Today Panchang आज का पंचांग गुरुवार, 30 जनवरी 2025

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
गुरुवार 30 जनवरी 2025
आप सभी सनातनियों को माघ मास गुप्त नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं।।
मंगल श्री विष्णु मंत्र :-
मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुणध्वजः।
मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥
☄️ दिन (वार) – गुरुवार के दिन तेल का मर्दन करने से धनहानि होती है । (मुहूर्तगणपति)
गुरुवार के दिन धोबी को वस्त्र धुलने या प्रेस करने नहीं देना चाहिए।
गुरुवार को ना तो सर धोना चाहिए, ना शरीर में साबुन लगा कर नहाना चाहिए और ना ही कपडे धोने चाहिए ऐसा करने से घर से लक्ष्मी रुष्ट होकर चली जाती है ।
गुरुवार को पीतल के बर्तन में चने की दाल, हल्दी, गुड़ डालकर केले के पेड़ पर चढ़ाकर दीपक अथवा धूप जलाएं ।
इससे बृहस्पति देव प्रसन्न होते है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है ।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 विक्रम संवत : 2081 पिंगल संवत्सर विक्रम : 1946 क्रोधी
🌐 संवत्सर नाम पिंगल
🔯 शक सम्वत : 1946 (पिंगल संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5125
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
☂️ ऋतु – सौर शिशिर ऋतु
🌤️ मास – माघ मास
🌘 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि : गुरुवार माघ माह के शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि 04:10 PM तक उपरांत द्वितीया
🖍️ तिथि स्वामी – प्रतिपदा तिथि के देवता हैं अग्नि। इस तिथि में अग्निदेव की पूजा करने से धन और धान्य की प्राप्ति होती है।
💫 नक्षत्र : नक्षत्र श्रवण 07:15 AM तक उपरांत धनिष्ठा 05:50 AM तक उपरांत शतभिषा
🪐 नक्षत्र स्वामी : श्रवण नक्षत्र का स्वामी शनि ग्रह है। चन्द्रमा इस नक्षत्र का स्वामी है। और सरस्वती इसकी देवी हैं।
⚜️ योग : व्यातीपात योग 06:33 PM तक, उसके बाद वरीयान योग
⚡ प्रथम करण : बव – 04:10 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : बालव – 03:06 ए एम, जनवरी 31 तक कौलव
🔥 गुलिक कालः- गुरुवार का (शुभ गुलिक) 03:33:00 से 05:08:00 तक
⚜️ दिशाशूल – बृहस्पतिवार को दक्षिण दिशा एवं अग्निकोण का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से सरसो के दाने या जीरा खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल – दिन – 02:02 से 3:24 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:35:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:25:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:25 ए एम से 06:17 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:51 ए एम से 07:10 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:13 पी एम से 12:56 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:23 पी एम से 03:06 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:56 पी एम से 06:23 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या : 05:59 पी एम से 07:18 पी एम
💧 अमृत काल : 08:03 पी एम से 09:33 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:08 ए एम, जनवरी 31 से 01:01 ए एम, जनवरी 31
🚗 यात्रा शकुन-बेसन से बनी मिठाई खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरुवै नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-किसी विप्र को पीले वस्त्र भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार : गुप्त नवरात्रि प्रारम्भ/ पंचक प्रारम्भ/ बलिदान दिवस, विश्व कुष्ठ रोग दिवस, भारत के एक अर्थशास्त्री जे.सी. कुमारप्पा पुण्य तिथि, प्रसिद्ध लेखक नाथूराम प्रेमी स्मृति दिवस, भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी स्मृति दिवस, हरित क्रांति के पिता चिदंबरम सुब्रमण्यम जयन्ती, मेवाड़ के राणा संग्राम सिंह स्मृति दिवस, हिन्दी साहित्यकार माखन लाल चतुर्वेदी पुण्य तिथि, शहीद दिवस, राष्ट्रीय सर्वोदय दिवस, अंतरराष्ट्रीय सर्वोदय दिवस, नशामुक्त संकल्प और शपथ दिवस
