Today Panchang आज का पंचांग मंगलवार, 10 दिसम्बर 2024
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
मंगलवार 10 दिसम्बर 2024
10 दिसम्बर 2024 दिन मंगलवार मार्गशीर्ष मास शुक्ल पक्ष दशमी तिथि है। आज सम्पूर्ण दिवस रवियोग है। साथ ही आज सर्वार्थसिद्धियोग भी दिन में 11:30 AMबजे तक है। तो मित्रों आप सभी लोगों के लिए यह बड़ा ही सुन्दर संयोग भी है। अगर किसी को गाड़ी खरीदना हो तो निश्चित ही आज उसके लिए बहुत ही शुभ मुहूर्त है। अथवा किसी का कोई कार्य सरकारी दफ्तरों से सम्बंधित चल रहा हो या रह गया हो तो वो भी अपना कार्य आज करवा सकता है। आज बुध देवता पूर्व दिशा में उदित हो रहे हैं। आप सभी को “इस शुभ मुहूर्त” की हार्दिक शुभकामनायें।।
हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ।
🌌 दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए ।
मंगलवार को हनुमान जी की पूजा और व्रत करने से हनुमान जी प्रसन्न होते है। मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा एवं सुन्दर काण्ड का पाठ करना चाहिए।
मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।
🌐 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
🕉️ शिवराज शक 351
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर हेमंत ऋतु
🌤️ मास – मार्गशीर्ष मास
🌖 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – मंगलवार मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष दशमी तिथि 03:43 AM तक उपरांत एकादशी
🖍️ तिथि स्वामी – दशमी के देवता हैं यमराज। इस तिथि में यम की पूजा करने से नरक और मृत्यु का भय नहीं रहता है।
💫 नक्षत्र : नक्षत्र उत्तरभाद्रपदा 01:30 PM तक उपरांत रेवती
🪐 नक्षत्र स्वामी : उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र का स्वामी शनि है। वहीं राशि स्वामी गुरु है।
⚜️ योग : व्यातीपात योग 10:02 PM तक, उसके बाद वरीयान योग
⚡ प्रथम करण : तैतिल – 04:54 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : गर – 03:42 ए एम, दिसम्बर 11 तक वणिज
🔥 गुलिक काल : मंगलवार का गुलिक दोपहर 12:06 से 01:26 बजे तक।
🤖 राहुकाल (अशुभ) – दोपहर 15:13 बजे से 16:35 बजे तक। राहु काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है।
⚜️ दिशाशूल – मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो कोई गुड़ खाकर यात्रा कर सकते है।
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:46:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:14:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:14 ए एम से 06:09 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:41 ए एम से 07:03 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:53 ए एम से 12:35 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 01:58 पी एम से 02:39 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:22 पी एम से 05:50 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 05:25 पी एम से 06:47 पी एम
💧 अमृत काल : 08:59 ए एम से 10:30 ए एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:47 पी एम से 12:42 ए एम, दिसम्बर 11
⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग : 07:03 ए एम से 01:30 पी एम
❄️ रवि योग : पूरे दिन
🚓 यात्रा शकुन-दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ अं अंगारकाय नम:।
💁🏻♀️ आज का उपाय-हनुमान मंदिर में बूंदी के लड्डू चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – रवि योग/ सर्वार्थ सिद्धि योग/ मूल प्रारम्भ/ दत्तात्रेय जयंती/ राजगोपालाचार्य जयंती/ पशु अधिकार दिवस, शहीद वीर नारायण सिंह बलिदान दिवस, त्रिपुरा महाविद्या एवं अन्नपूर्णा जयंती, विश्व प्रसारण बाल दिवस, पद्म भूषण से सम्मानित हंसमुख धीरजलाल सांकलिया जन्म दिवस, अभिनेत्री रति अग्निहोत्री जन्म दिवस, स्वतंत्रता सेनानी चौधरी दिगम्बर सिंह शहीद दिवस, दिग्गज अभिनेता अशोक कुमार स्मृति दिवस, मानवाधिकार दिवस, इंतिफादा दिवस (फ़िलिस्तीनियों का आन्दोलन दिवस), भारतीय हस्तशिल्प सप्ताह (08-14 दिसम्बर), हवाई सुरक्षा दिवस (सप्ताह)
