न चौकीदार न कोई कर्मचारी बिना देखरेख के खुली पड़ी हुई है कृषि मंडी

उदघाटन के बाद से नही खुले ताले
रिपोर्टर : कमलेश अवधिया
साईखेडा । 13 जनवरी 2021 के दिन उद्घाटन होने के पश्चात् से कृषि उपज उप मंडी साईखेडा बंद पड़ी हुई है जिसमें किसानों से अनाज का एक भी दाना आज दिनांक तक नहीं खरीदा गया है लाखों की लागत से निर्मित की गई मंडी मंडी प्रशासन गाडरवारा की उदासीनता के चलते फिर एक बार खंडहर होने की राह पर चल पड़ी हैं 30 वर्ष पहले भी मंडी निर्माण हुआ था परन्तु मंडी प्रशासन की उदासीनता के चलते खंडहर हो गई थी एवं अतिक्रमण हो गया था भारतीय किसान संघ के लगातार आंदोलन कर मंडी चालू कराने की मांग पर फिर एक बार मंडी का निर्माण कराया गया एवं उद्घाटन समारोह किया गया पंरतु फिर आज वही स्थिति निर्मित हो रही है मंडी प्रांगण के दोनों गेट खुले पड़े हुए हैं मंडी में बने सेट एवं आफिस की कोई सुरक्षा नहीं है आफिस की सीढ़ी में लगे टाल्स उखड़ रहे हैं पहले एक चौकीदार मंडी प्रशासन द्रारा लगाया गया था परन्तु अब चौकीदार भी नहीं है। मंडी प्रांगण में बिजली के तार झूल रहे हैं
मंडी प्रशासन कहता है कि मंडी चालू है किसान माल लेके नहीं आ रहे जबकि वहां पर पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं है न व्यापारी जाते हैं न मंडी के कोई कर्मचारी रहते हैं तो फिर किस आधार पर मंडी को चालू माने ।
वर्तमान विधायक एवं मंत्री राव उदयप्रताप सिंह भी मंडी उद्घाटन समारोह में शामिल हुए थे परन्तु उस दिन से आज दिनांक तक कभी भी इनके द्रारा किसानों के हित में मंडी चालू हो इस पर पहल नहीं की।
व्यापारी घर से करते हैं खरीदी साईखेडा में व्यापारियों द्रारा अपने घर से किसानों से खरीदी करते हैं जिससे किसानों को उचित दाम नहीं मिल पाते हैं
फिर से मंडी को खंडहर बनाने की योजना मंडी प्रशासन व्यापारीयों जनप्रतिनिधियों की सह पर मंडी को फिर से खंडहर बनाने की योजना चल रही है ऐसा प्रतीत होता है क्योंकि किसानों के हित में लाखों रुपए की लागत से निर्मित की गई मंडी पर ध्यान न देना इसी ओर इशारा करता है
साईखेडा क्षेत्र में किसानों को हाशिए पर रखा जा रहा है इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि मंडी चालू न होना एवं मृदा परीक्षण प्रयोगशाला निर्मित होकर उसमें ताला लगा होना एवं खंडहर होने की राह देखना बता रहा है कि किसानों की किस प्रकार उपेक्षा की जा रही है। 181 की शिकायत पर मंडी द्रारा बताया जाता है कि मंडी चालू है झूठा निराकरण देकर शिकायत को बंद करने का प्रस्ताव दिया जाता है प्रशासन से अपेक्षा है कि मंडी को खंडहर होने से बचाते हुए चौकीदार कर्मचारी की नियुक्ति कर मंडी के मार्ग से अतिक्रमण हटाकर सर्वसुविधायुक्त मंडी को चालू कराने की मांग की गई है।



