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Today Panchang आज का पंचांग रविवार, 28 जुलाई 2024

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचांग 🧾
रविवार 28 जुलाई 2024
भगवान सूर्य जी का मंत्र : ऊँ घृणि सूर्याय नम: ।।
🌠 रविवार को की गई सूर्य पूजा से व्यक्ति को घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन उगते हुए सूर्य को देव को एक ताबें के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर अर्ध्य करें।
इस दिन आदित्य ह्रदय स्रोत्र का पाठ करें एवं यथा संभव मीठा भोजन करें। सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है, सूर्य देव को जल देने से पितृ कृपा भी मिलती है।
रविवार के दिन भैरव जी के दर्शन, आराधना से समस्त भय और संकट दूर होते है, साहस एवं बल की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन जी के दर्शन अवश्य करें ।
रविवार के दिन भैरव जी के मन्त्र ” ॐ काल भैरवाय नमः “ या ” ॐ श्री भैरवाय नमः “ की एक माला जाप करने से समस्त संकट, भय दूर होते है, रोगो, अकाल मृत्यु से बचाव होता है, मनवांछित लाभ मिलता है।
🌐 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
🕉️ शिवराज शक 351
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर वर्षा ऋतु
🌤️ मास – श्रावण मास
🌗 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – रविवार श्रावण माह के कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि 07:27 PM तक उपरांत नवमी
✏️ तिथि स्वामी – अष्टमी तिथि के देवता हैं रुद्र। इस तिथि को भगवान सदाशिव या रुद्रदेव की पूजा करने से प्रचुर ज्ञान तथा अत्यधिक कांति की प्राप्ति होती है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र अश्विनी 11:47 AM तक उपरांत भरणी
🪐 नक्षत्र स्वामी – अश्विनी नक्षत्र के स्वामी केतु हैं और इसके देव अश्विनी हैं। और राशि स्वामी मंगल है।
⚜️ योग – शूल योग 08:11 PM तक, उसके बाद गण्ड योग
प्रथम करण : बालव – 08:20 ए एम तक
द्वितीय करण : कौलव – 07:27 पी एम तक तैतिल
🔥 गुलिक काल : रविवार को शुभ गुलिक काल 02:53 पी एम से 04:17 पी एम
🤖 राहुकाल (अशुभ) – सायं 16:34 बजे से 17:56 बजे तक। राहु काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है।
⚜️ दिशाशूल – रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो पान एवं घी खाकर यात्रा कर सकते है।
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:22:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:38:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:17 ए एम से 04:59 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:38 ए एम से 05:40 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:00 पी एम से 12:55 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:43 पी एम से 03:37 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:14 पी एम से 07:35 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 07:14 पी एम से 08:17 पी एम
सर्वार्थ सिद्धि योग : 05:40 ए एम से 11:47 ए एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:07 ए एम, जुलाई 29 से 12:49 ए एम, जुलाई 29
