Aaj ka Panchang आज का पंचांग शनिवार, 18 नवम्बर 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शनिवार 18 नवम्बर 2023
18 नवम्बर 2023 दिन शनिवार को कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पञ्चमी तिथि है। आज लाभ पाचम है। इसे पांडव पञ्चमी भी कहा जाता है। जैन लोग इसे सौभाग्य पञ्चमी भी कहते हैं। परंतु बहुत ही महत्वपूर्ण आज छठ पूजा का दूसरा दिन खरना होता है। कार्तिक शुक्ल पंचमी को पूरे दिन व्रत रखा जाता है एवं शाम को व्रती भोजन ग्रहण करते हैं। इसे खरना कहा जाता है। इस दिन अन्न एवं जल ग्रहण किये बिना उपवास किया जाता है। शाम को चावल एवं गुड़ से खीर बनाकर खाया जाता है। नमक और चीनी का इस्तेमाल बिलकुल नहीं किया जाता। चावल का पिठ्ठा एवं घी लगी रोटी भी खाई जाती है और प्रसाद के रूप में वितरीत भी किया जाता है। आज बुध देवता पश्चिम दिशा में उदित हो रहे हैं। आप सभी सनातनियों को “छठ व्रत के दूसरे दिन खरना व्रत” की हार्दिक शुभकामनायें।
शनि देव जी का तांत्रिक मंत्र – ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।।
☄️ दिन (वार) -शनिवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से आयु का नाश होता है । अत: शनिवार को बाल और दाढ़ी दोनों को ही नहीं कटवाना चाहिए।
शनिवार के दिन प्रात: पीपल के पेड़ में दूध मिश्रित मीठे जल का अर्ध्य देने और सांय पीपल के नीचे तेल का दीपक जलाने से कुंडली की समस्त ग्रह बाधाओं का निवारण होता है ।
शनिवार के दिन पीपल के नीचे हनुमान चालीसा पड़ने और गायत्री मन्त्र की àएक माला का जाप करने से किसी भी तरह का भय नहीं रहता है, समस्त बिग़डे कार्य भी बनने लगते है ।
शिवपुराण के अनुसार शनि देव पिप्लाद ऋषि का स्मरण करने वाले, उनके भक्तो को कभी भी पीड़ा नहीं देते है इसलिए जिन के ऊपर शनि की दशा चल रही हो उन्हें अवश्य ही ना केवल शनिवार को वरन नित्य पिप्लाद ऋषि का स्मरण करना चाहिए।
शनिवार के दिन पिप्पलाद श्लोक का या पिप्पलाद ऋषि जी के केवल इन तीन नामों (पिप्पलाद, गाधि, कौशिक) को जपने से शनि देव की कृपा मिलती है, शनि की पीड़ा निश्चय ही शान्त हो जाती है ।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर हेमंत ऋतु
⛈️ मास – कार्तिक मास
🌒 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – कार्तिक मास शुक्ल पक्ष दिन शनिवार पंचमी तिथि 09:18 AM तक उपरांत षष्ठी
✏️ तिथी स्वामी : पंचमी तिथि के देवता हैं नागराज। इस तिथि में नागदेवता की पूजा करने से विष का भय नहीं रहता, स्त्री और पुत्र प्राप्ति होती है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र उत्तराषाढ़ा 12:06 AM तक उपरांत श्रवण
🪐 नक्षत्र स्वामी – उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का स्वामी सूर्य है। तथा राशि स्वामी गुरु है तो नक्षत्र स्वामी सूर्य है।
🔊 योग : गण्ड योग 02:17 AM तक, उसके बाद वृद्धि योग
⚡ प्रथम करण : बालव – 09:18 ए एम तक
✨ द्वितीय करण : कौलव – 08:21 पी एम तक
🔥 गुलिक काल : – शनिवार को शुभ गुलिक प्रातः 6 से 7:30 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – शनिवार को पूर्व दिशा का दिकशूल होता है ।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से अदरक खाकर, घी खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सुबह – 9:00 से 10:30 तक।राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:37:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:33:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:41 ए एम से 05:32 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 05:06 ए एम से 06:22 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:39 ए एम से 12:24 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 01:54 पी एम से 02:39 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:40 पी एम से 06:05 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 05:40 पी एम से 06:56 पी एम
💧 अमृत काल : 06:01 पी एम से 07:33 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:36 पी एम से 12:27 ए एम, नवम्बर 19
⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग : 12:07 ए एम, नवम्बर 19 से 06:23 ए एम, नवम्बर 19
❄️ रवि योग : 06:22 ए एम से 12:07 ए एम, नवम्बर 19
🚓 यात्रा शकुन-हरे फ़ल खाकर अथवा दूध पीकर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-किसी बटुक को कांस्य पात्र भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-अपामार्ग के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – मूल प्रारंभ/भद्रा/सर्वार्थसिद्धि योग/अमृत योग/ पांडव पंचमी/ ज्ञान पंचमी (जैन)/ पुरुषों के खिलाफ हिंसा के उन्मूलन के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस है, मिकी माउस दिवस, मिन्नी माउस का जन्मदिन, राष्ट्रीय विचिसोइस दिवस, आवास दिवस, विश्व दर्शन दिवस, विश्व प्रौढ़ दिवस, मोरक्को स्वतंत्रता दिवस, ओमान राष्ट्रीय दिवस, परमवीर चक्र से सम्मानित भारतीय सैनिक शैतान सिंह स्मृति दिवस, राष्ट्रीय पुस्तक दिवस (सप्ताह), नवजात शिशु दिवस (सप्ताह), राष्ट्रीय औषधि दिवस (सप्ताह), विश्व वयस्क दिवस, मिरगी दिवस, विश्व रोगाणुरोधी जागरूकता सप्ताह (18 से 24 नवंबर)
✍🏼 विशेष – पञ्चमी को बिल्वफल एवं षष्ठी तिथि को तैल कर्म अर्थात शरीर में तेल मालिश करना या करवाना त्याज्य बताया गया है। पञ्चमी तिथि को खट्टी वस्तुओं का दान और भक्षण दोनों त्याज्य है। पञ्चमी तिथि धनप्रद एवं शुभ तिथि मानी जाती है। इसके स्वामी नागराज वासुकी हैं तथा पूर्णा नाम से विख्यात यह तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ और कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायीनी मानी जाती है।
🏘️ Vastu Tips 🏚️
आज वास्तु शास्त्र में हम आपको घर के नैऋत्य कोण, यानी दक्षिण-पश्चिम दिशा में फ्लोर के कलर के बारे में बताएंगे। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर हो या ऑफिस, इनके दक्षिण-पश्चिम हिस्से में येलो कलर के स्टोन, यानि पीले रंग के मार्बल का चुनाव करना अच्छा माना जाता है।
अगर आप पूरे फर्श पर येलो स्टोन न लगवाना चाहें, तो आप इस दिशा के थोड़े से हिस्से में येलो स्टोन, यानी पीले रंग का पत्थर लगाकर भी इस दिशा से संबंधित शुभ फलों की प्राप्ति कर सकते हैं। वास्तु के मुताबिक, ऐसा करने से घर या ऑफिस में कभी किसी चीज की कमी नहीं होती है। सभी चीजों में स्थिरता बनी रहती है। साथ ही घर में माता का स्वास्थ्य अच्छा रहता है।
इन बातों का भी रखें ध्यान अगर आपके घर की दिवारों का रंग बहुत गहरा है तो आपको अपने घर के फर्श के लिए व्हाइट या ऑफ व्हाइट मार्बल या पत्थर का चुनाव करना चाहिए। इससे घर में किसी तरह का नुकसान नहीं होता है। वास्तु शास्त्र की माने तो घर में फर्श पर ज्यादा गहरे या चटकीले प्रिंट वाले कार्पेट का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इससे घर में नेगेटिव एनर्जी का फ्लो बढ़ता है और घर की सुख-शांति में भी बाधा आती है।
⏹️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
सोने से पहले शरीर पर लगा लें इनमें से कोई तेल नारियल तेल सोने से पहले शरीर पर नारियल तेल लगाना स्किन को अंदर से नरिश करता है और स्किन में नमी को लॉक करता है। ये स्किन की टोनिंग में मददगार है और इसके टैक्सचर को कम करता है। ये तेल ड्राई स्किन को अंदर से हील करता है और इसे फटने से रोकता है। तो, रात को सोने से पहले नारियल तेल को गर्म कर लें और फिर इससे अपने शरीर की मालिश कर लें। ये स्किम को हमेशा हेल्दी रखेगा।
सरसों का तेल सरसों का तेल, हड्डियों को ही नहीं स्किन को भी हेल्दी रखने में मददगार है। इसके अलावा सरसों तेल एंटीबैक्टीरियल है जो कि किसी भी प्रकार के स्किन इंफेक्शन को रोकने में मदद करता है। साथ ही सरसों तेल के इस्तेमाल से फटी हुए स्किन लंबे समय तक के लिए मॉइस्चराइज रहती है जिससे स्किन अंदर से स्वस्थ और खूबसूरत बनी रहती है। तो, रात को सोने से पहले सरसों के तेल को गर्म कर लें और फिर इस तेल को लगा लें।
🍃 आरोग्य संजीवनी 🌸
डायबिटीज में कैसे करें पनीर के फूल का इस्तेमाल?
