Today Panchang आज का पंचांग रविवार, 01 दिसम्बर 2024
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
सोमवार 02 दिसम्बर 2024
महा मृत्युंजय मंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।
☄️ दिन (वार) – सोमवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से पुत्र का अनिष्ट होता है शिवभक्ति को भी हानि पहुँचती है अत: सोमवार को ना तो बाल और ना ही दाढ़ी कटवाएं ।
सोमवार के दिन भगवान शंकर की आराधना, अभिषेक करने से चन्द्रमा मजबूत होता है, काल सर्प दोष दूर होता है।
सोमवार का व्रत रखने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है, वैवाहिक जीवन में लम्बा और सुखमय होता है।
जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाएं, इससे भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है परिवार से रोग दूर रहते है।
सोमवार के दिन शिव पुराण के अचूक मन्त्र “श्री शिवाये नमस्तुभ्यम’ का अधिक से अधिक जाप करने से समस्त कष्ट दूर होते है. निश्चित ही मनवाँछित लाभ मिलता है।
🌐 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
🕉️ शिवराज शक 351
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर हेमंत ऋतु
🌤️ मास – मार्गशीर्ष मास
🌘 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि : सोमवार मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि 12:43 PM तक उपरांत द्वितीया
🖍️ तिथि स्वामी – प्रतिपदा तिथि के देवता हैं अग्नि। इस तिथि में अग्निदेव की पूजा करने से धन और धान्य की प्राप्ति होती है।
💫 नक्षत्र : नक्षत्र ज्येष्ठा 03:45 PM तक उपरांत मूल
🪐 नक्षत्र स्वामी : ज्येष्ठा नक्षत्र का स्वामी ग्रह बुध है। और देवता इंद्र हैं। तथा इस राशि के स्वामी ग्रह मंगल है।
⚜️ योग : धृति योग 04:00 PM तक, उसके बाद शूल योग
⚡ प्रथम करण : बव – 12:43 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : बालव – 12:59 ए एम, दिसम्बर 03 तक कौलव
🔥 सोमवार का शुभ गुलिक कालः-शुभ गुलिक काल 01:42:00 P.M से 02:59:00 P.M बजे तक
⚜️ दिशाशूलः- आज के दिन पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना ज्यादा आवश्यक हो तो घर से दर्पण देखकर या दूध पीकर जायें।
🤖 राहुकालः- आज का राहु काल 08:31:00 A.M से 09:49:00 A.M बजे तक
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:44:00
🌅 सूर्यास्तः – सायं 05:16:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:09 ए एम से 06:03 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:36 ए एम से 06:57 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:50 ए एम से 12:32 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 01:55 पी एम से 02:37 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:21 पी एम से 05:48 पी एम
🌃 सायाह्न सन्ध्या : 05:24 पी एम से 06:45 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:44 पी एम से 12:38 ए एम, दिसम्बर 03
🚓 यात्रा शकुन-मीठा दूध पीकर यात्रा करें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ सौं सौमाय नम:।
💁🏻 आज का उपाय-शिव मंदिर में छैने से बनी मिठाई चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-पलाश के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार : चंद्रदर्शन/ मार्गशीर्ष प्रारम्भ/ मकरे शुक्र/ मार्तंडभैरव षड् रात्रोत्सवारंभ/ देव दीपावली/ मूल आरंभ/ अभिनेत्री प्रीति गांगुली पुण्य तिथि, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ओम प्रकाश रावत जन्म दिवस, सर नारायण गणेश चंदावरकर जयन्ती, प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह जयन्ती, शिक्षाशास्त्री गुरुदास बनर्जी स्मृति दिवस, अंतरराष्ट्रीय दास प्रथा उन्मूलन दिवस, राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस, अंतर्राष्ट्रीय कम्प्यूटर साक्षरता दिवस
