ज्योतिष

Aaj ka Panchang आज का पंचांग शनिवार, 23 दिसम्बर 2023

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शनिवार 23 दिसम्बर 2023

23 दिसम्बर 2023 दिन शनिवार को मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष कि एकादशी तिथि है। आज वैष्णवों का एकादशी व्रत है। जिन्होने कल अर्थात 22 दिसम्बर को मोक्षदा एकादशी का व्रत रखा था, उन्हें आज 08:00 बजे के बाद ही पारण करना चाहिए। परन्तु वैष्णवों की एकादशी आज 23 दिसम्बर को ही है। इस एकादशी को मोक्षदा एकादशी के नाम से जाना जाता है। इसे मौन एकादशी भी जैन लोग कहते हैं। आज गीता जयन्ती का परम पावन व्रत भी है। लिखा है:- अखिल भूमण्डले गीता ज्ञान महोत्सव:। या स्वयं पद्मनाभस्य मुख पद्मद्विनिस्मृतां।। अर्थात जो स्वयं भगवान पद्मनाभ के श्रीमुख से निकली हुई है, ऐसे गीता के परम पावन ज्ञान को अखिल भूमण्डल पर प्रसारित करने का यह महान उत्सव है अर्थात आज ही है। आज व्यंजन द्वादशी भी है। लिखा है:- बहुविध पक्वान्नम् विष्णुम अर्पयेत्। अर्थात अनेकों प्रकार के पक्वान्न बनाकर भगवान जनार्दन की पुजा-अर्चना करना चाहिये। आज अखण्ड दान द्वादशी भी है। त्रिपुष्कर योग से युक्त यह मोक्षदा एकादशी अति ही पुण्यदायिनी है। आप सभी सनातनियों को “मोक्षदा एकादशी व्रत” की हार्दिक शुभकामनायें।।
शनि देव जी का तांत्रिक मंत्र – ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।।
☄️ दिन (वार) -शनिवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से आयु का नाश होता है । अत: शनिवार को बाल और दाढ़ी दोनों को ही नहीं कटवाना चाहिए।
शनिवार के दिन प्रात: पीपल के पेड़ में दूध मिश्रित मीठे जल का अर्ध्य देने और सांय पीपल के नीचे तेल का दीपक जलाने से कुंडली की समस्त ग्रह बाधाओं का निवारण होता है ।
शनिवार के दिन पीपल के नीचे हनुमान चालीसा पड़ने और गायत्री मन्त्र की àएक माला का जाप करने से किसी भी तरह का भय नहीं रहता है, समस्त बिग़डे कार्य भी बनने लगते है ।
शिवपुराण के अनुसार शनि देव पिप्लाद ऋषि का स्मरण करने वाले, उनके भक्तो को कभी भी पीड़ा नहीं देते है इसलिए जिन के ऊपर शनि की दशा चल रही हो उन्हें अवश्य ही ना केवल शनिवार को वरन नित्य पिप्लाद ऋषि का स्मरण करना चाहिए।
शनिवार के दिन पिप्पलाद श्लोक का या पिप्पलाद ऋषि जी के केवल इन तीन नामों (पिप्पलाद, गाधि, कौशिक) को जपने से शनि देव की कृपा मिलती है, शनि की पीड़ा निश्चय ही शान्त हो जाती है ।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर हेमंत ऋतु
⛈️ मास – मार्गशीर्ष मास
🌖 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – मार्गशीर्ष माह शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि 07:12 AM तक उपरांत द्वादशी तिथि 06:24 AM तक उपरांत त्रयोदशी
✏️ तिथी स्वामी : द्वादशी तिथि के देवता हैं विष्णु। इस तिथि को भगवान विष्णु की पूजा करने से मनुष्य सदा विजयी होकर समस्त लोक में पूज्य हो जाता है।
💫 नक्षत्र : नक्षत्र भरणी 09:19 PM तक उपरांत कृत्तिका
🪐 नक्षत्र स्वामी : नक्षत्र का स्वामी शुक्र ग्रह होता है। भरणी नक्षत्र के दूसरे चरण के स्वामी ग्रहों के राजकुमार बुध देव होते हैं।
📢 योग : शिव योग 09:07 AM तक, उसके बाद सिद्ध योग
प्रथम करण : विष्टि – 07:11 ए एम तक बव – 06:45 पी एम तक
