शासन के नुमाइंदों ने किसानों के अरमानों पर फेरा पानी, किसान की बद्दुआ कही सरकार को ना पड़ जाए भारी

खाद बीज बोवनी सहित घर गृहस्थी का सामान लेने पड़े पैसों के लाले
जब अपनी फसल के समय पर पैसे ना मिले तो किसान की कैसे होगी दुगुनी आय और कर्जमुक्त
रिपोर्टर : कुन्दनलाल चौरसिया
गौरझामर । किसान की आर्थिक स्थिति चिंताजनक है वही चार माह कठिन परिश्रम कर्ज कर जैसे तैसे फसल आई जिसकी राशि से घर गृहस्थी के सामान, बच्चो को कपड़े, स्कूल फीस, अगली फसल के लिए बीज खाद, डीजल लेने के अभी भी सपने देख रहा है क्योंकि शासन द्वारा समर्थन मूल्य उपार्जन केन्द्र पर उपज विक्रय कर गलती कर बैठा। प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति गौरझामर अंतर्गत विमल सागर वेयर हाउस में संचालित चना उपार्जन केन्द्र पर तमाम दिक्कतों के बाद अपनी चना उपज विक्रय करने की गलती पर पछता रहा है, दरअसल किसान द्वारा चना विक्रय किए हुए डेढ़ माह बीत चुका है लेकिन किसान के अभी भी हाथ खाली है, राशि आने के इंतजार में अपने काम धाम छोड़कर खातों में राशि चेक कराने बैंको के चक्कर लगा रहे हैं, इस संबंध में जब किसान समितियों में जानकारी करता है तो कभी परिवहन समस्या कभी एक दो दिन में पैसे आ जायेगे दिलासा मिलती रही वही अब सतपुड़ा भवन भोपाल में आग लगने का हवाला दिया जा रहा है, लेकिन इसमें किसान की क्या गलती अपनी उपज विक्रय कर पछतावा के अलावा किसान के पास कुछ नहीं है, शासन से किसान पूछ रहा है क्या किसान की जरुरते नही है, क्या किसान इतना धनवान है कि फसल के पैसे नही आए तो गुजारा कर लेगा किसान भी इंसान हैं परिवार है आगामी फसल की तैयारी करना है लेकिन किसान के अरमानों पर शासन के नुमाइंदों ने पानी फेर दिया है, कही ऐसा ना हो कि प्रदेश सरकार को इसका खामियाजा भुगतना ना पड़ जाए, किसान कुवरसिंह दांगी ने बताया मेने 20 क्विंटल चना विक्रय किया था अभी तक पैसे नही आए हैं मेरी भी जरुरते है किससे पैसे मांगू कर्ज कौन चुकाएगा और ब्याज कौन देगा, किसान देवीसिंह लोधी द्वारा अपना हाल बताते हुए आंखे नम हो गईं, समिति अंतर्गत चना विक्रय कर चुके सैकड़ो किसान बेहद तंगहाली से गुजर रहे हैं वही इस संबंध में जब हमारे प्रतिनिधि ने अधिकारियों को फोन लगाया तो रिसीव नहीं किया।



