आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शुक्रवार 23 अगस्त 2024
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
🌌 दिन (वार) – शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाकर उन्हें पीले चन्दन अथवा केसर का तिलक करें। इस उपाय में मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं।
शुक्रवार के दिन नियम पूर्वक धन लाभ के लिए लक्ष्मी माँ को अत्यंत प्रिय “श्री सूक्त”, “महालक्ष्मी अष्टकम” एवं समस्त संकटो को दूर करने के लिए “माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नमो का पाठ” अवश्य ही करें ।
शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी को हलवे या खीर का भोग लगाना चाहिए ।
शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह की आराधना करने से जीवन में समस्त सुख, ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है बड़ा भवन, विदेश यात्रा के योग बनते है।
🌐 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
🕉️ शिवराज शक 351
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर शरद ऋतु
🌤️ मास – भाद्रपद मास
🌔 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – शुक्रवार भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष चतुर्थी तिथि 10:39 AM तक उपरांत पंचमी
✏️ तिथि स्वामी : चतुर्थी तिथि के देवता हैं शिवपुत्र गणेश। इस तिथि में भगवान गणेश का पूजन से सभी विघ्नों का नाश हो जाता है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र रेवती 07:54 PM तक उपरांत अश्विनी
🪐 नक्षत्र स्वामी – रेवती नक्षत्र के स्वामी ग्रह बुध हैं। रेवती नक्षत्र के देवता पूषा हैं।
⚜️ योग – शूल योग 09:31 AM तक, उसके बाद गण्ड योग 06:08 AM तक, उसके बाद वृद्धि योग
⚡ प्रथम करण : बालव – 10:38 ए एम तक
✨ द्वितीय करण : कौलव – 09:12 पी एम तक तैतिल
🔥 गुलिक काल : – शुक्रवार को शुभ गुलिक प्रात: 7:30 से 9:00 तक ।
⚜️ दिशाशूल – शुक्रवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से दही में चीनी या मिश्री डालकर उसे खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -दिन – 10:30 से 12:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:37:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:23:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:26 ए एम से 05:11 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:49 ए एम से 05:55 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:57 ए एम से 12:49 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:33 पी एम से 03:25 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:52 पी एम से 07:14 पी एम
🎆 सायाह्न सन्ध्या : 06:52 पी एम से 07:58 पी एम
💧 अमृत काल : 05:43 पी एम से 07:10 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:02 ए एम, अगस्त 24 से 12:46 ए एम, अगस्त 24
⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग : पूरे दिन
🌊 अमृत सिद्धि योग : 05:55 ए एम से 07:54 पी एम
🚓 यात्रा शकुन-शुक्रवार को मीठा दही खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:।
💁🏻 आज का उपाय-पीपल के वृक्ष पास चींटियों के लिए आटा व शकर मिश्रित कर डालें।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय-गूलर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