✍🏼 तिथि विशेष – प्रतिपदा तिथि को कद्दू एवं कूष्माण्ड का दान एवं भक्षण दोनों ही त्याज्य बताया गया है। प्रतिपदा तिथि वृद्धि देनेवाली अर्थात किसी भी कार्य को अथवा कार्यक्षेत्र को बढ़ाने वाली तिथि मानी जाती है। साथ ही प्रतिपदा तिथि सिद्धिप्रद अर्थात कोई भी कार्य को निर्विघ्नता पूर्वक चरम तक पहुंचाने अर्थात सिद्धि तक पहुंचाने वाली तिथि भी मानी जाती है। इस प्रतिपदा तिथि के स्वामी अग्नि देवता को बताया गया है। यह प्रतिपदा तिथि नन्दा नाम से विख्यात मानी जाती है।।
🗼 Vastu tips 🗽
अगर आप नए घर में जा रहे हैं और इसे खुद या किसी इंटीरियर डिज़ाइनर की मदद से डिज़ाइन करने की योजना बना रहे हैं, तो हमेशा घर के वास्तु की जाँच करना उचित है। घर के लिए वास्तु शास्त्र वैज्ञानिक शोध पर आधारित है और यह डिज़ाइन, वास्तुकला और लेआउट के सिद्धांतों का वर्णन करता है। घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने और नकारात्मकता को दूर रखने के लिए, घर के लिए वास्तु सुझावों का पालन करना आवश्यक है।
मालिक का सोने का कमरा :आदर्श रूप से, दक्षिण-पश्चिम दिशा में स्थित शयनकक्ष अच्छे स्वास्थ्य और समृद्धि को सुनिश्चित करता है। बिस्तर को शयनकक्ष के दक्षिण-पश्चिम कोने में रखना चाहिए। बिस्तर के सामने दर्पण या टेलीविजन रखने से बचें।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
गरम पानी से भाप लें: नाक बंद होने पर गरम पानी की भाप लेने से बहुत फायदा होता है। आप एक बर्तन में गरम पानी लें और उसका भाप अपने चेहरे के पास लें। इससे नाक की नलिकाएँ खुल जाएँगी और साँस लेना आसान हो जाएगा। आप गरम पानी में थोड़ा सा नमक भी मिला सकते हैं, जो नाक की सूजन को कम करने में मदद करता है।
सिंहासन मुद्रा में बैठें: सिंहासन की मुद्रा यानी सीधे बैठ कर धीरे-धीरे गहरी साँस लेना भी नाक की नलिकाओं को खोलने में मदद करता है। यह मुद्रा न केवल शारीरिक रूप से राहत देती है, बल्कि मानसिक शांति भी प्रदान करती है।
नमक और पानी से कुल्ला करें: एक गिलास गरम पानी में आधा चम्मच नमक मिलाकर इससे गरारे करें। यह न केवल गले को राहत देता है, बल्कि नाक के भीतर की सूजन को भी कम करता है और बंद नाक को खोलने में मदद करता है।
तुलसी या अदरक का सेवन करें: तुलसी की पत्तियाँ या अदरक का काढ़ा बनाकर पीने से शरीर के अंदर से सूजन कम होती है और सांस लेने में राहत मिलती है। आप अदरक के छोटे टुकड़े उबाल कर उसमें शहद भी मिला सकते हैं।
ठंडी से बचें: जब नाक बंद हो, तो ठंडी हवा से दूर रहें। ठंडी हवा नाक की सूजन को और बढ़ा सकती है, जिससे समस्या और बढ़ सकती है।
💉 आरोग्य संजीवनी 🩸
मीठी नीम यानी कढीपत्ते के फायदे
रक्तचाप नियंत्रित रखने हेतु : उच्च रक्तचाप वाला व्यक्ति हर रोज़ 7-8 पत्ते हर रोज़ सुबह चबा चबा कर खाए तो उसका रक्तचाप नियंत्रित रहता हैं।
एंटीऑक्सीडेंट : ये पत्तिया शाम के समय चबाने से शरीर में विशिष्ट प्रकार की स्फूर्ति तथा उत्तेज़ना का संचार होता हैं। एक प्रकार से ये प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट की भाँती प्रभाव देता हैं।
पेचिश-आंव में : अगर आपको दस्त की समस्या हो गयी हैं तो कड़ी पत्ते की कुछ मात्रा जल में हलके से उबालकर उस जल को पीने से तुरंत लाभ होता हैं।
अतिसार में : अतिसार में इसके ताज़े हरे पत्तो का अर्क बहुत लाभदायक हैं।
नेत्र रोगो में : नेत्रों की ज्योति बढ़ाने हेतु अथवा रतौंधी की समस्या होने पर मीठा नीम की पत्तियों का चूर्ण 2 ग्राम मात्रा नित्य जल से ग्रहण करने से परम लाभ होता हैं। इस हेतु इन पत्तियों को छाया में सुखाकर फिर पीसा जाता हैं। ये चूर्ण जल्दी खराब नहीं होता और काफी समय तक सुरक्षित रहता हैं।
मर्दाना ताकत बढ़ाने हेतु : कड़ी पत्ता के पौधे की छाल का चूर्ण 1 ग्राम अथवा इसकी जड़ का चूर्ण 1 ग्राम, दूध में प्रयाप्त औटाकर मिश्री मिला कर पीने से यौन उत्तेजना में वृद्धि होती हैं, साथ ही शरीर भी पुष्ट होता हैं।
📖 गुरु भक्ति योग_ 🕯️
एक सेठ जी बहुत ही दयालु थे। धर्म-कर्म में यकीन करते थे। उनके पास जो भी व्यक्ति उधार माँगने आता वे उसे मना नहीं करते थे। सेठ जी मुनीम को बुलाते और जो उधार माँगने वाला व्यक्ति होता उससे पूछते कि “भाई ! तुम उधार कब लौटाओगे ? इस जन्म में या फिर अगले जन्म में?”