द्वितीय करण : बालव – 06:24 ए एम, दिसम्बर 24 तक
🔥 गुलिक काल : – शनिवार को शुभ गुलिक प्रातः 6 से 7:30 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – शनिवार को पूर्व दिशा का दिकशूल होता है ।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से अदरक खाकर, घी खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सुबह – 9:00 से 10:30 तक।राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:47:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:13:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:59 ए एम से 05:51 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:25 ए एम से 06:42 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:53 ए एम से 12:37 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:06 पी एम से 02:50 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:45 पी एम से 06:11 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 05:48 पी एम से 07:05 पी एम
💧 अमृत काल : 04:34 पी एम से 06:09 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:50 पी एम से 12:41 ए एम, दिसम्बर 24
🌸 त्रिपुष्कर योग : 09:19 पी एम से 06:24 ए एम, दिसम्बर 24
🚙 यात्रा शकुन-शर्करा मिश्रित दही खाकर घर से निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनयै नम:।
🤷🏻‍♂️ आज का उपाय-शनि मंदिर में काले तिल चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-शमी के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – मोक्षदा एकादशी व्रत (वैष्णव/निम्बार्क)/गीता जयंती (पंचांग भेद), पामुलापति वेंकट नरसिंह राव स्मृति दिवस, भूतपूर्व महासचिव अवतार सिंह रिखी जन्म दिवस, स्वामी श्रद्धानन्द बलिदान दिवस, स्वतंत्रता सेनानी अर्जुन लाल सेठी पुण्य तिथि, किसान दिवस ( चौधरी चरण सिंह जन्म दिवस), राष्ट्रीय जड़ दिवस
✍🏼 विशेष – द्वादशी तिथि को मसूर की दाल एवं मसूर से निर्मित कोई भी व्यंजन नहीं खाना न ही दान देना चाहिये। यह इस द्वादशी तिथि में त्याज्य बताया गया है। द्वादशी तिथि के स्वामी भगवान श्री हरि नारायण हैं। आज द्वादशी तिथि के दिन भगवान नारायण का श्रद्धा-भाव से पूजन करना चाहिये। साथ ही भगवान नारायण के नाम एवं स्तोत्रों जैसे विष्णुसहस्रनाम आदि के पाठ एवं जप से धन, यश एवं प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है।
🗼 Vastu tips 🗽
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर की छत पर कोई भी फालतू सामान या कबाड़ा नहीं रखना चाहिए। ऐसा करने से परिवार के सदस्यों के मन और मस्तिष्क पर नकारात्मक असर पड़ता है और पितृ दोष भी लगता है। साथ ही पूरे घर का माहौल खराब हो जाता है।
वास्तु के मुताबिक, कबाड़ को छत पर रखना आपके घर में कलह का कारण भी बन सकता है। तो ऐसे में आपके घर में यदि बिना उपयोग का फालतू सामान बहुत समय से पड़ा है तो उसे घर के बाहर करिए। लेकिन अगर आपके घर में ऐसा कोई सामान है जो उपयोगी तो है परंतु अभी उसका कोई काम नहीं है तो ऐसी चीजों को ऐसे ही कहीं भी न पटके, बल्कि उन्हें व्यवस्थित ढंग से एक जगह पर रख दें।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
सुबह सोकर उठने के बाद क्यों होता है कमर में दर्द