❄️ पर्व एवं त्यौहार – शरद ऋतु प्रारंभ/ सर्वार्थ सिद्धि योग/ अमृत सिद्धि योग/ रक्षा पंचमी (उड़ीसा)/ पंचक समाप्ति 19. 54/ राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस, इसरो दिवस, अभिनेत्री सायरा बानो जन्म दिवस, स्वतंत्रता सेनानी राजकुमार शुक्ल जन्म दिवस, प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी टी. प्रकाशम जन्म दिवस
✍🏼 विशेष – चतुर्थी तिथि को मूली एवं पञ्चमी तिथि को बिल्वफल त्याज्य बताया गया है। इस चतुर्थी तिथि में तिल का दान और भक्षण दोनों त्याज्य होता है। इसलिए चतुर्थी तिथि को मूली और तिल एवं पञ्चमी को बिल्वफल नहीं खाना न ही दान करना चाहिए। चतुर्थी तिथि एक खल और हानिप्रद तिथि मानी जाती है। इस चतुर्थी तिथि के स्वामी गणेश जी हैं तथा यह चतुर्थी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह चतुर्थी तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभफलदायिनी मानी गयी है।
🏘️ Vastu tips 🏚️
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के मुख्य दरवाजे पर खिड़की बनवाना अच्छा रहता है। मुख्य दरवाजे पर खिड़की बनवाने से घर में माहौल अच्छा बना रहता है और घर में सुख-शांति रहती है। घर बनवाते समय मुख्य दरवाजे, यानि मेन गेट के दोनों तरफ समान आकार की खिड़कियां बनवानी चाहिए। मुख्य दरवाजे के दोनों ओर खिड़कियां बनवाने से एक चुम्बकीय चक्र का निर्माण होता है, जिससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार खिड़की खुलने व बंद होने का तरीका भी घर की सुख-शांति बनाएं रखने में बेहद अहमियत रखता है। खिड़कियां हमेशा इस तरह से बनवानी चाहिए कि ये घर के अंदर की तरफ ही खुले न कि बाहर की तरफ। इसके साथ ही खिड़कियां खोलते व बंद करते समय खिड़कियों का आवाज करना भी अच्छा नहीं माना जाता। इसका प्रभाव घर की सुख-शांति पर पड़ता है और इसके कारण परिवार के सदस्यों का ध्यान भंग होता है, इसलिए अगर खिड़कियों में इस तरह की कोई भी समस्या है तो उसे तुरंत ठीक करवा लें।
❇️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
रंग भी करता है साफ नीम का स्वाद भले ही कड़वा हो लेकिन ये हमारी त्वचा को सुंदर बनाने में बेहद कारगर है। नियमित रूप से इसका इस्तेमाल करने से त्वचा में ताजगी आती है। लालिमा बढ़ती है। तभी तो पहले के जमाने में महिलाएं नीम के तेल का इस्तेमाल करने के लिए कहती थीं। आज की युवा पीढ़ी अब क्रीम की तरफ भाग रही है।
बाल होते हैं लंबे काले और मजबूत आज के समय में महिलाओं की एक बड़ी शिकायत यह रहती है कि उनके बाल गिरते जा रहे हैं। सिर में कमजोरी आने लगती है। नीम का तेल बालों की इस बीमारी को दूर करने में बेहद कारगर है। इसके नियमित उपयोग करने से रूसी को बाय-बाय बोला जा सकता है। रूसी नहीं होगी तो बाल भी सेहतमंद रहेंगे। नीम शैम्पू से जहां खुजली की समस्या दूर होती है, वहीं बाल भी घने बनते हैं। बालों का पतलापन भी दूर हो जाता है। उलझे हुए बालों की मुसीबत दूर हो जाती है।
सिर की जूं का खात्मा छोटे बच्चे हों या फिर युवा अवस्था, जुओं की समस्या से आमना-सामना हो ही जाता है। मां अगर जूं निकालने की कोशिश करती है तो चिढ़चिढ़े हो जाते हैं। नीम के तेल का इस्तेमाल करने से जुओं को अपने सिर से कुछ ही दिनों में बाहर भगा सकते हैं, वो भी बिना किसी दर्द और परेशानी के। अगर आप दवाई का इस्तेमाल करते हैं तो एलर्जी का खतरा रहता है लेकिन इस तेल से कोई साइड इफेक्ट नहीं पड़ता। एक काम करना है, रात को तेल लगाकर सो जाएं। सुबह बारीक कंघी से बालों को सीधा करें। इससे सभी जुएं नीचे गिर जाएंगी या बाहर आ जाएंगी
🍯 आरोग्य संजीवनी 🍶
ब्लडप्रेशर को नियंत्रित रखने में सहायक : अदरक और शहद के मिश्रण का सेवन करने से ब्लडप्रेशर नियंत्रित रहता हैं। क्यूंकि अदरक और शहद में सोडियम और पोटैशियम की मात्रा बहुत कम होती है, जिसकी वजह से ब्लड प्रेशर नियंत्रित बना रहता है। हाई ब्लडप्रेशर की शिकायत वालों को इसका सेवन नयमित रूप से करना चाहिए।