जो लोग ईमानदार होते वो कहते – “सेठ जी ! हम तो इसी जन्म में आपका कर्ज़ चुकता कर देंगे।” और कुछ लोग जो ज्यादा चालक व बेईमान होते वे कहते- “सेठ जी ! हम आपका कर्ज़ अगले जन्म में उतारेंगे।” और अपनी चालाकी पर वे मन ही मन खुश होते कि “क्या मूर्ख सेठ है ! अगले जन्म में उधार वापसी की उम्मीद लगाए बैठा है।” ऐसे लोग मुनीम से पहले ही कह देते कि वो अपना कर्ज़ अगले जन्म में लौटाएंगे और मुनीम भी कभी किसी से कुछ पूछता नहीं था। जो जैसा कह देता मुनीम वैसा ही बही में लिख लेता।
एक दिन एक चोर भी सेठ जी के पास उधार माँगने पहुँचा। उसे भी मालूम था कि सेठ अगले जन्म तक के लिए रकम उधार दे देता है। हालांकि उसका मकसद उधार लेने से अधिक सेठ की तिजोरी को देखना था। चोर ने सेठ से कुछ रुपये उधार माँगे, सेठ ने मुनीम को बुलाकर उधार देने को कहा। मुनीम ने चोर से पूछा- “भाई ! इस जन्म में लौटाओगे या अगले जन्म में ?” चोर ने कहा – “मुनीम जी ! मैं यह रकम अगले जन्म में लौटाऊँगा।” मुनीम ने तिजोरी खोलकर पैसे उसे दे दिए। चोर ने भी तिजोरी देख ली और तय कर लिया कि इस मूर्ख सेठ की तिजोरी आज रात में उड़ा दूँगा।
रात में ही सेठ के घर पहुँच गया और वहीं भैंसों के तबेले में छिपकर सेठ के सोने का इन्तजार करने लगा। अचानक चोर ने सुना कि भैंसे आपस में बातें कर रही हैं और वह चोर भैंसों की भाषा ठीक से समझ पा रहा है।
एक भैंस ने दूसरी से पूछा- “तुम तो आज ही आई हो न, बहन !” उस भैंस ने जवाब दिया- “हाँ, आज ही सेठ के तबेले में आई हूँ, सेठ जी का पिछले जन्म का कर्ज़ उतारना है और तुम कब से यहाँ हो ?” उस भैंस ने पलटकर पूछा तो पहले वाली भैंस ने बताया- “मुझे तो तीन साल हो गए हैं, बहन ! मैंने सेठ जी से कर्ज़ लिया था यह कहकर कि अगले जन्म में लौटाऊँगी। सेठ से उधार लेने के बाद जब मेरी मृत्यु हो गई तो मैं भैंस बन गई और सेठ के तबेले में चली आयी। अब दूध देकर उसका कर्ज़ उतार रही हूँ। जब तक कर्ज़ की रकम पूरी नहीं हो जाती तब तक यहीं रहना होगा।”
चोर ने जब उन भैंसों की बातें सुनी तो होश उड़ गए और वहाँ बंधी भैंसों की ओर देखने लगा। वो समझ गया कि उधार चुकाना ही पड़ता है, चाहे इस जन्म में या फिर अगले जन्म में उसे चुकाना ही होगा। वह चोर उल्टे पाँव सेठ के घर की ओर भागा और जो कर्ज़ उसने लिया था उसे फटाफट मुनीम को लौटाकर रजिस्टर से अपना नाम कटवा लिया।
हम सब इस दुनिया में इसलिए आते हैं, क्योंकि हमें किसी से लेना होता है तो किसी का देना होता है। इस तरह से प्रत्येक को कुछ न कुछ लेने देने के हिसाब चुकाने होते हैं। इस कर्ज़ का हिसाब चुकता करने के लिए इस दुनिया में कोई बेटा बनकर आता है तो कोई बेटी बनकर आती है, कोई पिता बनकर आता है, तो कोई माँ बनकर आती है, कोई पति बनकर आता है, तो कोई पत्नी बनकर आती है, कोई प्रेमी बनकर आता है, तो कोई प्रेमिका बनकर आती है, कोई मित्र बनकर आता है, तो कोई शत्रु बनकर आता है, कोई पङोसी बनकर आता है तो कोई रिश्तेदार बनकर आता है। चाहे दुःख हो या सुख हिसाब तो सबको देना ही पड़ता हैं। यही प्रकृति का नियम है।
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⚜️ प्रतिपदा तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है। आज प्रतिपदा तिथि को अग्निदेव से धन प्राप्ति के लिए एक अत्यंत ही प्रभावी उपाय कर सकते हैं। आज प्रतिपदा तिथि को इस अनुष्ठान से अग्निदेव से अद्भुत तेज प्राप्त करने के लिए भी आज का यह उपाय कर सकते हैं। साथ ही आज किसी विशिष्ट मनोकामना की पूर्ति भी इस अनुष्ठान के माध्यम से अग्निदेव से करवायी जा सकती हैं। इसके लिए आज अग्नि घर पर ही प्रज्ज्वलित करके गाय के शुद्ध देशी घी से (ॐ अग्नये नम: स्वाहा) इस मन्त्र से हवन करना चाहिये।।