🚕 यात्रा शकुन : इलायची खाकर यात्रा प्रारम्भ करें।
👉🏽 आज का मंत्र : ॐ घृणि सूर्याय नमः।
💁🏻 आज का उपाय : विष्णु मंदिर में केशर चढ़ाएं।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय: बेल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – कालाष्टमी व्रत/ सर्वार्थ सिद्धि योग/ मूल समाप्त/राष्ट्रीय अभिभावक दिवस, अभिनेता जगदीश राज पुण्य तिथि, वर महोत्सव दिवस, राष्ट्रीय वृक्ष दिवस, आंटी दिवस, राष्ट्रीय फुटबॉल दिवस, विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस, राष्ट्रीय दूध चॉकलेट दिवस, विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस, दादा-दादी और बुजुर्गों के लिए विश्व दिवस, विश्व हेपेटाइटिस डे (World Hepatitis Day)
✍🏼 विशेष:- अष्टमी तिथि को नारियल त्याज्य बताया गया है। अष्टमी तिथि बलवती अर्थात स्ट्रांग तिथि मानी जाती है। इसका मतलब कोई भी विकट कार्य आज आप कर-करवा सकते हैं। इतना ही नहीं अपितु अष्टमी तिथि व्याधि नाशक तिथि भी मानी जाती है। इसका मतलब आज आप कोई भी भयंकर रोगों के इलाज का प्रयत्न भगवान के नाम के साथ करेंगे-करवाएंगे तो निश्चित लाभ होगा। यह अष्टमी तिथि जया नाम से विख्यात मानी जाती है। यह अष्टमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है।
🗼 Vastu tips 🗽
बेडरूम के लिए वास्तु शास्त्र: बेड और बेड की व्यवस्था आपके बेड में हमेशा हेडरेस्ट होना चाहिए। ऐसे बेड से बचें जो जिनका आकार अनियमित हो या गोल या अंडाकार हो। चौकोर या आयताकार बेड हमेशा अच्छा होता है।
बेड या तो गुलाबी या लाल रंग का होना चाहिए, क्योंकि यह रोमांस और जुनून का प्रतीक है। रंगों के संतुलन के लिए थ्रो और डुवेट लाल रंग में हो सकते हैं, जबकि चादरें और कवर गुलाबी हो सकते हैं।
हेडबोर्ड पोजीशन बिस्तर के सिरहाने को मजबूत दीवार से सटा होना चाहिए। यानी बिस्तर पर बैठने पर पीठ को सहारा मिलना चाहिए। बेड को कमरे के बीच में न लगाएं। इसे सहारा देने के लिए हमेशा पीछे एक दीवार होनी चाहिए। हालांकि, हेडबोर्ड के पीछे की खिड़कियां न लगवाएं। इसके अलावा, ध्यान दें कि हेडबोर्ड शौचालय की दीवार के पीछे नहीं हो।
बिस्तर के दोनों तरफ जगह बेड के बायीं और दायीं तरफ खुली जगह रखें। हर तरफ कम से कम 18 इंच छोड़ दें। बेड के किसी एक साइड को दीवार से सटाकर न रखें। फेंग शुई के अनुसार, बिस्तर के दोनों ओर का स्थान यिन और यांग को संतुलित करता है। हालाँकि, बच्चों के लिए, आप बिस्तर को दीवार से सटाकर रख सकते हैं।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
शिवलिंग पर आकड़े का फूल चढ़ाने का क्या है महत्व?
आक का फूल जिसे मदार का फूल भी कहते हैं ,, विष को पीकर नीलकंठ कहलाने वाले भगवान शिव की पूजा में इस जहरीले पौधे के फूल को चढ़ाने का बहुत महत्व है
सावन माह में और शिवरात्रि को आक के फूल से महादेव की पूजा – अर्चना करने का विशेष महत्व है !!
मान्यता है कि पूजा में आक का पुष्प चढ़ाने पर भगवान शिव शीघ्र ही प्रसन्न होकर अपने भक्तों की मनोकामना पूरी करते हैं। ,,, यही कारण है कि भक्तगण पूजा में अपने आराध्य महादेव को विशेष रूप से आक के पुष्प की माला पहनाते हैं। !!!
