मध्य प्रदेश

दुर्गा स्व सहायता समूह एकीकृत माशा टोला में मध्यान्ह भोजन योजना में लक्ष्मी के वजन में हो गई जांच पूर्ण, नहीं हुई कार्यवाही

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया                
उमरियापान |  ढीमरखेड़ा जनपद शिक्षा केंद्र के अंतर्गत आने वाली एकीकृत माध्यमिक शाला टोला में मध्यान्ह भोजन योजना में चल रही अनियमितताओं का मामला सामने आया है। दुर्गा स्व-सहायता समूह की लापरवाही और जांच में हीलाहवाली के कारण मध्यान्ह भोजन योजना के उद्देश्यों की पूर्ति नहीं हो पा रही है। बच्चों को सही पोषण न मिलने के कारण उनके स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। इसके अलावा, शिक्षा केंद्र की साख और विश्वसनीयता पर भी सवाल उठ रहे हैं। प्रशासनिक स्तर पर, जांच में हीलाहवाली के कारण अधिकारियों की साख पर भी प्रश्नचिन्ह लग रहे हैं। इससे यह संदेश जा रहा है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा है, जिससे भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को प्रोत्साहन मिल रहा है। मध्यान्ह भोजन योजना में हुई अनियमितताओं की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की आवश्यक है। यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जांच प्रक्रिया में कोई हीलाहवाली न हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
*समूह की पुनः समीक्षा की जानी चाहिए*
दुर्गा स्व-सहायता समूह की कार्यप्रणाली की पुनः समीक्षा की जानी चाहिए। यदि वे अपने कार्य में सुधार नहीं करते हैं, तो उन्हें योजना के संचालन से हटाया जाना चाहिए और किसी अन्य सक्षम समूह को यह जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए। मध्यान्ह भोजन योजना के संचालन की नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जानी चाहिए। इसके लिए एक विशेष निगरानी टीम गठित की जा सकती है, जो सुनिश्चित करेगी कि योजना के उद्देश्यों के अनुसार भोजन की गुणवत्ता और मात्रा बनाए रखी जाए। समाज के जागरूक नागरिकों, अभिभावकों, और शाला प्रबंधन समिति को इस योजना की निगरानी में शामिल किया जाना चाहिए। इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और बच्चों को सही पोषण मिलने की संभावना बढ़ेगी।

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