मध्य प्रदेश

राजनीतिक निष्ठा सेवा भावना और योग्यता के आधार पर मिले चौरसिया समाज को प्रतिनिधित्व : गौरव चौरसिया

जबलपुर । 1देश और मप्र में चौरसिया समाज के अनेक प्रतिभावान व्यक्तित्व हैं जो सत्ता और संगठन में अपनी योग्यता प्रदर्शित कर सकते हैं। अनेक परिवार ऐसे हैं जिनकी निष्ठा और समर्पण भाजपा और कांग्रेस में पीढ़ियों से हे। लेकिन अभी तक चौरसिया समाज को लोकसभा और विधानसभा में जनसंख्या के आधार पर प्रतिनिधित्व नहीं मिला है।
यह बात अखिल भारतीय आदर्श चौरसिया महासभा दिल्ली की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक और राजनीतिक चिंतन शिविर को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव चौरसिया विक्की ने कहीं। उन्होंने कहा कि चौरसिया समाज के व्यक्तियों में जनता की सेवा करने का उत्साह और समर्पण ज्यादा है। लेकिन राजनीतिक पार्टियों की अनदेखी से उनकी राजनीतिक प्रतिभा का दमन हो रहा हे। समाज के व्यक्ति चरित्रवान, ईमानदार हैं जो समय के अनुसार आज के राजनीतिक परिदृश्य की जरूरत हैं। मप्र में पार्टियों के सर्वे हो जाएं तो दस से बारह ऐसे विधानसभा क्षेत्र हे जहां चौरसिया समाज के व्यक्तित्व प्रभावशाली और जनता में लोकप्रिय हैं। पार्टियों के लिए जिताऊ उम्मीदवार होंगे। उनकी मेहनत और प्रतिभा का लाभ राजनीतिक पार्टियों को भी मिलेगा।
चौरसिया समाज की अनदेखी पड़ेगी मंहगी
राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव चौरसिया ने कहा हमारी अनदेखी राजनीतिक पार्टियों को मंहगी पड़ेगी। अब हमारे समाज का नौजवान जागरूक हो चुका हे। अपने अधिकारों को यदि हक से न मिले तो छीनने के लिए तैयार हे। हम किंग नहीं तो किंग मेकर जरूर हैं। जिस दल में सम्मान नहीं उस दल में मतदान नहीं के सिद्धांत को लागू करने तैयार है।
पान विकास निगम का गठन हो
उन्होंने कहा पान विकास निगम की मांग लंबे समय से की जा रही हे। पान समाज का प्रमुख व्यवसाय है। लंबे समय से सरकारी उपेक्षा हो रही है। सरकारी अनुदान और संरक्षण न मिलने से पान की खेती विलुप्ति की कगार है। पान उत्पादक किसान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। पान किसान क्रेडिट कार्ड, बीमा, समेत पान के औषधीय उपयोग करने की जरूरत है। ये कार्य पान विकास निगम के माध्यम से संभव है।
भोपाल में होगा प्रदर्शन
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि इसी संदर्भ में हम बहुत जल्दी भोपाल में एक मेगा प्रोग्राम भोपाल में करने जा रहे हैं जिसमें पूरे मध्य प्रदेश से लगभग 50-60 हजार समाज जनों का आवाहन किया जाएगा इसी इसी उद्देश्य को लेकर आगामी 3 सितंबर को भोपाल में एक बैठक का आयोजन किया जाएगा जिसमें समाज की उक्त विशाल मीटिंग को संपन्न बनाने की रणनीति बनाई जावेगी जिसमें राजनीतिक चर्चा की जाएगी एवं निश्चित किया जाएगा।

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