✍🏼 विशेष – दशमी तिथि को कलम्बी एवं परवल का सेवन वर्जित है। दशमी तिथि धर्मिणी और धनदायक तिथि मानी जाती है। यह दशमी तिथि पूर्णा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह दशमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है। दशमी को धन देनेवाली अर्थात धनदायक तिथि माना जाता है। इस दिन आप धन प्राप्ति हेतु उद्योग करते हैं तो सफलता कि उम्मीदें बढ़ जाती हैं।
🗺️ Vastu tips_ 🗽
सरसों के तेल का गिरना अगर आपकी रसोई में कभी सरसों का तेल गिर जाए, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। ये संकेत है कि आपके ऊपर या घर के किसी सदस्य के ऊपर शनि दोष है और उसे शनि ग्रह से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं। सरसों के तेल के गिरने के बाद यदि आप या घर का कोई सदस्य करियर में दिक्कतों का सामना कर रहा है, तो समझ जाइए शनि दोष हो सकता है। इसके साथ ही शनि दोष के कारण व्यक्ति के बनते काम भी बिगड़ते हैं। इसलिए सरसों के तेल के गिरने के बाद आपको शनिवार के दिन एक पात्र में सरसों का तेल लेकर, उस पात्र पर घर के लोगों का हाथ छुआकर दान कर देना चाहिए। ऐसा करने से शनि से संबंधित दोष दूर हो सकते हैं।
रसोई में दूध का गिरना दूध का गिरना भी वास्तु में अच्छा संकेत नहीं माना जाता। दूध को चंद्र ग्रह से जोड़कर देखा जाता है और साथ ही ये सुख-समृद्धि का भी प्रतीक है। अगर रसोई में दूध गिरने की घटना बार-बार हो रही है तो समझ जाइए, घर परिवार में किसी को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। किसी का स्वास्थ्य खराब हो सकता है या बड़ी धन हानि हो सकती है। इसलिए आपको दूध गिरने के बाद भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए और शिवलिंग पर दूध अर्पित करना चाहिए। ऐसा करने से आपके ऊपर आने वाली परेशानियां दूर हो सकती हैं।
❇️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
ज्यादा चीनी और मीठे पेय मीठी चीजें और कोल्ड ड्रिंक्स आंतों की सेहत के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं। इनमें अत्यधिक फ्रुक्टोज और आर्टिफिशियल स्वीटनर्स होते हैं जो आंतों के बैक्टीरिया का संतुलन बिगाड़ देते हैं। प्रभाव: ज्यादा चीनी का सेवन आंतों में हानिकारक बैक्टीरिया को बढ़ावा देता है, जिससे सूजन, कब्ज, और इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) जैसी समस्याएं हो सकती हैं। बचाव: चीनी की मात्रा को सीमित करें और फलों या गुड़ जैसे प्राकृतिक विकल्प अपनाएं।
डीप फ्राई और ऑयली फूड ज्यादा तला हुआ और वसायुक्त भोजन पचने में कठिन होता है। यह भोजन लंबे समय तक आंतों में रुककर संक्रमण और सूजन को बढ़ा सकता है। प्रभाव: ज्यादा तेल का सेवन आंतों के अंदर फैट की परत बना देता है, जिससे पोषक तत्वों का अवशोषण कम हो जाता है। बचाव: कम तेल में पका हुआ भोजन और स्टीम्ड या रोस्टेड विकल्प अपनाएं।
बहुत ज्यादा मसालेदार भोजन ज्यादा मसालेदार भोजन आंतों की लाइनिंग को नुकसान पहुंचा सकता है। यह लंबे समय तक एसिडिटी और पेट में जलन का कारण बन सकता है। प्रभाव: लगातार मसालेदार भोजन खाने से गैस्ट्रिक अल्सर और आंतों की सूजन हो सकती है। बचाव: हल्का और संतुलित भोजन खाएं, जिसमें मसालों की मात्रा सीमित हो।
🥝 आरोग्य संजीवनी 🩸
चंद्रप्रभा वटी के लाभ:
मूत्रव्यवस्था के गुण:चंद्रप्रभा वटी मूत्र प्रदर्शक के रूप में कार्य करती है। यह मूत्र में सुधार करती है और मूत्र मार्ग की विभिन्न बीमारियों जैसे कि मूत्राशय संक्रमण (UTI) के उपचार में सहायक होती है।
पाचन सुधारना:यह पाचन संबंधी समस्याओं, जैसे अपचन, गैस और कब्ज आदि को ठीक करने में मदद करती है। यह पाचन अग्नि (पाचन क्षमता) को बढ़ाती है।
वजन प्रबंधन:चंद्रप्रभा वटी शरीर में वसा के संचय को रोकने में मदद करती है, जिससे वजन कंट्रोल में रहने में मदद मिलती है।
मेटाबॉलिज्म को बढ़ाना:यह शरीर के मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने में मदद करती है, जिससे ऊर्जा का स्तर उच्च रहता है।
शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालना:यह एक डिटॉक्सिफायर की तरह कार्य करती है, जिससे शरीर में से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद मिलती है।