आचार्य श्री गोपी राम की मानें तो सुबह सोकर उठने के बाद अगर आपको कमर में तेज दर्द होता है तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। आमतौर पर जब हम सो रहे होते हैं तो कमर को आराम मिलता है। इसलिए दर्द नहीं होना चाहिए। लेकिन जिन लोगों की मांसपेशियां कमजोर होती हैं उन्हें ऐसी परेशानी हो सकती है। कई बार एक खास तरह का आर्थराइटिस जिसे एंकिलॉजिंग स्पॉन्डिलाइटिस कहते हैं वो भी कमर दर्द की वजह बन सकता है। गठिया होने पर भी ऐसा होता है। वहीं कई बार डिस्क या कनाल स्टेनोसिस की प्रॉब्लम होने पर भी कमर में दर्द होने लगता है। इन कारणों की वजह से सुबह-सुबह दर्द होता है। इसकी डॉक्टर से जांच जरूर करवानी चाहिए।
💉 आरोग्य संजीवनी 🩸
काली हल्दी के फायदे काली हल्दी में कार्मिनेटिव गुण पाए जाते हैं जो पाचन की समस्या को दूर करते हैं। इससे शरीर के किसी भी हिस्से में पनपने वाली सूजन को कम किया जा सकता है। काली हल्दी के सेवन से पाचनतंत्र मजबूत बनता है। इसके सेवन से बैक्टीरिया, फंगस और वायरस के संक्रमण को कम किया जा सकता है। काली हल्दी में भरपूर एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो ऑक्सीडेटिव तनाव से निपटने और हानिकारक फ्री रेडिकल्स को कम करते हैं। बढ़ती उम्र को रोकने के लिए हल्दी मददगार साबित होती है। काली हल्दी के इस्तेमाल से मुंहासे, एक्जिमा और घावों को ठीक करने में मदद मिलती है।
जोड़ों के दर्द में काली हल्दी काली हल्दी गठिया, सूजन और हृदय संबंधी बीमारियों को दूर करने में मदद करती है। जोड़ों के दर्द और गठिया के मरीज काली हल्दी का इस्तेमाल जरूर करें। इससे सूजन और दर्द को कम करने में आराम मिलेगा। डीजेनरेटीव अर्थराइटिस और सूजन को कम किया जा सकता है। आप हल्दी का लेप लगा सकते हैं। इसका उपयोग पाउडर के रूप में कर सकते हैं। आप चाहें तो इसे किसी स्मूदी या सूप में डालकर भी पी सकते हैं। आप काली हल्दी से चाय बनाकर भी पी सकते हैं।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
कल का शेष
तो शंख की ध्वनि इतनी ज्यादा पॉजिटिव होती है। महाभारत काल में, रामायण काल में और कृष्ण जी के काल में हर जगह वर्णन है। यहाँ तक की हमारे पुरानी आध्यात्मिक जितनी भी किताबें हैं, ग्रंथ हैं उनमें भी शंख, खाली बजाया ही नहीं जाता, शंख की आकृति भी बनाई जाती है, एक शुभता का प्रतीक दिखाने के लिए।
शंख अक्सर एक नई शुरुआत की निशानी होती है और उसकी ध्वनि इतनी कमाल की है कि ये केवल निगेटिव ऊर्जा पर ही अटैक नहीं करती, आपको भी एक ऐसी पॉजिटिव एनर्जी ये देती है आपकी बॉडी को, आपके मस्तिष्क को। जो शंख बजाता है वो दूसरों को तो फायदा देता ही है, उसके खुद के शरीर को फायदा भी मिलता है। हालांकि शंख बजाने में बहुत मेहनत लगती है। आपके मुँह में दर्द हो जाएगा। पर अगर आप एक बार ही शंख बजा लें तो आप खुद महसूस करेंगे कि एकदम, एक अलग ही वातावरण हो गया है मतलब एक नया ही एटमॉस्फियर हो गया है।
तो ये दूसरी प्रकार की जो साउंड है शंख की, ये जरूर ट्राई करें। शंख लाएं और अपने घर में बजाएं। रोज एक बार ही बजा लें, किसी भी टाइम बजा लें। मैं कभी नहीं मानता इन बातों पे कि पूजा का ये टाइम है या वो टाइम है। किसी भी चीज का कोई टाइम आप निर्धारित नहीं कर सकते क्योंकि हर टाइम सही है, अगर आपने सही काम करने की सोच ली है तो।
