25 लाख का भुगतान नही करने पर ठेकेदार ने दी आत्महत्या की चेतावनी

PWD प्रभारी कार्यपालन यंत्री ठेकेदार का नहीं कर रहे 25 लाख भुगतान
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान | लोक निर्माण विभाग कटनी के प्रभारी कार्यपालन यंत्री के पद पर पदस्थ हरिसिंह ठाकुर ने ठेकेदार से वेयरहाउस बनवाने के बाद भी 25 लाख रुपये का भुगतान नही कर रहे हैं । ठेकेदार अखिलेश उपाध्याय ने लोक निर्माण विभाग के प्रभारी कार्यपालन यंत्री हरिसिंह ठाकुर पर गंभीर आरोप लगाए गए। कलेक्टर एवं राज्यपाल मध्य प्रदेश को प्रस्तुत शपथ पत्र में ठेकेदार अखिलेश उपाध्याय ने आरोप लगाते हुए बताया कि कटनी के हरदुआ ग्राम में कार्यपालन यंत्री हरिसिंह ठाकुर ने अनुबंध पर अपनी पत्नी प्रीति सिंह के नाम पर वेयरहाउस बनवाया है । कार्यपालन यंत्री द्वारा उसे दो किस्तों में मात्र 8 लाख ₹50 हजार का भुगतान किया गया है। जबकि बाकी राशि 25 लाख रुपए दबाकर बैठ गए हैं । और यह राशि देने से आनाकानी की जा रही है। कार्य पूर्ण हो जाने के बाद जब 25 लाख की मांग की जाती है, तो कार्यपालन यंत्री के द्वारा अपशब्द और गाली गलौज कर,झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जा रही है । ठेकेदार अखिलेश उपाध्याय ने बताया कि इतनी बड़ी राशि रुक जाने के कारण वह मजदूरों का भुगतान नहीं कर पा रहे है। उनकी आर्थिक एवं मानसिक स्थिति खराब हो रही है। राज्यपाल और कलेक्टर से शीघ्र भुगतान कराए जाने की गुहार लगाते हुए शिकायतकर्ता ने कहा है कि अगर 15 दिवस के अंदर राशि का भुगतान नहीं कराया गया तो वह परेशान होकर आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो जाएंगे । जिसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन एवं कार्यपालन यंत्री हरिसिंह ठाकुर और उसके परिवार की होगी। लिहाज़ा इनके पास आय से अत्यधिक संपत्ति हैं पर इनके ऊपर कार्यवाही की तलवार ना लटककर अधिकारियों की कृपा बरस रही हैं। जो कि संदेह के घेरे में हैं,स्मरण रहे कि निर्माण कार्य की जांच भी अनेकों जगह की शिक़ायत की गई, लेकिन अधिकारियो का मौन रवैया समझ से परे हैं । ऐसा लगता हैं जैसे लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री हरि सिह ठाकुर पूरे प्रशासन पर भारी पड़ते हुए नज़र आ रहे हैं । तभी तो अनेकों जगह शिक़ायत करने के बाद कार्यवाही नहीं हों रही हैं । अगर ऐसे भ्रष्ट अधिकारी के ऊपर कार्यवाही नहीं होती तो ऐसे में दूसरे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ता नज़र आएगा, क्यूंकि जब एक कारनामा इनका इस तरह का निकल के आ रहा है तो इनके द्वारा अनेकों कारनामे किए गए होगे जिसकी जांच आज दिनांक तक नहीं हुई, ऐसा लगता हैं जैसे इनकी जांच करने वाला विभाग में कोई अधिकारी ही नहीं हैं । विगत 4 वर्षों से अपने गृह जिले पर जमे हुए हैं। लोकायुक्त के आदेश के बाद भी साहब पर किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं हो रही है ।