अस्थमा की समस्या छुटकारा : अगर किसीको अस्थमा की शिकायत है तो यह उसके लिए यह मिश्रण रामबाण इलाज हैं इसके लिए अदरक और शहद के साथ साथ काली मिर्च से बने जूस का सेवन करने से अस्थमा से राहत मिल जाती हैं। क्यूंकि इस जूस में एंटी-इन्फ्लामेट्री गुण होता हैं जिससे यह फेफड़ों में ऑक्सीजन की सप्लाई को बढ़ा देता है और अस्थमा से आराम मिलता है।
खांसी से पाए छुटकारा : अदरक का रस निकालकर उसको शहद में मिलाकर गर्म करें करने के पश्चात उसे थोड़ा ठंडा कर ले और वह भी कम से कम 5, 5 ग्राम की मात्रा में होने चाहिए। और बने हुए उस मिश्रण को चम्मच से चाट ले और 2 दिन के बाद आप की खसखस या खांसी जड़ से खत्म हो जाएगी।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
सुखी जीवन किसे नहीं चाहिए, इंसान संघर्ष करता है जिससे वो एक सुखी परिवार का हिस्सा बन सके। मगर जरूरी नहीं है कि हम जो सोचे वो हो ही जाए। आज हम आपको आचार्य श्री गोपी राम की एक ऐसी नीति के बारे में बताने वाले हैं जिसे आपको जानना अत्यंत आवश्यक है। इन चीजों को लेकर अगर इंसान सतर्क हो जाए तो उसे सुखी जीवन मिल सकता है, क्योंकि इन चार लोगों के साथ रहना तो साक्षात मृत्यु के समान है।
श्लोक
दुष्टा भार्या शठं मित्रं भृत्यश्चोत्तरदायक:।
स-सर्पे च गृहे वासो मृत्युरेव न संशय:।।
दुष्ट पत्नी, चालाक मित्र, बदमाश नौकर और सर्प के साथ निवास साक्षात् मृत्यु के समान है।
दुष्ट पत्नी कहते हैं कि आपका जीवन कितना भी अच्छा क्यों न हो मगर यदि आपके घर में दुष्ट पत्नी है तो आपका घर कभी स्वर्ग नहीं बन सकता है और ऐसी पत्नी के साथ रहना मृत्यु से कम नहीं है, क्योंकि पति की सफलता में पत्नी का हाथ होता है, अगर पत्नी दुष्ट हो तो मनुष्य का जीवन बर्बाद हो जाता है।
चालाक मित्र कहते हैं कि मित्र कम बनाओ लेकिन ऐसे बनाओ जो सच्चे हों, जो जरूरत पड़ने पर आपका साथ दें, वरना अगर जिंदगी में चालाक मित्र हों जो आपसे झूठ बोलें आपको धोखा दें, ऐसे मित्र का होना मतलब साक्षात मौत का साथ होना है। ऐसे मित्र हानि पहुंचाते हैं इसलिए इनसे दूरी बना लें।
धोखेबाज सेवक हमारे कहने के मुताबिक सेवक वो होना चाहिए जो वफादार हो। ऐसे सेवक जो बदमाश हो धोखेबाज हो ये आपको कभी भी फंसा सकते हैं और आपका फायदा उठाकर आपको ही परेशानी में डाल सकते हैं। आचार्य श्री गोपी राम के मुताबिक ऐसे सेवकों का होना साक्षात मृत्यु के समान है।
ऐसे घर में रहना जहां सांप हो अगर आप ऐसे घर में रह रहे हैं जहां सांप रहते हैं तो आप ये समझिए कि आप साक्षात मृत्यु के साथ रह रहे हैं। सांप का कोई भरोसा नहीं होता है वो कभी भी आपको काटकर आपको मृत्यु के मुख में पहुंचा सकता है।
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⚜️ चतुर्थी तिथि में तिल का दान और भक्षण दोनों भी त्याज्य है। आज गणपति, गजानन, विघ्नहर्ता श्री गणेशजी की पूजा का विशेष महत्त्व है। आज गणपति की पूजा के उपरान्त मोदक, बेशन के लड्डू एवं विशेष रूप से दूर्वादल का भोग लगाना चाहिये इससे मनोकामना की सिद्धि तत्काल होती है।
शास्त्रानुसार जिस व्यक्ति का जन्म चतुर्थी तिथि को होता है वह व्यक्ति बहुत ही भाग्यशाली होता है। चतुर्थी तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति बुद्धिमान एवं अच्छे संस्कारों वाला होता है। ऐसे लोग अपने मित्रों के प्रति प्रेम भाव रखते हैं तथा इनकी सन्तानें अच्छी होती है। इन्हें धन की कमी का सामना नहीं करना पड़ता है और ये सांसारिक सुखों का पूर्ण उपभोग करते हैं।



