संगमरमरी वादियों में हुई संगीत साधना – माँ के विविध रूपों को भी किया अभिव्यक्त
नर्मदा महोत्सव का शानदार आगाज़, गायिका साधना सरगम ने दी फिल्मी गीतों की शानदार प्रस्तुति, झूम उठे दर्शक
ब्यूरो चीफ : मनीष श्रीवास
जबलपुर । नर्मदा नदी तट पर कल- कल बहती माँ नर्मदा की जलधारा के बीच संगीत की छटा ऐसी बिखरी कि संगमरमरी वादियाँ भी सुरों से सज गईं। शुक्रवार शाम को दो दिवसीय नर्मदा महोत्सव का शानदार आगाज़ हुआ। खास शरद पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित किए जा रहे इस महोत्सव के पहले दिन का आकर्षण सुप्रसिद्ध पाश्र्व गायिका मुंबई की साधना सरगम का गायन रहा। पहले दिन के कार्यक्रम की शुरुआत माँ नर्मदा की पूजा अर्चना से हुई। माँ नर्मदा पूजन के बाद अतिथियों का स्वागत एवं दीप प्रज्ज्वलन किया गया । यहाँ लोकनृत्यों से लेकर भजनों की प्रस्तुतियाँ शानदार रहीं। पाश्र्व गायिका साधना ने मंच पर आते ही नर्मदा मैया की जय-जयकार की। उन्होंने नीले-नीले अंबर पर…,पहला नशा…,हर किसी को नहीं मिलता…,दिल बहलता है मेरा आपके आ जाने से…ओ पालनहारे जैसे गीत गाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध से भर दिया । पाश्र्व गायिका ने श्रोताओं की फरमाइश पर भी गीत गाये और ऑडियंस के बीच पहुँचकर सुरों का जादू भी चलाया। लोकनृत्य भी शानदार मुक्ताकाशी मंच पर मेघा पांडेय एवं समूह द्वारा लोकनृत्यों की शानदार प्रस्तुतियाँ दी गईं।
इस लोकनृत्य में 11 कलाकारों ने माँ दुर्गा के रूपों को प्रस्तुत किया, जिसमें माँ के विविध रूपों को भी अभिव्यक्त किया गया, वहीं जबलपुर के ईशान मिनोचा द्वारा भजन माई तेरी चुनरिया लहरिया… बेटियाँ क्यों पराई हैं… जैसी प्रस्तुतियाँ देते हुए समाँ बाँधा। आयोजन में कमिश्नर अभय वर्मा, कलेक्टर सौरभ कुमार सुमन, नगर निगम कमिश्नर स्वप्निल वानखड़े, अपर कलेक्ट शेरसिंह मीणा, समाजसेवी महेश केमतानी व अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे। जबलपुर पुरातत्व पर्यटन एवं संस्कृति परिषद द्वारा जिला प्रशासन, जिला पंचायत, नगर निगम जबलपुर, नगर परिषद भेड़ाघाट एवं जबलपुर विकास प्राधिकरण के सहयोग से कार्यक्रम आयोजित हुआ । दर्शकों की कमी एक तरफ तो कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियाँ रहीं जारी ।