अब बात करते हैं हमारी लास्ट और तीसरी साउंड की। तीसरी साउंड है, मंत्रों की साउंड यानी कि वोकल साउंड, वो भी हमारे खुद के बोलने द्वारा। अक्सर होता क्या है, जो निगेटिव ऊर्जाएं होती हैं, ये सन्नाटा तो पसंद करती हैं पर जब ये आपके दिमाग पर हावी होती हैं और आपसे, आपस में लोगों में झगड़े कराती हैं, अपनी फैमिली में झगड़े कराती हैं तो जो कलह होता है, क्लेश होता है, आपस में एक दूसरे को हम गाली-गलौज करते हैं, बुरा-भला कहते हैं, रोते हैं, चीखते हैं तो ये साउंड तो हो रही है पर ये साउंड निगेटिव साउंड है, ये पॉजिटिव साउंड नहीं है। किसी का रोना, किसी का चिल्लाना, किसी का बुरा-भला कहना ये सब निगेटिव साउंड्स हैं और निगेटिव साउंड्स से इन बुरी आत्माओं को पॉवर मिलती है।
तो आपको इसका उल्टा करना है। आपको पॉजिटिव साउंड्स देनी हैं। पॉजिटिव साउंड्स अपने वातावरण में फैलानी है। वो कैसे होगा ? आपको अपनी आवाज से मंत्र बोलिए, अच्छी अच्छी भगवान की ग्रंथ हैं उनको पढ़िए और केवल मन में मत पढ़िए, तेज तेज पढ़िए। गीता पढ़िए घर में। रोज नियम बना लीजिए कि आपको एक गीता का अध्याय शाम को पढ़ना है या सुबह पढ़ना है या किसी भी टाइम, जब आपको टाइम मिले या हमें सुंदरकांड पढ़नी है या हनुमान चालीसा पढ़नी है, बोल-बोल कर पढ़नी है जिससे और लोगों को भी सुनाई दे और आपको तो खैर सुनाई दे ही रहा है या कोई भी मंत्र है, आप किसी भी भगवान का, किसी भी देवता का मंत्र कर सकते हैं। उसकी माला भी कर रहे हैं तो बोल-बोल कर कीजिये। कोई भगवान की आरती कर लीजिए। पॉजिटिव चीजें हैं, ये चीजें सकारात्मकता वाली हैं। वो चीजें हैं जो सुन कर मन प्रसन्न होता है, खुश होता है। आप सुंदर सुंदर गीत अपने भगवान के गा लीजिए। किसी भी तरीके की पूजा। ये कोई स्पेसिफिक नहीं है कि आप कोई एक भगवान चूज कीजिए या ये कीजिए या वो कीजिए। हर ईश्वर, हर शक्ति जिस रूप में आप भगवान को ध्याओगे उस रूप में वो चले आएंगे आपके लिए।
ये कोई मैटर नहीं करता कि आप किस धर्म के हो, आप चाहे क्रिश्चियन हो। यहाँ तक कि मैंने क्रिश्चियन्स की पोयम और उनकी जो प्रेयर्स हैं वो सुनी हैं। मतलब कमाल है, हम लोगों ने, सियासी लोगों ने और पॉलिटिशियन्स ने भले ही लोगों को डिवाइड कर दिया हो पर अगर आप ट्राई करेंगे डिफरेंट डिफरेंट धर्म के लोगों की प्रेयर्स सुनेंगे, उनके मतलब सुनेंगे, उनके सार सुनेंगे तो आप खुद कहेंगे कि हर इंसान एक है, हर धर्म एक है, हर चीज एक ही, हर कोई बस हमने फॉर्म्स बदल दी भगवान की, उनके रूप बदल दिए पर अल्टीमेटली हमारा जो एन्ड है, कॉन्क्लूजन है वो यही है कि हे भगवान, हे ईश्वर, हे अल्लाह, हे जीसस, हे गुरुनानक ! जो भी हो आप, जो भी सुप्रीम पॉवर है वो हमारे को शक्ति दे, हमारे को प्रोटेक्टेड रखे, हमारी फैमिली की रक्षा करे, बुराई को दूर करे, हमें अपनी पनाह में ले, हमारे पापों को माफ करे, हमें सही रास्ता दिखाए। हर कोई यही चाहता है। तो आप इस तरीके की प्रार्थना बोल कर करें। अगर आप सिम्पली ये भी बोल देंगे कि हे ईश्वर, हे परमेश्वर ! मैं आपकी शरण में आया हूँ, मेरी मदद कीजिए, आप कदम कदम पर लोगों की सहायता करते हैं, आपने हर वक्त बुराई का नाश किया है तो मैं आपका आवाहन करता हूँ ! हे परमपिता, हे परमेश्वर ! आप इस धरती पर आइए, मेरे परिवार की रक्षा कीजिए ! अगर आप इस तरह एक सिम्पल मन से भी कोई चीज बोल दें न ! दिल से भी बोल देंगे तो वो भी एक पॉजिटिव साउंड