजारों में स्थित चाय-पान के टपरों पर सट्टे की बुकिंग खुलेआम की जा रही है। चर्चा है कि इस अवैध सट्टे का एक निश्चित कमीशन चौकी तक पहुंचता है, यही कारण है कि शिकायतों के बाद भी इन ठिकानों पर कोई कार्रवाई नहीं होती।अवैध शराब और सट्टे के अलावा, क्षेत्र में जुए का खेल भी बड़े स्तर पर पैर पसार चुका है। ग्रामीणों के अनुसार, फुटेरा कलां में हर रात हजारों-लाखों का जुआ फड़ सजाया जाता है। जुआरियों के जमावड़े के कारण आए दिन विवाद और झगड़े की स्थिति बनी रहती है। पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए लोगों ने कहा कि विभाग केवल “दिखावे” के लिए दो-तीन महीने में एक बार छोटी-मोटी कार्रवाई कर खानापूर्ति कर देता है, जबकि मुख्य सरगना अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।गांव में बढ़ते अपराधों और रोजाना होने वाले झगड़ों से त्रस्त होकर ग्रामीणों ने अब पुलिस के आला अधिकारियों का दरवाजा खटखटाया है।फुटेरा कलां चौकी के कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच हो।अवैध शराब और सट्टा अड्डों को तत्काल बंद कराया जाए।नियमित गश्त बढ़ाई जाए ताकि जुए के फड़ बंद हो सकें।ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति और भी बिगड़ सकती है। अब देखना यह है कि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी इस गंभीर मामले पर क्या संज्ञान लेते हैं।इस संबंध में जब थाना प्रभारी रजनी शुक्ला से बात की तो उनका कहना था कि सूचना मिली है तो जल्द से जल्द कार्यवाही की जायेगी।