प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना: चंद्रप्रभा वटी इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद करती है, जिससे व्यक्ति रोगों से लड़ने की क्षमता में सुधार होता है।
🌹 गुरु भक्ति योग_ 🌷
धृतराष्ट्र महात्मा विदुर से पूछते हैं:-
जब सभी वेदों में पुरुष को 100 वर्ष की आयु वाला बताया गया है, तो वह किस कारण से अपनी पूर्ण आयु नहीं जी पाता।
विदुर जी कहते हैं:
अत्यंत अभिमान, अधिक बोलना, त्याग का अभाव, क्रोध, स्वार्थ, मित्रद्रोह- ये 6 तीखी तलवारें मनुष्य की आयु को कम करती हैं। ये ही मनुष्यों का वध करती हैं।
अभिमान यानी घमंड-
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ऊंचे पद वाले, अपनी प्रशंसा सुनने वाले, स्वयं को बलवान समझने वाले तथा स्वयं को बुद्धिमान, त्यागी, महात्मा मानने वाले लोग अभिमान का शिकार हो जाते हैं। जिस व्यक्ति में यह दोष आ जाता है वह दूसरे लोगों को अपने से निचले स्तर का मानने लगता है और अवसर आने पर उनका अपमान करने से भी नहीं चूकता। घमंड करने वाले के कई शत्रु भी हो जाते हैं। अंत में घमंड ही उस व्यक्ति की मृत्यु का कारण बनता है।
अधिक बोलने वाला
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जो व्यक्ति अधिक बोलता है तथा व्यर्थ की बातें करता है, वह सत्य का पूरी तरह से पालन नहीं करता और ऐसी बातें भी कर बैठता है, जिनका परिणाम बुरा होता है। ऐसा व्यक्ति बुद्धिमानों को प्रिय नहीं होता तथा दूसरों पर उसकी बातों का प्रभाव भी नहीं पड़ सकता। इसलिए अधिक शब्दों का प्रयोग न करके वाणी को संयमित रखना चाहिए, क्योंकि असंयमित वाणी से भी आयु कम होती है।
क्रोध यानी गुस्सा
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मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु क्रोध है। क्रोधी होने पर मनुष्य उस समय किए गए अपने कर्मों के परिणाम को भूल जाता है, जिससे उसका पतन होता है। श्रीमद्भागवत के अनुसार शरीर अंत से पूर्व जिसने क्रोध को पूरी तरह से जीत लिया, वह मनुष्य इस लोक में योगी और सुखी है। क्रोध को नरक का द्वार भी कहा गया है, जिसका अर्थ है क्रोधी मनुष्य को नरक में जाने के लिए अन्य मार्ग की आवश्यकता ही नहीं पड़ती, क्रोध अकेला ही उसे नरक में ले जाता है। क्रोध के दुष्परिणामों से भी आयु कम होती है।
त्याग का अभाव
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त्याग का अभाव होने के कारण ही रावण, दुर्योधन आदि का पतन हुआ। सांसारिक सुख मनुष्य की आयु को काटते हैं और उनका त्याग आयु में वृद्धि करता है। मनुष्य को इस बात का सदैव ध्यान रखना चाहिए कि हम इस संसार से कुछ लेने नहीं बल्कि दूसरों को सुख देने के लिए आए हैं। जिन लोगों के मन में त्याग की भावना नहीं होती, उनकी मृत्यु शीघ्र ही हो जाती है।
स्वार्थ यानी लालच
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स्वार्थ यानी लालच ही अधर्म का मूल कारण है। दुनिया में होने वाले अनेक युद्धों का कारण स्वार्थ (भूमि, धन या स्त्री) ही है। स्वार्थी मनुष्य अपना काम साधने के लिए बड़े से बड़ा पाप करने में भी शर्म का अनुभव नहीं करते। वर्तमान परिदृश्य में देखा जाए तो स्वार्थ के कारण ही आज पूरी दुनिया में पाप कर्म बढ़ रहे हैं और चारो ओर अशांति छाई हुई है। जिसके मन में स्वार्थ होता है, उसकी आयु कम हो जाती है।
मित्रद्रोही
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मित्रद्रोही यानी अपने मित्र को धोखा देने वाले पुरुष को शास्त्रों में अधम कहा गया है। मनुष्य जीवन में मित्रों का बहुत महत्व है। मित्रता से एक नई शक्ति का निर्माण होता है, जिससे शत्रुओं को भी भय होता है। पतन की ओर जाते हुए कई पुरुषों का उत्थान मित्रों ने किया है। मित्रद्रोही मनुष्य का जीवन नरक के समान होता है। मित्रद्रोही नामक दोष से बचने के लिए त्याग और दूसरों का हित करना परम आवश्यक है।
महात्मा विदुरजी ने आयु को काटने वाले जो 6 दोष बतलाए हैं, वे सभी प्राय: एक-दूसरे पर ही निर्भर है। इसलिए इन दोषों से बचना चाहिए।



