मध्य प्रदेश

पूंजीपतियों के हाथ चली गई गरीब की कृषि भूमि तहसीलदार का अजब गजब कारनामा

कृषि भूमि मे तहसीलदार हरि सिंह धुर्वे ने खेला था खेल
आवेदक ने जिला कलेक्टर की जन सुनवाई में लगाई न्याय की गुहार

रिपोर्टर :सतीश चौरसिया

उमरियापान । स्लीमनाबाद समीपस्थ ग्राम भेड़ा में स्थित कृषि भूमि का है जिसका खसरा नंबर क्रमशः 464, 468, 471 जो पटवारी हल्का नंबर 71 में है उक्त कृषि भूमि पर पूर्व में रहे तहसीलदार हरि सिंह धुर्वे ने एक गजब खेल खेला और बेचनामा इकरारनामा हुई कृषि भूमि को बिना पक्ष सुने पूंजीपतियों के हवाले कर दिया इस पूरे मामले को लेकर आवेदक चंद्रभान सिंह ठाकुर स्लीमनाबाद ने जिला कलेक्टर कटनी जनसुनवाई में एक शिकायत पत्र पेश कर न्याय की मांग की है।
जानकारी अनुसार आवेदक चंद्रभान ने बताया कि मैं आवेदक स्लीमनाबाद का निवासी हूँ ग्राम भेडा प.ह.नं. 71 रा.नि.मं. स्लीमनाबाद जिला कटनी में स्थित भूमि ख.नं. 464, 468, 471 रकवा 4.37 हे. पैत्रिक भूमि थी जो बडे पिता गोविन्द सिंह को प्राप्त हुई थी उक्त भूमि मेरे पिता स्व. हनुमान सिंह द्वारा दिनांक 22 अगस्त 2000 में एक लाख रू. राशि चुकता कर कय दिनांक से कब्जा कर खेती करते चले आ रहे है गोविन्द सिंह विक्रेता बडे भाई थे इस कारण स्टाम्प पर लिखा पढी की गई फिर उनका स्वास्थ खराब होने व सर्विस में रहने के कारण रजिस्टर्ड नही हो पाई थी उन्ही की सहमति से राजस्व अभिलेख के कालम नं. 12 में बेजा कब्जाधारी नाम मेरे पिता हनुमान सिंह का दर्ज कर दिया गया था। यह कि उक्त भूमि अंकित टेकाम प्रोपाईटर ललित मित्तल द्वारा चोरी छिपे गोविंद सिंह के फौत होने के बाद उनके वारसानों से क्रय किया और वर्ष 2022 में पदस्थ तहसीलदार हरि सिंह घुर्वे से मिलीभगत कर पूंजीपति होने व राजनैतिक प्रभाव व दुरभि संधी कर उक्त भूमि से अवैध ढंग से दर्ज कब्जा पृथक करने का आदेश 23 सितंबर 2022 को किया गया जिसकी अपील अनुविभागीय अधिकारी बहोरीबंद के समक्ष किया तो स्थगन दिया गया। लेकिन उक्त अपील में क्या आदेश किया गया इसकी जानकारी आज दिनांक तक पता नही चली तब मेरे द्वारा सी.एम. हेल्पलाईन शिकायत 19770296 दिनांक 08 नवंबर 2023 को किया था उसका निराकरण आज तक नही किया गया।
हरि सिंह धुर्वे ये वही साहब है जो पूर्व में जबलपुर में भूमाफियों के साथ देने के चक्कर में जेल गए है जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना ने तहसीलदार के सारे कृत्य देखते हुए जिले पर किए गए सभी फैसलों को निरस्त करने का निर्णय लिया गया है लेकिन उनकी पोल कटनी में भी कम नहीं है ऐसे बहुत से मामले है जिन पर गलत निर्णय तहसीलदार हरि सिंह धुर्वे द्वारा लिया गया है और दर्जनों किसानों के साथ अन्याय किया गया है बेचारे किसान आज तक कार्यालय के चक्कर लगा रहे है लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है आवेदक ने एक उम्मीद के साथ जिला कलेक्टर कटनी जनसुनवाई में अपनी व्यथा सुनाई है ताकि उसे न्याय मिल सके।

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