लक्ष्य जिला सिहोरा समिति के जिला बनाओ का धरना इस सप्ताह 94 की संख्या पार कर चुका
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । 94वे धरना हो चुके है। इन धरनो के साथ सिहोरा विधानसभा वासियों में सिहोरा जिला के प्रति जाग्रति तो उमड़कर आयी है जिसमें लोग सिहोरा को जिला बनते हुए देखना चाहते है पर धरना स्थल में बैठना उन्हें रास थोड़ा कम आता है। जबकि शासन को प्रभावित करने के लिए धरने में संख्या बल की आवश्यकता होती है । सिहोरा की जनता को अधिक संख्या में धरना स्थल पर पहुँचना चाहिए। यह अनुरोध समिति के सदस्यों के द्वारा किया गया। अब बात आती ये क्षेत्रीय विधायक नंदनी मरावी की जिनके समर्थक तो उन्हें बहुत सक्रिय विधायक मानते है लेकिन जब सिहोरा जिला की बात आती है तो उनकी सक्रियता कहीं गुम हो जाती है। अभी बीते सप्ताह मध्य प्रदेश विधानसभा में विधानसभा सत्र चल रहा था अगर विधायिका जी चाहती तो इस सत्र में सिहोरा को जिला बनाने के लिए प्रयास किया होता या आने वाले विधानसभा चुनाव के पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सिहोरा को जिला घोषित कर दे। मुख्यमंत्री जी को यह सोचना चाहिए की जब विपक्षीय दल कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में सिहोरा को जिला बनाने की बात को शामिल करने को कहा है और तो और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सिहोरा को पूर्व मैं ही जिला घोषित भी कर चुके थे । इस प्रकार वर्तमान भाजपा सरकार को सिहोरा में प्रशासनिक कसावट का उदाहरण पेश करना चाहिये और और सिहोरा ज़िला की घोषणा करनी चाहिये। विधायक नन्दनी मरावी को भी यथा सहयोग कर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए।
धरने में अमित बख्शी, मानस तिवारी, अनिल जैन, विकास दुबे, सुशील जैन, मोहन सोंधिया, चेतराम विश्वकर्मा, कृष्णकुमार कुरारिया, गौरी राजे, सुखदेव कौरव, पन्नालाल आदि मौजूद रहे ॥



