एसके फायनेन्स कम्पनी के कर्मचारियों द्वारा धोखाधड़ी, बिना बिकी के नाम पर कर दिये 73 फर्जी फायनेन्स

फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 73 गाड़ियों पर फायनेंस कर लगभग 70 लाख रुपए अन्य खाते में डाल दिए
रायसेन । एक प्राइवेट फायनेन्स कम्पनी के कर्मचारियों द्वारा धोखाधड़ी, जो शो रूम बंद था उसके नम पर कर दिये 73 फर्जी फायनेन्स एक फायनेन्स कम्पनी के कर्मचारियों द्वारा धोखाधड़ी, जो शो रूम बंद था उसके नाम पर 73 फर्जी फायनेन्स कर दिये। मामला रायसेन जिले के दीवानगंज का हे जहां एस के फायनेन्स कम्पनी के कर्मचरियों ने टीवी एस कम्पनी के शो रूम से यह धोखाधड़ी की। जब बैंक में फायनेस किये वाहनो की किश्ते नही पहुंची तो यह मामला सामने आया।
उल्लेखनीय है कि ग्राम दीवानगंज में भानपुर निवासी शिवम रघुवंशी पिता चैन सिंह रघुवंशी ने दीवानगंज में शिवम ऑटोमोबाईल शोरुम वर्ष 2021 में खोला था, जहां से वह गाड़ियों को विक्रय करता था, इस बीच 2023 में पिताजी बीमार होने पर शोरुम बंद कर अपने पिताजी का उपचार करवाने में लग गया, इसके बाद दीवानगंज में आज तक शोरूम नहीं खुला।
एस के फायनेंस कर्मचारियों ने दीवानगंज में एक वर्ष पहले खुला टीवीएस शौरूम संचालक के साथ धोखाधड़ी कर 70 लाख रुपए की चपत लगा दी। साथ ही बैंक को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 73 गाड़ियों पर फायनेंस कर लगभग 70 लाख रुपए अन्य किसी के खाते में डाल दिए गए। अब बैंक अधिकारी शौरुम संचालक के खिलाफ कार्रवाई के लिए थाने में आवेदन दे रही है, तो वहीं शौरुम संचालक शिवम रघुवंशी ने भी पूरे मामले की जानकारी जुटाकर पूरे दस्तावेजों के साथ सलामतपुर थाने में कार्रवाई के लिए 1 महीने पहले आवेदन दिया था। लेकिन पुलिस ने भोपाल का मामला होने के बात कहकर वहीं पर आवेदन देने की बात कही थी।
इस दौरान बैंक अधिकारी संदीप पाल ने शौरुम संचालक शिवम रघुवंशी को फोन कर एसके से फायनेंस हुई गाड़ियों के नंबर मांगे तो उसे शक हुआ क्योंकि 1 साल से उसका शोरुम बंद था और कोई गाड़ियां बिकी ही नहीं है। फिर कैसे 73 गाड़ी मेरे शोरूम से फाइनेंस हो गई।
शिवम रघुवंशी ने एस के फायनेंस कंपनी से फायनेंस हुई गाड़ियों की डिटेल मंगाई की किसने गाड़ियों को फाइनेंस कराया। जानकारी पता कर चला कि बैंक के साथ साथ उसके साथ भी धोखाधड़ी हो गई है। शिवम रघुवंशी शोरुम संचालक ने पुलिस में कार्रवाई के लिए आवेदन दिया है।
वही दीवानगंज निवासी प्रेमनारायण सेन के पास एस के फायनेंस कंपनी का एजेंट किश्त लेने गया, तो पता चला कि उसने एस के फाइनेंस से गाड़ी उठाई नहीं है फिर किस्त लेने कैसे आ गए। एसके फाइनेंस को प्रेमनारायण सेन ने गाड़ी फाइनेंस करने के लिए कागजात दिए थे। एसके फाइनेंस वालों ने प्रेमनारायण सेन से मना कर दिया था कि गाड़ी फाइनेंस नहीं हो पाएगी। प्रेमनारायण सेन ने कहा है कि एसके फाइनेंस वालों ने कागजातों में हेर फेरी कर एस के फाइनेंस गाड़ी फायनेंस करवाई। मैने तो किसी अन्य शोरूम से गाड़ी फाइनेंस कराई थी जिसकी में किस्त भर रहा हूं।
प्रेम नारायण सेन ने शोरुम संचालक शिवम रघुवंशी को फोन पर किस्त लेने आई एस फाइनेंस जनकारी दी।
इसके दो दिन बाद एसके फायनेंस के एरिया मेनेजर संदीप पाल का शोरूम संचालक शिवम रघुवंशी के पास फोन आया कि उसके शोरुम की इनवाईस से 73 गाड़ियां बिकी है। जो फायनेंस की गई है। इनके रजिस्ट्रेशन नंबर और अन्य कागज उपलब्ध करवाओ। तब शिवम को पता चला है कि मेरे साथ धोखाधड़ी हुई है उसने कहा कि मेरे शोरूम से कोई गाड़ी नहीं उठी है। जब उसने मना किया तब पाल ने उसके शोरुम की इनवाईस होना बताया। शोरूम संचालक के खाते में पैसा जाना बताया तब शोरुम संचालक को एहसास हुआ कि कोई फ्राड हुआ है।
एरिया मैनेजर की बात को ध्यान में रखते हुए शोरूम संचालक रघुवंशी ने बैंक खातों की डिटेल निकाली तो पता चलता कि वह एक्सिस बैंक बकानिया गांव का है और अजय मालवीय के नाम खाता है उसके नाम से खाता भी नहीं है।
इसके बाद पता चला कि शोरुम पर एस के फायनेंस कंपनी के अजय रजक, हिमाशु श्रीवास्तव, शुभम मालवीय, प्रकाश सिरोनिया, पलाश गोयल, किशन कुशवाह, मोहम्मद यासीन ने मिलकर बिना वेरिफिकेशन के मेरे शोरुम की फर्जी इनवाईस लगाकर धोखाधड़ी की है और भोपाल के बकानिया के एक्सिस बैंक के खाता नंबर 921020048003227 में एसके बैंक से राशि ट्रांसफार्मर करवाई है।
इस संबंध में शिवम रघुवंशी शोरूम संचालक का कहना हैं कि बैंक कर्मचारियों ने बैंक के साथ मेरे दस्तावेजों का उपयोग कर मुझे भी चपत लगाई है। एक ओर जहां बैंक हमसे लोन की राशि वसूलने की कार्रवाई करेगी, तो वहीं जितनी गाड़ी बिकी उसका जीएसटी अलग भरना पड़ेगा। कुल मिलाकर फायनेंस कंपनी के कर्मचारियों ने मेरे साथ बड़ा फ्राड किया है। मेने डेढ़ माह पहले मय साक्ष्यों के साथ शिकायत की है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
प्रेम नारायण सेन, ग्राहक दीवानगंज ने बताया कि मेने एस के फायनेंस से कोई गाड़ी फायनेंस नही करवाई, पहले एसके फायनेंस को दस्तावेज दिए थे, लेकिन उन्होंने फायनेंस करने से मना कर दिया तो दूसरी कंपनी से फायनेंस करवा ली थी, जिसकी किश्त भी जमा कर रहा हूं। एसके फायनेंस कर्मचारियों ने मेरे दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर दस्तावेज तैयार कर फायनेंस किया है अब मेरे पास उसके नोटिस आ रहे हैं, जिसको लेकर मेने एमपी नगर थाने में संबधित बैंक के खिलाफ शिकायत की है।