पनीर के फूल करीब 6-7 ले लीजिए और इन्हें एक गिलास पानी में डालकर भिगो दें।
आप इन्हें रात भर भिगो कर रखें या फिर 2-3 घंटे के लिए भी पानी में भिगो सकते हैं।
अब पानी समेत पनीर के फूलों को उबाल लें, ऐसा करने से पनीर के फूल के सारे तत्व पानी में चले जाएंगे।
पानी को छान लें और पनीर के फूल के पानी को हल्का गुनगुना ही पी लें।
आप इसे सुबह खाली पेट पिएं तो आपको ज्यादा फायदा मिलेगा और ब्लड शुगर जल्दी कंट्रोल होगा।
आप चाहें तो मार्केट में पनीर के फूल का पाउडर भी मिलता है उसका भी उपयोग कर सकते हैं।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
आचार्य श्री गोपी राम के नीति शास्त्र के अनुसार पति और पत्नी एक दूसरे के पूरक होते हैं। यदि उनमें से एक ने भी यह गलती कर दी तो बसा बसाया घर उजड़ जाता है। आचार्य श्री गोपी राम राम के अनुसार परिवार की सुख-शांति पति-पत्नी के मधुर रिश्तों पर टिकी होती है। कहते हैं कि जिस घर में पति-पत्नी के बीच आपसी तालमेल नहीं होता वहां से लक्ष्मी का बसेरा नहीं होता। ऐसे में पति और पत्नी को इन कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। आचार्य ने खुशहाल दांपत्य जीवन के लिए कुछ सलाह दिए हैं। जिसे आज़माकर आप अपने रिश्ते को और बेहतर बना सकते हैं।
एक दूसरे की इज़्ज़त न करना
आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार वो शादी कभी भी नहीं टिकती जहां लोग एक दूसरे की इज़्ज़त नहीं करते हैं। जहां इज़्ज़त नहीं होगी वहां प्यार का सवाल ही नहीं उठता है। ऐसी शादी में कोई भी खुश नहीं रहता है। इस एक गलती की वजह से दो लोग जीवन भर एक दूसरे को सम्मान नहीं दे पाते हैं। यह रिश्ता एक-दूसरे के प्रति इज़्ज़त और सम्मान पैदा करता है। अगर पति या पत्नी एक-दूजे को सम्मान नहीं देते, अपशब्द बोलते हैं, समाज में एक-दूजे की इज्जत नहीं करते, तो ऐसी शादी का कोई मतलब नहीं है।
आचार्य श्री गोपी राम कहते हैं कि जहाँ पार्टनर एक दूसरे की फ़िक्र नहीं करते हैं। इज़्ज़त नहीं करते हैं वो रिश्ता महज़ नाम भर का होता है। वहां सब कुछ होता है लेकिन प्यार नहीं। ऐसे रिश्ते में छल, कपट भरा होता है। लोग एक दूसरे को धोखा देते हैं। पति हो या पत्नी, दोनों ही यदि शादी से बाहर जाकर नाजायज़ रिश्ता बनाएं, तो शादी में दरार उसी समय पड़ जाती है।
जब जीवनसाथी एक दूसरे का सम्मान नहीं करते हैं तब वे एक दूसरे से हर ज़रूरी बात भी छिपाते हैं। रिश्ते की नींव भरोसे पर टिकी होती है। इसलिए पति पत्नी को अपनी हर छोटी-बड़ी बात अपने जीवनसाथी से बतानी चाहिए। अगर दोनों एक दूसरे से बातें छुपाते हैं तो ये सब बातें धीरे-धीरे शादी के टूटने का कारण बनती हैं।
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⚜️ पंचमी तिथि में शिव जी का पूजन सभी कामनाओं की पूर्ति करता है। आज नाग देवता का पूजन करके उन्हें बहती नदी में प्रवाहित करने से भय और कष्ट की निवृत्ति हो जाती है यहाँ तक की कालसर्प दोष तक की शान्ति हो जाती है। अगर भूतकाल में किसी की मृत्यु सर्पदंश से हुई हो तो उसके नाम से सर्प पूजन से उसकी भी मुक्ति तक हो जाती है।
पञ्चमी तिथि बहुत ही शुभ मानी जाती है। इस तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति गुणवान होता है। इस तिथि में जिस व्यक्ति का जन्म होता है वह माता पिता की सेवा को ही सर्वश्रेष्ठ धर्म समझता है। इनके व्यवहार में उत्तम श्रेणी का एक सामाजिक व्यक्ति दिखाई देता है। इनके स्वभाव में उदारता और दानशीलता स्पष्ट दिखाई देती है। ये हर प्रकार के सांसारिक भोग का आनन्द लेते हैं और धन धान्य से परिपूर्ण जीवन का आनंद उठाते हैं।


