मध्य प्रदेश

30 जनवरी को मान्यता नियमों के विरोध में प्रदेश के प्राइवेट स्कूल बंद प

पलेरा में दिखा बंद का असर प्राइवेट स्कूल संचालन की नियमावली सरल किए जाने की मांग
रिपोर्टर : मनीष यादव
पलेरा : प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन जिला टीकमगढ़ के समस्त संचालकों द्वारा  स्कूल की मान्यता नवीनीकरण में आ रही विभिन्न कठिनाइयों को लेकर प्रदेश के सभी संगठनों के द्वारा दिनांक 30 जनवरी 2025 को एक दिवसीय विद्यालय बंद का आह्नान किया गया है ।
       अतः प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन जिला टीकमगढ़ इसका समर्थन करता है और सभी विद्यालय संचालक  एक दिन शैक्षणिक कार्य बंद कर दिया
आज सरकार की तानाशाही के कारण और नए नियमों के कारण सभी छोटे विद्यालय बंद होने की कगार पर हैं|
सरकार ने नए नियमों को इतना कठिन और मुश्किल बना दिया हैं जहां एक और *रजिस्टर्ड किरायनामा* अनिवार्य कर दिया है तो वहीं 30-40,000 रुपए की एफडी जमा करनी होगी  तथा 12-15,000 रुपये की फीस, और साथ ही साथ, कम से कम 11 कमरों की व्यवस्था होनी चाहिए। इन सब के चलते, छोटे विद्यालय, अपना स्कूल संचालित करने में असमर्थ होंगे, और निश्चित ही, प्रदेश के कम से कम पचास प्रतिशत के लगभग विद्यालय बंद हो जाएंगे।
इन छोटे विद्यालय के समर्थन में टीकमगढ़  संगठन  यह आवान करता है कि मध्य प्रदेश  के समस्त स्कूल राज्य शिक्षा केंद्र और  सरकार की इन तानाशाही नीतियों के खिलाफ एक दिवसीय सांकेतिक बंद का आवहन किया है जिसका असर आज पलेरा में देखने को मिला
एक और समस्या खड़ी कर दी गयी
सरकार ने पोर्टल पर नर्सरी से आठ्वी तक स्कूल संचालन करने वाले संचालकों के लिए एक तकनिकी समस्या भी खड़ी कर दी है कि वे नर्सरी से आठवीं तक यदि दो शिफ्ट में स्कूल चलाते हैं तो भी उन्हें 11 कमरे होना अनिवार्य हो गया है जबकि यदि किसी संचालक के पास किराय के भवन में मात्र 6 कमरे हैं और वो दो शिफ्ट में यदि अपना स्कूल चलाता है तो आराम से उस स्कूल को संचालित कर सकता है, लेकिन सरकार ने ऐसा कोई प्रावधान किया ही नहीं तो इस तरह के प्रावधान सरकार के द्वारा किये जा रहे हैं । आज छोटे स्कूलों के लिए किये जा रहे हैं कल बड़े स्कूलों के लिए सरकार कॉर्परिक सेक्टर को ला सकती है और बड़े स्कूल जो है वो फिर बंद होने की कगार पर होंगे प्राइवेट स्कूल संचालकों के द्वारा नई शिक्षा नीति में जो कड़े नियम बनाए गए हैं उनमें रियायत बरते जाने की मांग की गई जिससे संचालकों सहित छात्राओं का भविष्य सुनिश्चित हो सके कड़े नियम होने से कई स्कूल बंद हो सकते हैं सरकार से प्राइवेट स्कूल संचालकों के द्वारा नियमों में राहत दिए जाने की मांग की गई जिससे छोटे स्कूलों का संचालन आसानी से हो सके।

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