✍🏼 विशेष – प्रतिपदा तिथि को कद्दू एवं कूष्माण्ड का दान एवं भक्षण दोनों ही त्याज्य बताया गया है। प्रतिपदा तिथि वृद्धि देनेवाली तिथि मानी जाती है। साथ ही प्रतिपदा तिथि सिद्धिप्रद तिथि भी मानी जाती है। इस प्रतिपदा तिथि के स्वामी अग्नि देवता हैं। यह प्रतिपदा तिथि नन्दा नाम से विख्यात मानी जाती है।
🗼 Vastu tips_ 🗽
ताजे फूलों का गुलदस्ता ताजे फूल वातावरण में शुद्धता भरते हैं और आपकी रचनात्मकता को भी बढ़ाते हैं। अगर संभव हो तो आप अपने काम करने की टेबल पर ताजे फूल भी रख सकते हैं।
कछुआ धातु का कछुआ ऑफिस की टेबल पर रखने से जीवन में समृद्धि आती है और आपके कार्यों को सराहा जाता है। कछुआ आपको हमेशा ऑफिस टेबल में उत्तर दिशा में रखना चाहिए।
पिरामिड वास्तु में पिरामिड को एनर्जी का स्रोत माना जाता है। काम करने की टेबल पर इसे रखने से ऊर्जा का संतुलन बना रहता है और नकारात्मकता दूर होती है। कारोबारियों को दफ्तर में पिरामिड रखने से मनचाही सफलता मिलती है, और नौकरी पेशा लोग उन्नति की ओर बढ़ते हैं।
कलमदान काम करने की टेबल पर उत्तर-पूर्व दिशा में कलमदान रखना बेहद शुभ माना जाता है। इसमें अच्छी क्वालिटी के पेन रखें और एक लाल रंग का पेन भी इसमें अवश्य रखें। कलमदान रखने से आपकी योजनाएं सफल होती हैं और कार्यक्षेत्र में आपके कार्यों को सराहा जाता है।
🔰 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
नींबू का सेवन: नींबू में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो लीवर को डिटॉक्स करने में मदद करते हैं। रोजाना सुबह गुनगुने पानी में नींबू डालकर पीना लाभकारी हो सकता है।
हल्दी का उपयोग: हल्दी में करक्यूमिन पाया जाता है, जो लीवर की सूजन को कम करने में सहायक होता है। एक गिलास गर्म दूध में आधा चम्मच हल्दी मिलाकर पी सकते हैं।
गिलोय का सेवन करें: गिलोय का रस या कैप्सूल लीवर की चर्बी को कम करने में मदद कर सकता है। यह लीवर की सेहत के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है।
व्यायाम और योग: नियमित व्यायाम और योग से लीवर की चर्बी घटाने में मदद मिलती है। कपालभाति, अनुलोम-विलोम और भुजंगासन जैसे योगासन विशेष रूप से लाभकारी होते हैं।
पर्याप्त पानी पिएं: पानी लीवर को साफ रखने में सहायक है। दिनभर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं ताकि शरीर से विषैले तत्व निकल सकें।
🩸 आरोग्य संजीवनी 💊
रोजाना की सर्दी और खांसी से छुटकारा पाने के लिए कुछ घरेलू नुस्खे और उपाय आजमा सकते हैं, जो शरीर को प्राकृतिक तरीके से राहत देने में मदद कर सकते हैं।
गर्म पानी और नमक के गरारे करें गले की खराश और खांसी में आराम पाने के लिए गर्म पानी में थोड़ा नमक डालकर गरारे करें। दिन में 2-3 बार करने से राहत मिलती है।
अदरक और शहद का सेवन करें अदरक को छोटे टुकड़ों में काटकर शहद के साथ मिलाकर लें। यह खांसी और बलगम को साफ करने में सहायक होता है। इसे दिन में एक या दो बार लें।
हल्दी वाला दूध पिएं हल्दी में एंटीसेप्टिक और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो सर्दी में काफी फायदेमंद होते हैं। रात को सोने से पहले हल्दी वाले गर्म दूध का सेवन करें।
तुलसी और अदरक की चाय बनाएं तुलसी और अदरक की पत्तियों को पानी में उबालकर चाय बनाएं। इसमें थोड़ा शहद मिलाकर पिएं। यह सर्दी और खांसी को दूर करने में सहायक है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
