हर साल आशातीत बढ रहे है करीला धाम मे श्रद्धालु, इस वर्ष लाखो की सख्या मे सागर जिले से पहुंचे माता के भक्त

छाया और सुविधाओ का मिला अभाव
रिपोर्टर : कुंदनलाल चौरसिया
गौरझामर । करीला धाम मे शक्ति की भक्ति मे आस्था का जन सैलाव उमड़ा पडा, यहां पर भक्तो की संख्या हर साल निरंतर बढती ही जा रही है। रंगपंचमी के पुनीत पावन पर्व पर करीलाधाम मे विशाल वार्षिक मेला भरता है जिसमे पूरे भारत बर्ष से लाखो की संख्या मे श्रद्धालु अपनी मनोकामना लेकर माता सीता व लव कुश के पावन दर्शन करते है अपनी मांगी हुई मुराद पूरी होने पर श्रद्धालु जन माता के दरबार मे हंसी खुशी के साथ नृत्यांगनाओ, बेडनी, किन्नरों से परम्परागत बधाव बधाई राई नृत्य करवाते है जो जन आकर्षण का केद्र होते है जिन्हे देखने के लिये पूरे मध्यप्रदेश सहित देश विदेश से लोग अपने अपने वाहनो से तपती दुपहरी मे उत्साह से भरकर करीला पंहुचते है बैसे करीला मे सबसे ज्यादा लोग बुन्देलखण्ड, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान आदि से पंहुचते है। इस बर्ष करीला मे जनमेदनी पचास लाख से ऊपर पहुंची जो अपने आप मे एक रिकार्ड है, करीला मे शासन प्रशासन व्दारा लोगो की सुविधा हेतु कोई उल्लेखनीय व्यवस्था नही की जो श्रद्धालुओ को बेहद अखरी, दशको से भरने वाले करीला मेले मे शासन एक भी छायादार पेड बरगद, पीपल, जामुन, सुबबूल, कदम आदि के नही लगा पाया, परिणामस्वरुप नैसर्गिक व कृत्रिम छाया व शेडो के अभाव के कारण लाखो यात्री भीषण गर्मी मे लपटो मे भटकते रहे, दुखद बात यह भी रही की मन्दिर परिसर मे बधाई नृत्य स्थल पर समतलीकरण हेतु रोलर तक नही चलाया गया, फलत मुरम के गोल व नुकीले पत्थरो और जगह जगह मन्दिर के आसपास कांच की फूटी हुई बाटलो के बिखरे टुकडो पर पर नचनारी नाचती ऐसे देखी गई मनो शोले फिल्म मे गब्बर के सामने बसन्ती नाच रही हो, श्रद्धालुओ व दुकानदारो ने हमारे प्रतिनिधि को बताया की जब प्रशासन दुकानदारो से करोडो मनमाना टैक्ट बसूला जाता है फिर मेले मे मूलभूत व्यवस्था क्यो नही बनाई जाती, इस बार मेले मे जो पानी की अव्यवस्थित पाइप लाइन डाली गई पानी निकास नही होने पूरे मेले मे कीचड गंदगी से लाखो लोग परेशान देखे गये, पुलिस की सख्ती के चलते लोगो को मेला तक जाने मे परेशानी हुई, अगली रंग पंचमी पर करीला मेले मे शासन प्रशासन लोगो की इस बार की हुई असुविधाओ को देखते अच्छी व्यवस्था बनायेगा ऐसी अपेक्षा है।



