व्यापारियों की हड़ताल से मंडी की लाखों की आय प्रभावित
सिलवानी । नगर की अनाज मंडी में दस दिन से कारोबार ठप पड़ है। व्यापारियों द्वारा नीलाम कार्य नहीं करने से यह स्थिति बन रही। इससे मंडी में हजारों कुंटल अनाज की आवक रुकी हुई तो वही मंडी की लाखों की आय भी प्रभावित है। हड़ताल के चलते किसान अपना अनाज नहीं बेंच पा रहे और वे परेशान हैं। वहीं मंडी बंद रहने से हम्माल, तुलावट भी मजदूरी नहीं कर पा रहे इससे उनके सामने आर्थिक संकट बढ़ गया है।
मालूम हो कि अनाज व्यापारियों की विभिन्न मांगों को लेकर अनाज दलहन तिलहन व्यापार महासंघ के प्रदेश स्तरीय आव्हान पर अन्य मंडियों की तरह सिलवानी मंडी भी दस दिनों से बंद है। मंडी के लायसेंसी हम्माल एवं तुलावट वर्ग काम न मिलने से हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं और मजदूरी नहीं कर पाने से उनका परिवार आर्थिक संकट से जूझने लगा है। वहीं अनाज नहीं बेंच पाने के कारण किसानों के भी जरूरी कार्य व कृषि संबंधी खरीदी प्रभावित हो रही है।
जिले की मंडियों में लाखो की आय प्रभावित। मंडी कर्मचारियों के मुताबिक हड़ताल का एक सप्ताह हो चुका। लेकिन हड़ताल के कारण अनाज की आवक नहीं हुई।
सिलवानी कृषि मंडी में में 65 लाइसेंसी व्यापारी और लगभग 130 तुलावटी हम्माल पंजीकृत है।
इधर अनाज व्यापारी संघ के पूर्व अध्यक्ष अशोक रघुवंशी ने कहा कि हड़ताल के संबंध में प्रदेश के अनाज व्यापार संघ की कृषि मंत्री एवं प्रशासनिक अधिकारियो से प्रतिनिधि मंडल की चर्चा हुई। इसमें मंडी बोर्ड स्तर की समस्याओं मांगों को हल करने का आश्वासन मिला है। वहीं शासन स्तर की भी कुछ मांगें हैं। उनका कहना है कि अनाज व्यापारियों की सभी मांगें वाजिब है और इनका निराकरण होना चाहिए।
मुश्किल में हम्माल, तुलावटों का परिवार: हड़ताल के कारण मंडियों से जुड़े हम्माल तुलावटों व हाथ ठेले वालों के परिवार आर्थिक संकट में आ गए हैं। तुलावट संघ के हलीम खा का कहना है कि मजदूरी का कार्य बंद है। परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। शासन को शीघ्र ही इस संबंध में निर्णय लेकर मंडी चालू कराना चाहिए।
किसान सचिन साहू का कहना है कि लगभग दस दिनों से मंडी बंद होने से हम काफी परेशान है, आर्थिक समस्या से जूझ रहे है।