आक दो रंगों खिलता है जिसमें एक नीला और दूसरा सफेद होता हैं ध्यान रखें कि भगवान शिव को हमेशा सफेद मदार या आक का फूल ही चढ़ाना चाहिए
🍃 आरोग्य संजीवनी 🍃
मांसपेशियों के दर्द को दूर करें- जायफल का उपयोग करके आप मांसपेशियों के दर्द एवं ऐठन को दूर कर सकते हैं जायफल में एंटी ऑक्सीडेंट एंटी इन्फ्लेमेटरी और भी कई गुण पाए जाते हैं जो दर्द को दूर करने में काफी सहायक होते हैं इसके अलावा आप जायफल का तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं इससे मालिश करके जल्दी दर्द से राहत मिलेगी।
कैंसर की संभावनाओं को कम करें- बदलती जीवनशैली के कारण कैंसर एक आम बीमारी बनती चली जा रही है कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसमें ठीक होने की उम्मीद बिल्कुल भी नहीं होती हैं ऐसे में यहां जरूरी होता है कि अपने आहार में से किस चीज को शामिल करें जिससें कैंसर का खतरा कम करें जायफल अपने एंटीऑक्सीडेंट गुण के कारण कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम कर सकता है इससे पेट के कैंसर होने का खतरा कम रहता है अगर आप कैंसर जैसी बीमारी के खतरे को कम करना चाहते हैं तो अपने आहार में जायफल को शामिल करें।
इम्यूनिटी सिस्टम बेहतर बनाये – इम्यून सिस्टम का कमजोर होना शरीर में बीमारियों का जन्म होना इसलिए अगर आप जायफल का सेवन करेंगे तो इससे इम्यून सिस्टम बेहतर रहेगा इसमें विटामिन ए सी ई जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो इम्यूनिटी सिस्टम को बढ़ाने के साथ-साथ उसको बेहतर भी बनाते हैं।
🌷 गुरु भक्ति योग_ 🌸
आध्यात्मिक दृष्टिकोण से परम आनंद की प्राप्ति आत्म-साक्षात्कार या आत्म-ज्ञान के माध्यम से होती है। आत्म-साक्षात्कार वह अवस्था है जब व्यक्ति को यह ज्ञान हो जाता है कि वह केवल शरीर और मन नहीं है, बल्कि एक अनंत और असीम आत्मा है। यह स्थिति ध्यान, योग, और साधना के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है।
ध्यान: ध्यान एक महत्वपूर्ण साधना है जिससे मन को शांत किया जाता है और आत्मा से जुड़ाव महसूस किया जाता है। नियमित ध्यान से व्यक्ति को अंतर्मुखी होकर अपने अंदर की शांति और आनंद का अनुभव होता है।
योग: योग का अभ्यास शरीर और मन के बीच संतुलन स्थापित करता है। योग के विभिन्न आसनों और प्राणायाम से शरीर स्वस्थ रहता है और मानसिक तनाव कम होता है, जिससे व्यक्ति आत्मिक आनंद का अनुभव कर सकता है।
साधना: साधना में मंत्र जाप, पूजा, और अन्य धार्मिक क्रियाएं शामिल होती हैं, जो व्यक्ति को उच्चतम आत्मा से जोड़ने का माध्यम बनती हैं।
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⚜️ अष्टमी तिथि के देवता भगवान शिव भोलेनाथ जी माने जाते हैं। इसलिये इस अष्टमी तिथि को भगवान शिव का दर्शन एवं पूजन अवश्य करना चाहिए। आज अष्टमी तिथि में कच्चा दूध, शहद, काला तिल, बिल्वपत्र एवं पञ्चामृत शिवलिंग पर चढ़ाने से भगवान शिव की कृपा सदैव बनी रहती है। घर में कोई रोगी नहीं होता एवं सभी मनोकामनाओं की सिद्धि तत्काल होती है।
मंगलवार को छोड़कर बाकि अन्य किसी भी दिन की अष्टमी तिथि शुभ मानी गयी है। परन्तु मंगलवार की अष्टमी शुभ नहीं होती। इसलिये इस अष्टमी तिथि में भगवान शिव के पूजन से हर प्रकार की सिद्धियाँ प्राप्त होती है। इस अष्टमी तिथि को अधिकांशतः विष्णु और वैष्णवों का प्राकट्य हुआ है। इसलिये आज अष्टमी तिथि में भगवान शिव और भगवान नारायण दोनों का पूजन एक साथ करके आप अपनी सम्पूर्ण मनोकामनायें पूर्ण कर सकते हैं।

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