है। जो आपके घर के वातावरण को बदल देगी क्योंकि अगर आप कोई पूजा भी कर रहे हैं और मंत्र भी कर रहे हैं और आपका उसमें दिल नहीं है, मन नहीं है और आप बस एक खानापूर्ति के लिए कर रहे हैं। मैंने बहुत से लोगों को देखा है पूजा नहीं पसंद, मंत्र गाना नहीं पसंद, 108 माला करना नहीं पसंद, किसी भी तरीके की कोई चालीसा करने का मन नहीं है। घर वाले पीछे पड़ रहे हैं, कर बेटा कर। नहीं है मन पर जबरदस्ती बस पढ़ रहे हैं फटाफट खत्म हो और मैं निकलूं तो उस पूजा का कोई फायदा नहीं है क्योंकि न आपकी आत्मा उस चीज को दिल से कर रही है, न आपका मन कर रहा है। आप तो बस एक खानापूर्ति कर रहे हो।
जब मन से प्रार्थना निकलती है न ! तो न किसी मंत्र की जरूरत है, न किसी तंत्र की, किसी यंत्र की। मन से निकली हुई दुआ, मन से निकली हुई बद्दुआ और मन से निकली हुई प्रार्थना हमेशा लगती है। ये बात याद रखना।
तो आप ये 3 साउंड्स अपने जीवन में ऐड कीजिए। अपने घर में ऐड कीजिए। आप चाहें तो अपने, जहाँ भी आप काम करते हैं, आपका बिजनेस है, आपका वर्किंग एन्वॉयरमेंट है आप वहाँ भी इसे ऐड कर सकते हैं, अगर आप करना चाहें तो और आप ये कुछ टाइम कीजिए और ये नहीं है कि आपने रोक दिया कि भाई एक महीने किया, दस दिन का उपाय। ये उपाय नहीं हैं, ये एक लाइफस्टाइल है। अपनी जिंदगी में ऐड करने वाली चीज है। अगर आप रोज एक बार ही शंख बजा लेंगे या एक बार ही घंटी बजा लेंगे या एक बार ही भगवान का नाम ले लेंगे या उनसे प्रार्थना कर लेंगे कि हे प्रभु, हमारी रक्षा कीजिए ! तो इसमें मेरे ख्याल में आपका भी कुछ नहीं जाएगा और न किसी और का। बस आपको कुछ मिलेगा ही बदले में, आप यूनिवर्स में कुछ पॉजिटिव ही दे रहे हो। तो ट्राई करके देखिए। बदलाव जरूर महसूस होगा।
हमेशा याद रखिए चाहे कोई कितना भी बुरा है, चाहे कोई कितना भी बुरा कर रहा है, चाहे कोई आत्मा है, चाहे कोई भूत प्रेत है, कोई कितना भी बुरा कर रहा है, वो उस स्थिति में रह कर भी बुरा कर्म कर रहा है और उसकी सजा उसे मिलेगी और ऑलरेडी मिल रही है क्योंकि वो उस योनि में है।
हमेशा अपने ईश्वर पर विश्वास रखिए। विश्वास रखेंगे तो भगवान आपको ऐसी कमाल की जगहों पर पहुंचाएगा, ऐसे कमाल के आपको मिरेकल्स दिखाएगा कि आप यकीन नहीं कर पाओगे।
समाप्ति
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⚜️ आज द्वादशी तिथि के दिन तुलसी नहीं तोड़ना चाहिये। आज द्वादशी तिथि के दिन भगवान नारायण का पूजन और जप आदि करने से मनुष्य का कोई भी बिगड़ा काम भी बन जाता है। यह द्वादशी तिथि यशोबली अर्थात यश एवं प्रतिष्ठा प्रदान करने वाली तिथि मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि सर्वसिद्धिकारी अर्थात अनेकों प्रकार के सिद्धियों को देनेवाली तिथि भी मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ तथा कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है।
द्वादशी तिथि में जन्म लेनेवाले व्यक्ति का स्वभाव अस्थिर होता है। इनका मन किसी भी विषय में केन्द्रित नहीं हो पाता है। इस व्यक्ति का मन हर पल चंचल बना रहता है। इस तिथि के जातक का शरीर पतला व कमज़ोर होता है। स्वास्थ्य की दृष्टि से इनकी स्थिति अच्छी नहीं होती है। ये यात्रा के शौकीन होते हैं और सैर सपाटे का आनन्द लेते रहते हैं।

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