एक बार ऋषि दुर्वासा पृथ्वी पर भ्रमण कर रहे थे। यात्रा के दौरान, वे एक गाँव में पहुँचे। वहाँ उनकी भेंट एक गरीब बालक से हुई, जो अत्यंत विनम्र और धार्मिक स्वभाव का था। उस बालक ने अपने पास मौजूद एक सुगंधित पुष्पमाला ऋषि दुर्वासा को आदरपूर्वक भेंट की। यह माला साधारण नहीं थी, बल्कि इसमें दिव्य गुण थे। ऋषि दुर्वासा बालक के विनम्र स्वभाव और श्रद्धा से अत्यंत प्रसन्न हुए। उन्होंने उसे आशीर्वाद दिया और कहा, “यह माला अत्यंत शुभ है। इसे मैं किसी योग्य व्यक्ति को ही दूँगा।”
अपनी यात्रा के दौरान, दुर्वासा ऋषि स्वर्ग की ओर गए। वहाँ उनकी भेंट देवराज इंद्र से हुई, जो ऐरावत हाथी पर सवार होकर गर्व से घूम रहे थे। दुर्वासा ऋषि ने सोचा कि इंद्र देवताओं के राजा हैं, अतः यह माला उन्हें भेंट करना उचित होगा। ऋषि ने माला इंद्र को देते हुए कहा, “यह माला दिव्य है और इसमें देवी लक्ष्मी का आशीर्वाद है। इसे संभालकर रखना। यह तुम्हारे लिए कल्याणकारी होगी।”
इंद्र उस समय अपने वैभव और शक्ति के घमंड में चूर थे। उन्होंने ऋषि दुर्वासा के इस दिव्य उपहार को गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने माला को अपने हाथी ऐरावत के गले में डाल दिया। ऐरावत ने माला को अपनी सूंड से उतारकर जमीन पर फेंक दिया और उसे कुचल दिया। इस व्यवहार से दुर्वासा ऋषि अत्यंत क्रोधित हो गए। उन्होंने इसे न केवल माला का, बल्कि उनके द्वारा मिले आशीर्वाद और देवी लक्ष्मी का अपमान माना। क्रोध में भरे दुर्वासा ऋषि ने इंद्र को श्राप दिया, “हे इंद्र! तुम्हारे अहंकार और असम्मान के कारण देवी लक्ष्मी तुम्हारा साथ छोड़ देंगी। तुम अपने ऐश्वर्य, शक्ति और वैभव से वंचित हो जाओगे। स्वर्ग असुरों के अधीन हो जाएगा।”
दुर्वासा ऋषि के श्राप का प्रभाव तुरंत हुआ। देवी लक्ष्मी स्वर्ग से चली गईं, और स्वर्ग का वैभव समाप्त हो गया। देवता अपनी शक्तियाँ खो बैठे और असुरों ने स्वर्ग पर अधिकार कर लिया। इंद्र और अन्य देवताओं को स्वर्ग छोड़कर भटकना पड़ा।
घबराए हुए इंद्र और देवता भगवान विष्णु के पास गए और उनसे सहायता मांगी। भगवान विष्णु ने समझाया कि यह सब उनके घमंड का परिणाम है। देवी लक्ष्मी को पुनः प्रसन्न करने और वैभव वापस पाने के लिए समुद्र मंथन करना होगा। देवताओं और असुरों ने मिलकर समुद्र मंथन किया। मंथन से अनेक रत्न प्रकट हुए, जिनमें देवी लक्ष्मी भी थीं। देवी लक्ष्मी ने भगवान विष्णु को अपने पति के रूप में चुना और स्वर्ग में वापस आईं। इसके बाद स्वर्ग का वैभव लौट आया और असुरों का पराजय हुआ।
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⚜️ प्रतिपदा तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायिनी मानी जाती है। आज प्रतिपदा तिथि को अग्निदेव से धन प्राप्ति के लिए एक अत्यंत ही प्रभावी उपाय कर सकते हैं। इस अनुष्ठान से अग्निदेव से अद्भुत तेज प्राप्त करने के लिए भी आज का यह उपाय कर सकते हैं। साथ ही आज किसी विशिष्ट मनोकामना की पूर्ति भी इस अनुष्ठान के माध्यम से अग्निदेव से करवायी जा सकती हैं। इसके लिए आज अग्नि घर पर ही प्रज्ज्वलित करके गाय के शुद्ध देशी घी से (ॐ अग्नये नम: स्वाहा) इस मन्त्र से हवन करना चाहिये।
शास्त्र के अनुसार जिस व्यक्ति का जन्म प्रतिपदा तिथि में होता है वह व्यक्ति अनैतिक कार्यों में संलग्न रहने वाला होता है। ऐसा व्यक्ति कानून के विरूद्ध जाकर काम करने वाला भी होता है। ऐसे लोगों को मांस मदिरा काफी पसंद होता है अर्थात ये तामसी भोजन के शौकीन होते हैं। आम तौर पर इनकी दोस्ती ऐसे लोगों से होती है जिन्हें समाज में सम्मान की दृष्टि से नहीं देखा जाता अर्थात बदमाश और ग़लत काम करने वाले लोग।



